प्रेगनेंसी के 10 खतरनाक संकेत?

0

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को बहुत सी परेशानियां हो सकती है जैसे की उल्टी होना, बॉडी पेन होना, सिर दर्द, चक्कर आना, कमजोरी व् थकान महसूस होना, मूड स्विंग होना, तनाव होना, आदि। और गर्भावस्था के दौरान थोड़ी बहुत शारीरिक परेशानी होना बहुत आम बात होती है। क्योंकि गर्भाधारण के बाद से ही महिला के शरीर में हार्मोनल बदलाव हो रहे होते हैं, महिला का वजन बढ़ता है जिसकी वजह से महिला को यह दिक्कतें हो सकती है।

लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियों के बारे में महिला को पूरी जानकारी रखनी चाहिए। क्योंकि गर्भावस्था के दौरान यदि महिला को कोई दिक्कत ज्यादा होती है और महिला उसे अनदेखा करती है तो इसकी वजह से महिला व् बच्चे को दिक्कत हो सकती है। तो आइये अब इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे दस खतरनाक संकेत बताने जा रहे हैं जो प्रेग्नेंट महिला को यदि महसूस हो तो महिला को उसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

ब्लीडिंग की समस्या

गर्भावस्था की शुरुआत में, प्रेगनेंसी के दौरान सम्बन्ध बनाने पर, महिला की वजाइनल जांच होने पर प्रेग्नेंट महिला को स्पॉटिंग की समस्या हो सकती है। लेकिन इसके अलावा यदि महिला को ब्लीडिंग की समस्या हो और ब्लीडिंग ज्यादा हो रही हो या थोड़ी थोड़ी हो रही हो लेकिन एक दिन तक या उससे ज्यादा हो तो महिला को उसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान ब्लीडिंग की समस्या का अधिक होना गर्भपात का संकेत होता है।

धुंधला दिखाई देना

यदि गर्भवती महिला को धुंधला दिखाई देने की समस्या होतो है तो भी महिला को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा होने का कारण हाई ब्लड प्रैशर या गेस्टेशनल शुगर हो सकता है। जिसे अनदेखा करने के कारण महिला को ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

READ  प्रेगनेंसी में दूध और खजूर का सेवन करना चाहिए या नहीं?

पेट या पीठ में दर्द

गर्भवती महिला को पेट में हल्का फुल्का पेट या पीठ में दर्द महसूस होना बहुत आम बात होती है। लेकिन यदि महिला को बहुत तेज पेट या पीठ में दर्द महसूस हो तो महिला के लिए यह खतरे का संकेत हो सकता है।

फीवर (बुखार)

प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है लेकिन यदि महिला के शरीर का तापमान ज्यादा बढ़ जाता है। और महिला को एक या उससे ज्यादा दिन तक बुखार होता है तो महिला को तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए क्योंकि शरीर का तापमान ज्यादा बढ़ने की वजह से गर्भपात होने का खतरा रहता है। साथ ही डॉक्टर के बिना बताएं महिला को किसी भी दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए।

सूजन

प्रेगनेंसी के समय महिला को पैरों में सूजन की समस्या होना आम बात होती है। लेकिन यदि महिला को पैरों के साथ हाथों, मुँह पर भी सूजन हो जाये साथ ही सूजन बहुत ज्यादा हो। तो महिला को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह गर्भवती महिला के हाई ब्लड प्रैशर या अन्य किसी शारीरिक समस्या से पीड़ित होने के लक्षण होते हैं। जिन्हे नज़रअंदाज़ करने से महिला की मुश्किलें बढ़ सकती है।

बच्चे की हलचल में कमी

प्रेगनेंसी के पाचंवें महीने में ज्यादातर शिशु गर्भ में हलचल करना शुरू कर देते हैं। और शिशु का अच्छे से हलचल करना गर्भ में शिशु के बेहतर विकास की और इशारा करता है। लेकिन यदि गर्भ में पल रहा शिशु हलचल नहीं करें और एक से डेढ़ घंटे तक बहुत कोशिश करने के बाद भी आपको शिशु की हलचल महसूस नहीं हो तो महिला को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह गर्भ में शिशु से सम्बंधित खतरे का संकेत होता है।

READ  डिलीवरी के बाद बड़ी उम्र का दिखने से ऐसे बचाएं अपने आप को?

समय से पहले डिलीवरी पेन होना

यदि गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही या तीसरी तिमाही में लेबर पेन शुरू हो जाता है। तो इसकी वजह से प्रीमेच्योर डिलीवरी होती है जो गर्भ में शिशु के वजन में कमी, शिशु के विकास में कमी जैसी समस्या होती है। ऐसे में गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के समय किसी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए। साथ ही अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। ताकि महिला को ऐसी कोई भी समस्या नहीं हो।

वजाइनल डिस्चार्ज

प्रेगनेंसी के समय महिला को वजाइना से थोड़ा बहुत सफ़ेद पानी आना आम बात होती है। लेकिन यदि महिला को समय से पहले वजाइनल डिस्चार्ज अधिक होता है तो यह पानी की थैली फटने की तरफ इशारा करता है। और डिलीवरी का समय पास आने से पहले वजाइनल डिस्चार्ज अधिक होना शिशु के लिए खतरा होता है।

सफ़ेद पानी की समस्या

गर्भावस्था के दौरान थोड़ा बहुत सफ़ेद पानी निकलना बहुत अच्छी बात होती है क्योंकि यह बच्चे को संक्रमण से सुरक्षित रखने में मदद करता है। लेकिन यदि महिला को सफ़ेद पानी अधिक आये, पानी में बदबू हो या पानी का रंग अलग सा हो तो ऐसा होना वजाइनल इन्फेक्शन का संकेत होता है। ऐसे में महिला को जितना हो सके इसे अनदेखा न करते हुए डॉक्टर से मिलना चाहिए क्योंकि इस समस्या के बढ़ने के कारण महिला की दिक्कत भी बढ़ सकती है।

सिर दर्द की समस्या

बहुत सी महिलाओं को प्रेगनेंसी के समय थोड़ा बहुत सिर में दर्द की समस्या हो सकती है। लेकिन यदि महिला की यह परेशानी अधिक हो और सिर दर्द बहुत ज्यादा होता हो साथ ही चक्कर व् बेहोशी की समस्या भी हो तो महिला को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान ऐसा होना हाई ब्लड प्रैशर की समस्या होने का संकेत होता है।

READ  बार-बार गर्भपात हो जाता है तो यह करें?

तो यह हैं कुछ संकेत जो यदि प्रेग्नेंट महिला को महसूस हो तो महिला को उसे बिल्कुल भी अनदेखा नहीं करने चाहिए। क्योंकि यह सभी लक्षण माँ व् बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक होते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.