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सिजेरियन डिलीवरी के बाद पीरियड्स में क्या बदलाव आते हैं?

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डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में बहुत से बदलाव आते हैं खासकर पीरियड्स में आपको यह बदलाव सबसे ज्यादा महसूस होता है। जब महिला की डिलीवरी सिजेरियन तरीके से होती है तो महिला के पेट के निचे के हिस्से और गर्भाशय में चीरा लगाकर बच्चे को बाहर निकाला जाता है। और उसके बाद उसे वहां पर टाँके लगाकर बंद भी कर दिया जाता है।

साथ ही महिला को प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने तक पीरियड्स नहीं आते हैं, हाँ कुछ महिलाओं को हल्की ब्लीडिंग होती रहती है। लेकिन जैसे ही महिला की डिलीवरी होती है उसके तुरंत बाद महिला को पीरियड्स आने शुरू हो जाते हैं। और यह पीरियड्स महिला को बीस से तीस दिन तक रह सकते हैं।

शुरूआती दिनों में जहां महिला को हैवी फ्लो होता है वहीँ धीरे धीरे ब्लीडिंग होना कम होता जाता है। उसके बाद जब महिला को पहला पीरियड आता है तो उसमे महिला को कुछ बदलाव महसूस हो सकते हैं। तो आइये अब इस आर्टिकल में जानते हैं की सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला के पीरियड्स में क्या बदलाव आते हैं।

तीन महीने बाद आ सकते हैं पीरियड

महिला को डिलीवरी के तीन महीने के बाद पहला पीरियड आ सकता है कुछ महिलाओं को छह महीने भी लग सकते हैं, यह पूरी तरह से शरीर की प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है। ऐसे में हर महिला के पहला पीरियड आने का समय अलग अलग हो सकता है। लेकिन अधिकतर महिलाओं को तीन से पांच महीने तक ब्लीडिंग होना शुरू हो जाता है शुरुआत में पीरियड्स का चक्र थोड़ा अनियमित हो सकता है लेकिन उसके बाद धीरे धीरे यह नियमित होता रहता है।

ब्लीडिंग बढ़ सकती है

जहां आपको पहले तीन से पांच दिन तक ब्लीडिंग होती थी वहीँ सिजेरियन डिलीवरी के बाद जब आपको पहला पीरियड आता है तो यह एक हफ्ते तक रह सकता है। साथ ही आपको शुरुआत में हैवी ब्लीडिंग व् दर्द जैसी परेशानी भी हो सकती है ऐसा होने का कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव होते हैं। और आपको दिन भर में पांच से छह पैड बदलने की जरुरत पड़ सकता है ऐसे में आप अच्छी क़्वालिटी के पैड का ही इस्तेमाल करें ताकि वो लम्बे समय तक चल सकें। लेकिन ध्यान रखें की छह से आठ घंटे में आप पैड को जरूर बदलें ताकि इन्फेक्शन का खतरा नहीं हो।

दर्द अधिक महसूस हो सकता है

सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते रहते हैं ऐसे में जब महिला को पीरियड्स आते हैं तो हो सकता है की महिला को पहले के मुकाबले अधिक दर्द व् ऐंठन महसूस हो। पेट के साथ साथ कमर, टांगों, जाघों के आस पास, पेट के निचले हिस्से में अधिक दर्द महसूस हो सकता है ऐसे में आप सिकाई करके इस समस्या से राहत पा सकते हैं।

पीरियड्स कम भी हो सकते हैं

ऐसा नहीं है की हर महिला को डिलीवरी के बाद हैवी ब्लीडिंग ही हो बल्कि यह शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव पर निर्भर करता है। जहां कुछ महिलाओं को डिलीवरी के बाद पीरियड्स ज्यादा हो सकते हैं वहीँ कुछ महिलाओं को पीरियड्स कम भी हो सकते है।

सिजेरियन डिलीवरी के बाद मासिक धर्म के अनियमित होने के कारण

महिला की डिलीवरी के बाद यदि महिला को पीरियड्स अनियमित हो सकता हैं तो इसका कारण थायरॉयड, वजन, तनाव, अधिक उम्र आदि हो सकते हैं ऐसे में आप घबराएं नहीं बल्कि आप चाहे तो एक बार डॉक्टर की राय जरूर ले सकते हैं।

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

जब महिला को पीरियड्स एक हफ्ते से ज्यादा आये और ब्लीडिंग भी बहुत ज्यादा हो रही हो, पेट में असहनीय दर्द या बुखार जैसे लक्षण महसूस हो तो ऐसा महसूस होने पर आपको अनदेखा न करते हुए एक बार डॉक्टर से मिलना चाहिए। साथ ही आपको डिलीवरी के छह महीने बाद भी यदि पीरियड आने शुरू नहीं होते हैं तो आपको एक बार डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

तो यह हैं कुछ बदलाव जो सिजेरियन डिलीवरी होने के बाद महिला को पहला पीरियड आने पर महसूस हो सकते है। यदि आपकी डिलीवरी भी सिजेरियन हुई है तो आपको भी यह बदलाव महसूस हो सकते हैं।

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