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इन गलतियों की वजह से बेबी का वजन जन्म के समय कम होता है?

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प्रेगनेंसी के दौरान महिला के लिए गर्भ में पल रहे शिशु का विकास सबसे अहम होता है। इसीलिए महिला प्रेगनेंसी के दौरान हर वो काम करती है जिससे गर्भ में शिशु का विकास अच्छे से हो सके। लेकिन फिर भी कुछ केस ऐसे होते हैं जिसमे जन्म के समय बच्चे के वजन में कमी जैसी समस्या देखने को मिलती है। आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ कारण या वजह बताने जा रहे हैं जिनकी वजह से गर्भ में शिशु के विकास में कमी आती है और जन्म के समय शिशु के वजन में कमी जैसी परेशानी होती है।

पोषक तत्वों की कमी

गर्भावस्था के समय महिला को भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त डाइट लेने की सलाह दी जाती है, प्रीनेटल विटामिन लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन यदि महिला डाइट या दवाइयों के प्रति लापरवाही बरतती है तो इसकी वजह से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। जिस कारण गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर असर पड़ता है और बच्चे का वजन सही तरीके से नहीं बढ़ता है। और इसका नतीजा यह होता है की जन्म के समय शिशु के वजन में कमी जैसी समस्या होती है।

कैफीन

प्रेग्नेंट महिला को कैफीन युक्त चीजें जैसे की चाय, कॉफी, कैफीन युक्त चॉकलेट्स आदि का सेवन सिमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है। लेकिन यदि महिला जरुरत से ज्यादा इन चीजों का सेवन करती है। तो इसकी वजह से गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर नकारात्मक असर पड़ता है। जिसकी वजह से बच्चे के वजन में कमी आ सकती है।

नशीले पदार्थों का सेवन

प्रेग्नेंट महिला को नशीले पदार्थों जैसे की अल्कोहल, धूम्रपान आदि न करने की सलाह दी जाती है साथ ही ऐसी जगह पर भी न जाने की सलाह दी जाती है जहां कोई धूम्रपान कर रहा हो या नशीले पदार्थों का सेवन कर रहा हो। ऐसे में यदि महिला इनका सेवन करती है या धूम्रपान के संपर्क में आती है तो इसका बुरा असर गर्भनाल से शिशु तक पहुँचता है। जिसके कारण शिशु के शारीरिक के साथ मानसिक विकास में कमी आने का खतरा भी बढ़ जाता है। और इसी कारण की वजह से जन्म के समय बच्चे के वजन में कमी आने चांस बढ़ जाते हैं।

समय पूर्व डिलीवरी

यदि किसी महिला की डिलीवरी समय से पहले हो जाती है तो इस कारण भी जन्म के समय बच्चे के वजन में कमी आ सकती है। क्योंकि उस समय तक गर्भ में शिशु का विकास अच्छे से नहीं हो पाता है। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान शारीरिक परेशानियां अधिक होने के कारण, लापरवाही करने के कारण, आदि महिला की डिलीवरी समय से पहले होने का खतरा होता है।

गर्भ में शिशु ज्यादा होना

यदि किसी महिला के गर्भ में जुड़वा बच्चे हैं या ट्रिप्लेट्स हैं तो इसकी वजह से भी जन्म के समय बच्चे के वजन में कमी जैसी समस्या आ सकती है।

संक्रमण

गर्भावस्था के दौरान महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है लेकिन यदि महिला गर्भाशय में संक्रमण, या अन्य किसी संक्रमण से ग्रस्त हो जाती है। तो इसकी वजह से भी शिशु पर बुरा असर पड़ने के चांस ज्यादा होते हैं। जिसके कारण जन्म के समय बच्चे के वजन में कमी जैसी समस्या देखने को मिल जाती है।

गर्भाशय से जुडी समस्या

यदि किसी गर्भवती महिला को गर्भाशय से जुडी समस्या है जैसे की रसौली है या अन्य कोई समस्या है तो इसका असर भी गर्भ में शिशु के विकास पर पड़ सकता है जिसकी वजह से जन्म के समय शिशु के वजन में कमी जैसी समस्या उत्त्पन्न हो सकती है।

गर्भनाल से जुडी समस्या

गर्भनाल के माध्यम से गर्भ में पल रहे शिशु तक पोषक तत्वों, ब्लड, ऑक्सीजन आदि को भरपूर मात्रा में पहुँचाया जाता है। लेकिन यदि किसी गर्भवती महिला को गर्भनाल से जुडी समस्या होती है तो इस कारण शिशु के विकास में कमी आ सकती है और जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने का खतरा होता है।

हाई ब्लड प्रैशर

प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिला को हाई ब्लड प्रैशर की समस्या होने के कारण भी जन्म के समय बच्चे के वजन में कमी जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है। क्योंकि हाई ब्लड प्रैशर होने के कारण शिशु तक पोषक तत्व, ब्लड आदि सही से नहीं पहुँच पाता है जिसकी वजह से शिशु को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

शुगर

यदि कोई गर्भवती महिला शुगर से पीड़ित है तो भी जन्म के समय शिशु के वजन में कमी आने की समस्या होने का खतरा अधिक होता है।

तनाव

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को खुश रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि यदि कोई महिला तनाव से ग्रसित होती है तो इसकी वजह से गर्भ में शिशु के विकास पर बुरा असर पड़ता है। और महिला को समय से पहले डिलीवरी, बच्चे के शारीरिक व् मानसिक विकास में कमी जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पहले बच्चे का जन्म में भी कोई दिक्कत रही हो

यदि महिला का पहला बच्चा भी कम वजन वाला हुआ है तो इसके कारण भी दूसरे बच्चे का वजन भी जन्म के समय कम होता हो सकता है। लेकिन ऐसा होगा ही यह कोई जरुरी नहीं है।

गर्भ में बच्चे का वजन सही रहे इसके लिए क्या करें?

बच्चे का विकास पूरी तरह से अपनी माँ पर ही निर्भर करता है ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए ताकि जन्म के समय बच्चे को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हो। जैसे की:

  • महिला को कैफीन, नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेनी चाहिए और समय पर अपने आहार का सेवन करना चाहिए।
  • खुश रहना चाहिए।
  • किसी भी तरह की शारीरिक समस्या होने पर उसे अनदेखा न करते हुए तुरंत डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।
  • डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों का समय से सेवन करने के साथ समय पर अपनी जांच करवानी चाहिए।
  • योगासन व् मैडिटेशन करना चाहिए जिसे महिला स्वस्थ रहे और महिला के साथ गर्भ में बच्चा भी स्वस्थ रहें।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से गर्भ में पल रहे शिशु के वजन में कमी जैसी दिक्कत आ सकती है। ऐसे में जरुरी होता है की महिला प्रेगनेंसी के दौरान अपना अच्छे से ध्यान रखे ताकि महिला को किसी भी तरह की शारीरिक समस्या नहीं हो। जिससे गर्भ में शिशु का विकास भी अच्छे से हो और जन्म के समय बच्चे को होने वाली परेशानियों से बचे रहने में मदद मिल सके।

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