Lifestyle, Pregnancy, Health, Fitness, Gharelu Upay, Ayurveda, Beauty Tips Online News Magazine in Hindi

गर्भ में शिशु को हिचकी कब आती है?

0

गर्भावस्था के दौरान महिला अपने शरीर में बहुत से बदलाव का अनुभव करती है। महिला को प्रेगनेंसी के एक से नौ महीने तक बहुत से बदलाव शरीर में महसूस हो सकते हैं। साथ ही इस दौरान गर्भ में शिशु का विकास भी बढ़ता रहता है और शिशु भी गर्भ में बहुत सी हरकतें करता रहता है। ऐसे में गर्भ में शिशु क्या कर रहा है इसे महिला देख तो नहीं सकती है लेकिन गर्भ में शिशु की हलचल का अहसास महिला जरूर कर सकती है।

और गर्भ में शिशु का हलचल करना इस बात की और इशारा करता है की गर्भ में शिशु स्वस्थ हैं। लेकिन क्या आप जानती है की जब भी आपको पेट में हलचल महसूस होती है तो हर बार शिशु मूव कर रहा हो ऐसा जरुरी नहीं होता है बल्कि गर्भ में शिशु जब हिचकी लेता है तो भी महिला को ऐसा महसूस हो सकता है की गर्भ में शिशु हलचल कर रहा है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको गर्भ में शिशु के हिचकी लेने से जुडी जानकारी आपको बताने जा रहे हैं।

गर्भ में शिशु हिचकी लेना कब शुरू करता है?

जैसे ही शिशु की हार्टबीट आती है वैसे ही धीरे धीरे शिशु का विकास बढ़ने लगता है। और प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में शिशु के अंगो की आकृतियां बन जाती है। और प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में ही शिशु हिचकी लेना भी शुरू कर देता है। लेकिन पहली तिमाही में महिला को यह महसूस नहीं होता है और दूसरी व् तीसरी तिमाही में महिला चाहे तो यह जानने की कोशिश कर सकती है की गर्भ में शिशु कब मूवमेंट करता है और कब हिचकी लेता है।

माँ के गर्भ में शिशु के हिचकी लेने के कारण

  • ऐसा माना जाता है की शिशु का हिचकी लेने का कारण शिशु के फेफड़ों का विकास से जुड़ा होता है।
  • जब शिशु की गर्दन में गर्भनाल फंस जाती है तो भी शिशु को हिचकी आ सकती है।

कैसे पता चलता है की गर्भ में शिशु हिचकी ले रहा है या हलचल कर रहा है?

यदि प्रेग्नेंट महिला यह जानना चाहती है की गर्भ में शिशु हिचकी ले रहा है या हलचल कर रहा है। तो इसके लिए महिला को एक ही जगह पर आराम से बैठना चाहिए यदि शिशु की हलचल के झटके एक ही जगह पर महसूस होते हैं तो इसका मतलब यह होता है की शिशु हिचकी ले रहा है। और यदि शिशु थोड़ी जगह बदल बदल के मूव कर रहा है तो यह गर्भ में शिशु के किक मारने की निशानी होती है।

ध्यान रखें: यदि महिला को प्रेगनेंसी की दूसरी या तीसरी तिमाही में शिशु का हिचकी लेना अधिक महसूस होता है तो इसके लिए एक बार डॉक्टर से राय लेनी चाहिए। क्योंकि गर्भ में शिशु का ज्यादा हिचकी लेना खतरे का संकेत हो सकता है। और इसका कारण शिशु की गर्दन में गर्भनाल का फंसना हो सकता है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु के हिचकी लेने से जुडी जानकारी, यदि आप भी माँ बनने वाली है तो आपको भी इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। ताकि आपको बच्चे की हलचल और हिचकी लेने का फ़र्क़ समझ आ सकें जिससे आपके शिशु को होने वाली हर परेशानी से बचाने में मदद मिल सके।

Leave a comment