प्रेगनेंसी में दालों का सेवन क्यों करना चाहिए?

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि गर्भवती महिला जितना पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करती है उतना ही ज्यादा गर्भवती महिला व् बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। और दालें पोषक तत्वों की खान होती हैं इसीलिए गर्भवती महिला को दिन में एक कटोरी दाल का सेवन सेवन करने की सलाह डॉक्टर भी देते हैं। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम प्रेग्नेंट महिला को दालों का सेवन करने से कौन से फायदे मिलते हैं इस बारे में बताने जा रहे हैं।

प्रोटीन

दालें प्रोटीन का बेहतरीन स्त्रोत होती है जो गर्भवती महिला की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ बच्चे की कोशिकाओं के बेहतर विकास में भी मदद करता है। जिससे गर्भवती महिला को कमजोरी थकान जैसी परेशानी से राहत मिलने के साथ बच्चे के बेहतर शारीरिक व् दिमागी विकास में मदद मिलती है। इसके अलावा प्रोटीन युक्त दालों का सेवन करने से बाल, स्किन भी स्वस्थ रहते हैं।

फाइबर

दालों में फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो की पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है। और गर्भावस्था के दौरान पाचन क्रिया के धीमे होने के कारण गर्भवती महिला को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रोजाना एक कटोरी दाल का सेवन करने से गर्भवती महिला के पाचन तंत्र को मजबूत करने.कब्ज़ अपच जैसी परेशानियों से निजात पाने में मदद मिलती है। साथ ही दालों में मौजूद घुलनशील फाइबर ब्लड में शुगर को नियंत्रित रखने, वजन को कण्ट्रोल करने, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने, आदि में भी मदद करता है जिससे प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

कैल्शियम व् मैग्नीशियम

दालों में कैल्शियम व् मैग्नीशियम की मात्रा भी मौजूद होती है जो हड्डियों को मजबूत करने में बहुत मदद करती है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला यदि दालों का सेवन करती है तो इससे गर्भवती महिला की हड्डियों को मजबूत होने में मदद मिलती है। जिससे गर्भवती महिला को बॉडी में दर्द, कमजोरी, थकान जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है। साथ दालों का सेवन करने से गर्भ में बच्चे को भी कैल्शियम व् मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में मिलता है जिससे बच्चे की हड्डियों व् दांतों का विकास अच्छे से होता है।

एंटीऑक्सीडेंट्स

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से गर्भवती महिला की इम्युनिटी कमजोर पड़ जाती है। लेकिन दालों का सेवन करने से गर्भवती महिला की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है। क्योंकि दालों में एंटी ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। साथ ही इससे गर्भवती महिला व् बच्चे को संक्रमण से बचे रहने में मदद मिलती है।

आयरन

दालों में आयरन की मात्रा भी मौजूद होती है जो की गर्भवती महिला व् बच्चे दोनों के लिए जरुरी होता है। क्योंकि आयरन शरीर में खून की कमी को पूरा करने में मदद करता है जो की गर्भवती महिला को फिट रखने, खून की कमी के कारण होने वाली परेशानियों से गर्भवती महिला को बचाने, डिलीवरी के दौरान आने वाली कॉम्प्लीकेशन्स को कम करने में मदद करता है। साथ ही इससे शिशु तक भी ब्लड अच्छे से पहुँचता है जिससे बच्चे का विकास भी बेहतर होता है।

फोलेट

फोलेट गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए जरुरी पोषक तत्व होता है और दालों में यह भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। ऐसे में दालों का सेवन करने से गर्भ में शिशु तक फोलेट भरपूर मात्रा में पहुंचता है जिससे शिशु का शारीरिक व् मानसिक विकास बेहतर होने के साथ शिशु को जन्मदोष के खतरे से बचे रहने में भी मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो प्रेग्नेंट महिला को दालों का सेवन करने से मिलते हैं। ऐसे में इन बेहतरीन फायदों के लिए प्रेग्नेंट महिला को अपने एक समय के आहार में एक कटोरी किसी न किसी दाल का सेवन जरूर करना चाहिए।

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