प्रेगनेंसी में छाती में दर्द होने के कारण?

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को तरह तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे की उल्टियां होना, शरीर के अंगों में दर्द होना, सूजन होना, पेट सम्बन्धी समस्या होना, सीने में जलन होना दर्द होना, ब्रेस्ट में हल्का दर्द रहना, बार बार यूरिन आना, भूख कम या ज्यादा लगना आदि। और प्रेगनेंसी के दौरान यह सब परेशानियां होना बहुत ही आम बात होती है। कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने तक इन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

तो कुछ महिलाएं पहली तिमाही के बाद ठीक हो जाती है। साथ ही ऐसा भी जरुरी नहीं होता है की हर महिला को एक ही तरह की समस्या हो बल्कि यह पूरी तरह महिला की शारीरिक अवस्था पर निर्भर करता है। ऐसे में महिला को ज्यादा दिक्कत नहीं हो और माँ व् बच्चा प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहे इसके लिए महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। तो आज इस आर्टिकल में हम प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली छाती में दर्द की समस्या के बारे में बात करने जा रहे हैं।

क्यों होता है प्रेगनेंसी में छाती में दर्द?

गर्भवती महिला को यदि प्रेगनेंसी के दौरान छाती में दर्द की समस्या रहती है तो इस समस्या के होने का कोई एक कारण नहीं होता है। बल्कि ऐसे कई कारण होते हैं जिनकी वजह से महिला को इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जैसे की:

अस्थमा

जिन गर्भवती महिलाओं को अस्थमा की समस्या होती है उन महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान छाती में दर्दम सांस फूलने जैसी समस्या प्रेगनेंसी के दौरान हो सकती है।

एसिडिटी

अधिकतर गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान एसिडिटी की समस्या से परेशान रहती है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान पाचन क्रिया थोड़ा धीमे काम करती है। और इस वजह से खाना अच्छे से हज़म नहीं हो पाता है और महिला को अपच व् कब्ज़ होने के कारण एसिडिटी होने लगती है। जिसके कारण महिला को छाती में दर्द भी महसूस हो सकता है।

संक्रमण

यदि प्रेग्नेंट महिला को किसी तरह का संक्रमण या फ्लू हो गया है तो इसकी वजह से खांसी जुखाम जैसी समस्या हो सकती है। और खांसी जुखाम होने के कारण कफ जमने लगता है जिसके कारण जब भी आप खांसते हैं या छींकते हैं तो इसकी वजह से छाती में दर्द महसूस हो सकता है।

गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में शिशु का विकास बढ़ने के साथ पेट के आस पास के हिस्सों व् फेफड़ों पर थोड़ा दबाव पड़ना शुरू हो जाता है। जिसकी वजह से महिला को सीने में दर्द, हार्ट बीट बढ़ना जैसी समस्या हो सकती है।

ब्लड प्रैशर बढ़ने के कारण

जिन गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रैशर की समस्या होती है उन महिलाओं को ब्लड प्रैशर में होने वाले उतार चढ़ाव के कारण छाती में दर्द की समस्या हो सकती है।

तनाव

कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान तनाव का शिकार भी हो जाती है जिसकी वजह से वो हर चीज के बारे में ज्यादा सोचने लगती है। और यही तनाव कई बार महिला के सिर दर्द के साथ छाती दर्द का कारण भी बन जाता है।

वजन

जिन महिलाओं का वजन प्रेगनेंसी के दौरान जरुरत से ज्यादा बढ़ जाता है उन महिलाओं को भी प्रेगनेंसी के दौरान सीने में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

नींद कम लेना

नींद कम लेने के कारण भी शरीर में असहजता महसूस हो सकती है जिसकी वजह से महिला की शारीरिक परेशानियां बढ़ सकती है। और इन्ही शारीरिक परेशानियों की वजह से महिला को छाती में दर्द जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।

प्रेगनेंसी में होने वाले छाती में दर्द से बचने के उपाय

  • यदि प्रेग्नेंट महिला ऐसी डाइट लेती है जिसे पचाने में महिला को आसानी होती है साथ ही वो डाइट पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है तो इससे महिला को पेट सम्बन्धी दिक्कत नहीं होती है तो इससे महिला को एसिडिटी जैसी समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है जिससे छाती के दर्द की समस्या से बचे रहने में भी मदद मिलता है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान महिला को मौसम का बदलाव होने पर अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, साफ़ सफाई का ध्यान रखना चाहिए, किसी संक्रमित व्यक्ति के पास नहीं जाना चाहिए, इससे महिला को खांसी जुखाम से बचे रहने के साथ छाती में दर्द की समस्या से बचे रहने में भी मदद मिलती है।
  • जो महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान अपने वजन को नियंत्रित रखती है उन्हें भी इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।
  • तनाव से दूरी रखने के साथ गर्भवती महिला को अपने आप को खुश रखना चाहिए। ऐसा करने से गर्भवती महिला को छाती में दर्द की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।
  • नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करें।
  • पानी का भरपूर सेवन करें, नींद भरपूर लें।
  • थोड़ा देर व्यायाम, योगा, मैडिटेशन आदि जरूर करें।

छाती में दर्द की समस्या होने पर डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

यदि महिला को उठते, बैठते, लेटते समय छाती में दर्द ज्यादा महसूस होने के साथ अन्य लक्षण जैसे की बुखार, उल्टियां आदि भी महसूस हो रहे हैं या फिर महिला से दर्द बर्दाश ही नहीं हो रहा है। तो ऐसे कुछ केस में गर्भवती महिला को तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। क्योंकि छाती में दर्द की समस्या को अनदेखा करना महिला व् बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान छाती में दर्द होने की समस्या के कारण व् इस समस्या से बचने के असरदार उपाय, यदि आप भी माँ बनने वाली है तो प्रेगनेंसी के दौरान इस बात का आपको ध्यान रखना चाहिए की कब छाती में दर्द होना सामान्य होता है कब नहीं, ताकि प्रेगनेंसी में होने वाली दिक्कतों से बचे रहने में आपको मदद मिल सकें।

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