डिलीवरी से पहले पानी की थैली फट जाए तो क्या करें?

प्रेगनेंसी के दौरान पानी की थैली का फटना डिलीवरी होने का एक अहम लक्षण होता है। यदि यह प्रेगनेंसी के सेंतीस हफ़्तों के बाद के बाद तो होता है तो बहुत अच्छी बात होती है लेकिन यदि यह समय से पहले हो जाता है तो यह समय से पहले डिलीवरी का लक्षण होता है। ऐसे में महिला को पानी की थैली फटने के कारण किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए महिला को इसके बारे में सही जानकारी होना बहुत जरुरी है। जैसे की:

पानी की थैली फटने का क्या मतलब होता है?

गर्भाशय में शिशु एक फ्लूड में होता है जिसे एमनियोटिक फ्लूड कहा जाता है। और वो द्रव जिस झिल्ली से चारों और से ढका हुआ होता है उसे पानी की थैली कहते हैं। और जब यह थैली फटती है तो प्राइवेट पार्ट से द्रव निकलता हुआ महसूस होता है। और यह द्रव जैसे जैसे बाहर निकलता है वैसे वैसे गर्भाशय में संकुचन होना शुरू हो जाता है यानी की महिला को लेबर पेन शुरू हो जाती है। और इसी प्रक्रिया को प्रेगनेंसी में पानी की थैली का फटना कहा जाता है।

पानी की थैली फटने पर कैसा महसूस होता है?

प्राइवेट पार्ट में गीलापन अधिक महसूस होता है। लेकिन यदि थैली थोड़ी सी फटी है तो इसका पता लगने में महिला को समय लगता है। लेकिन कई बार फ्लूड ज्यादा निकलने लगता है और आपको पेंटी गीली महसूस हो सकती है।

डिलीवरी का समय पास आने से पहले पानी की थैली फटने के क्या कारण होते हैं?

  • डिलीवरी का समय पास आने पर पानी की थैली आपने आप ही फट जाती है।
  • गर्भ में एक से ज्यादा शिशु होने के कारण आपको ऐसा सेंतीस हफ़्तों से पहले ही महसूस हो सकता है।
  • गर्भाशय में संक्रमण, महिला के पेट पर चोट आदि लगने के कारण भी ऐसा हो सकता है और डिलीवरी का समय पास आने से पहले यदि ऐसा होता है। तो इसका मतलब होता है की महिला की डिलीवरी समय से पहले होगी जो माँ व् बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक होता है।
  • धूम्रपान करने वाली महिलाओं के साथ ऐसा होता है।
  • गर्भाशय की झिल्ली कमजोर होने के कारण।
  • प्रेगनेंसी के दौरान अच्छी केयर न मिलने के कारण।
  • यदि पहली डिलीवरी समय से पहले हुई है तो भी ऐसा हो सकता है।

पानी की थैली फटने पर क्या करना चाहिए

  • जैसे ही महिला की पानी की थैली फट जाती है और महिला को पता चलता है तो महिला को घबराना नहीं चाहिए। बल्कि घर के सदस्यों को जो आपके घर में है उन्हें बुलाना चाहिए और डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
  • उसके बाद जितना जल्दी हो सके महिला को डॉक्टर के पास पहुँच जाना चाहिए क्योंकि पानी की थैली के फटने के बाद इसे ज्यादा समय के लिए अनदेखा करने पर बच्चे के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • यदि आपको फ्लूड तेजी से निकल रहा है तो जल्दी से डॉक्टर के पास पहुंचें क्योंकि गर्भाशय में फ्लूड की कमी होने के कारण बच्चे को दिक्कत हो सकती है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी में पानी की थैली फटने पर गर्भवती महिला को क्या करना चाहिए। उससे जुड़े कुछ टिप्स, साथ ही जिस तरह प्रेगनेंसी की शुरुआत से महिला प्रेगनेंसी से जुडी जानकारी एकत्रित करती है। वैसे ही महिला को प्रसव की जानकारी भी इक्कठी करनी चाहिए ताकि प्रसव के समय महिला को किसी भी तरह की दिक्कत न हो।