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क्या आपको भी भूलने की बीमारी है?

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Bhulne Ki Bimari

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आज के समय में लोगों की दिनचर्या काफी व्यस्त होती जा रही है जिसकी वजह से अक्सर वे अपनी रखी हुई चीजों को भूल जाते है। जिसके कारण उन्हें बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वैसे तो ये बहुत बड़ी समस्या नहीं है लेकिन अगर आप लोगों के नाम, जरुरी तारीखे, जगह के नाम आदि भूलने लगे है तो समझ लें की स्थिति सामान्य नहीं है क्योंकि अगर इस तरह की परेशानी आपके साथ रोज हो रही है तो हो सकता है ये किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो। इन्ही बिमारियों में से एक है डिमेंशिया।

कुछ समय पहले की गयी जाँच में यह पता चला है की दुनिया भर में बहुत से लोग डिमेंशिया से ग्रस्त है और साल दर साल इसकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। यूँ तो भूलने की बीमारी के कई कारण होते है जैसे की नींद न पूरी होना, तनाव, शारीरिक कसरत नहीं करना, रहन सहन, पर्यावरण का प्रभाव आदि। इसके अलावा गलत खान पान भी आपकी इस समस्या का एक कारण हो सकता है। क्योंकि इस बात में कोई दोराहे नहीं है की आपका खान पान और डाइट, दिमाग और याददाश्त पर सीधा प्रभाव डालता है।

यह एक ऐसी बीमारी है जिसमे व्यक्ति धीरे-धीरे चीजों को भूलने लगता है। वैसे ये बीमारी अक्सर बड़ी उम्र के लोगों में ही देखी जाती है क्योंकि उनके मस्तिष्क की याद रखने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में अगर इसे समय रहते कंट्रोल नहीं किया गया तो यह गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे तो इसके लिए बाजार में बहुत सी दवाएं मिल ही जाती है लेकिन उन्हें खरीद पाना सभी के लिए संभव नहीं इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू तरीके बताने जा रहे है जिनकी मदद से इस समस्या को ठीक करने में मदद मिल सकती है। तो आइये जानते है भूलने की बीमारी ठीक करने के घरेलू इलाज!

भूलने की बीमारी ठीक करने के घरेलू तरीके

1. सेब :

भूलने की बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों के लिए सेब बहुत लाभकारी होता है। इसे खाने से इस बिमारी में राहत मिलती है। इसमें मौजूद विटामिन B1 फॉस्फोरस और पोटससियम आदि होते है जो ग्लूटामिक एसिड बनाने में मदद करता है। यह एसिड दिमाग में मौजूद कोशिकाओं को नियंत्रित करता है। प्रयोग के लिए सेब को 1 चम्मच शहद और 1 कप दूध के साथ खाएं। यह हमारे दिमाग की नसों के लिए टॉनिक के रूप में कार्य करता है और उन्हें सुचारु रूप से कार्य करने में मदद करता है।

2. अखरोट :भूलने की बीमारी

इस बीमारी में अखरोट का कार्य बहुत अलग होता है। ये दिमाग की कमजोरी को पहचान कर उसे दूर करने में मदद करता है। वैसे भी अखरोट अन्य ड्राई फ्रूट्स से काफी अलग है। प्रयोग के लिए 20 ग्राम अखरोट का रोजाना सुबह सेवन करें।

3. रोज़मैरी :

इस बीमारी के मरीजों के लिए रोजमैरी सबसे लाभकारी औषधि मानी जाती है। इसका प्रयोग याददाश्त बढ़ाने वाली जड़ी बूटी के रूप में किया जाता है। पुराने समय में ग्रीक और रोम के लोग राजमैरी के फूलों से इत्र बनाकर इसकी खुशबु सुंघा करते थे और माना जाता था की इससे दिमाग स्थिर रहता है। रोज़मैरी के फूलों से बनी हुई चाय का दिन में 1 से 2 बार सेवन करने से मस्तिष्क का विकास होता है।

4. ब्राह्मी बूटी :

भूलने की बीमारी में ब्राह्मी बूटी भी रामबाण के रूप में कार्य करती है। प्रयोग के लिए 7 ग्राम ब्राह्मी बूटी को सुखाकर उसे पानी के साथ पीस लें और उसमे 7 बादाम और काली मिर्च के दाने मिलाएं और फिर 25 ग्राम चीनी मिलाएं। रोजाना सुबह शाम इसका खाली पेट सेवन करें, फायदा होगा।

5. बादाम :

बादाम खाने से बुद्धि तेजज होती है। सेवन के लिए 20 बादाम को रातभर पानी में भिगो दें। सुबह इसका छिलका उतार कर उसका पेस्ट बना लें और उसमे 1 चम्मच मक्खन मिलाकर इसका सेवन करें। इसके अतिरिक्त नाक में सुबह-शाम 5 से 10 बूंद बादाम का तेल डालने से याददाश्त तेज होती है।

6. तेजपत्ता :

तेजपत्ता भी कमजोर मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। यह मस्तिष्क के कॉरटेक्स पर सीधा असर करती है जिससे दिमागी थकान तो दूर होती ही है साथ-साथ एकाग्रता भी बढ़ती है। सके तेजपात्तों से बनी चाय पीने से स्मरण शक्ति तेज होती है।

7. जीरा :

भूलने की बीमारी होने पर 3 ग्राम जीरे को 2 चम्मच शहद में मिलाएं और रोजाना सुबह इसका सेवन करें। फायदा होगा।

8. काली मिर्च :

बीमारी से निजात पाने के लिए पांच काली मिर्च के दाने पीस लें और उसमे एक चम्मच शहद मिलाएं। सुबह शाम इससे पानी में मिलाकर नहाएं। इलाज में फायदा होगा।

9. फल :

इन उपायों के अलावा कुछ फल भी है जिनमे फॉस्फोरस होता है और ये दिमाग की कोशिकाओं को आराम पहुंचाता है। जैसे की अंजीर, अंगूर, संतरा, खजूर आदि कुछ ऐसे ही फल है।

10. खान पान :

इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को अपने खान-पान का उचित ध्यान रखना चाहिए। उन्हें ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिसमे फॉस्फोरस और पोटैशियम हो। जैसे की – दाल, अखरोट, अंडे का पीला हिस्सा , जूस और दूध। इस में गाय का दूध ज्यादा फायदा करता हैं और दूध से खाना पचाने में आसानी होती हैं।

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