ट्रैवेलिंग करते समय गर्भ में शिशु को कौन-कौन सी दिक्कत आ सकती है?

प्रेगनेंसी में ऐसे बहुत से काम होते हैं जो महिला को नहीं करने चाहिए क्योंकि उनके कारण गर्भ में शिशु पर बुरा असर पड़ सकता है। जैसे की भारी सामान उठाना व् सरकाना, झुककर काम करना, पेट पर दबाव पड़ने वाला काम करना, जिन कामों को करने से पेट पर झटका लगने का खतरा हो जैसे की ट्रैवेलिंग, आदि। यदि महिला ऐसे काम करती है तो इनके कारण गर्भ में शिशु पर बुरा असर पड़ सकता है। तो आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी में ट्रैवेलिंग करने से जुड़े कुछ हानिकारक प्रभाव बता रहे हैं जो पेट में शिशु पर पड़ सकते हैं। जैसे की:

सीट बेल्ट के कारण हो सकती है बच्चे को दिक्कत

यदि आप अपनी कार में ट्रेवल कर रही हैं और आपने सीट बेल्ट लगा रखी है तो इसके कारण पेट पर दबाव पड़ता है। और यह दबाव गर्भ में शिशु को परेशान करता है। जिसके कारण शिशु गर्भ में असहज महसूस कर सकता है।

झटका लगने का होता है खतरा

प्रेग्नेंट महिला यदि कार, बस आदि में ट्रेवल करती है। तो इनमे ट्रैवेलिंग करने पर महिला को झटका लग सकता है जैसे की ब्रेक लगने पर, ब्रेकर क्रॉस करने पर, आदि, जिसके कारण गर्भ पर बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही झटका लगने के कारण महिला को पेट में दर्द जैसी समस्या भी हो सकती है।

एक ही पोजीशन में बहुत देर बैठने के कारण हो सकती है परेशानी

ट्रैवेलिंग के दौरान महिला को बहुत देर तक एक ही पोजीशन में बैठना पड़ता है जिसके कारण महिला को परेशानी का अनुभव होती है। और जब महिला को परेशानी का अनुभव होता है तो जाहिर सी बात है गर्भ में शिशु की परेशानी महसूस करता है। क्योंकि बहुत देर तक महिला पीठ को सीधा करके तो नहीं बैठ सकती है और न ही आप बस या कार में अच्छे से लेट सकती है। ऐसे में महिला पीठ झुकाकर बैठती है जिसके कारण पेट दब सकता है।

बाहर का खाना कर सकता है नुकसान

आप कितनी भी कोशिश कर लें जब आप ट्रैवेलिंग करते है तो बाहर का खाना जरूर खाते हैं। और प्रेग्नेंट महिला यदि ऐसा करती है तो इसके कारण महिला को दिक्कत हो सकती है जिसके कारण बच्चे को भी परेशान होना पड़ता है।

प्रदूषण के कारण नुकसान

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को ऐसी किसी भी जगह पर न जाने की सलाह दी जाती है जहां पर प्रदूषण हो ऐसे में यदि आप बस में सफर करती है तो आप प्रदूषण के संपर्क में आती है। और जब आप सांस लेती है तो शरीर में विषैले कण प्रवेश कर सकते हैं। जिनके बुरे प्रभाव के कारण गर्भवती महिला के साथ बच्चे को भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि यह विषैले कम महिला को इन्फेक्शन से ग्रसित कर सकते हैं।

पानी की कमी के कारण हो सकती है शिशु को दिक्कत

प्रेगनेंसी के दौरान अधिकतर महिलाओं को उल्टी की समस्या का सामना करना पड़ता है और जब महिला ट्रैवेलिंग कर रही हो तो महिला को यह परेशानी अधिक हो सकती है। और उल्टी अधिक करने के कारण महिला के शरीर में पानी की कमी हो सकती है जिसका असर बच्चे पर भी पड़ता है। और गर्भ में बच्चे को दिक्कत महसूस होती है।

गर्मी के कारण हो सकती है दिक्कत

यदि गर्भवती महिला गर्मी के मौसम में ट्रैवेलिंग करती है तो महिला को ज्यादा दिक्कत हो सकती है। और इसके कारण गर्भ में शिशु भी दिक्कत महसूस कर सकता है।

तो यह हैं कुछ हानिकारक प्रभाव जो ट्रैवेलिंग के कारण शिशु पर पड़ते हैं। ऐसे में शिशु को स्वस्थ रखने के लिए और ऐसी कोई भी दिक्कत शिशु को न हो इससे बचने के लिए महिला को जितना सके प्रेगनेंसी में दूर की यात्रा नहीं करनी चाहिए। फिर चाहे वो कार में हो, बस में हो या प्लेन में हो।