एक महीने की प्रेगनेंसी में क्या-क्या होता है, प्रेगनेंसी किसी भी महिला के लिए बहुत ही ख़ुशी का समय होता है। साथ ही प्रेगनेंसी का समय महिला के लिए काफी उतार चढ़ाव से भरा हुआ भी होता है। ऐसे में यदि महिला प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही अपना अच्छे से ध्यान रखती है तो महिला को प्रेगनेंसी को आसान बनाने में मदद मिलती है। प्रेगनेंसी का पहला महीना महिला के लिए बहुत अहम होता है।

क्योंकि इस दौरान बॉडी में तेजी से हार्मोनल बदलाव होते हैं जिसके कारण महिला परेशान हो सकती है। इसके अलावा कई महिलाएं तो घबराहट महसूस करने के साथ तनाव का शिकार भी हो सकती है। और ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि प्रेगनेंसी के पहले महीने में महिला को यह पता ही नहीं चल पाता है की महिला गर्भवती है या नहीं। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी के पहले महीने में क्या-क्या होता है इस बारे में बताने जा रहे हैं।

एक महीने की प्रेगनेंसी के लक्षण

  • रक्त के धब्बे महिला को पैंटी में दिखाई दे सकते हैं।
  • बॉडी में हार्मोनल बदलाव होने के कारण महिला को मूड स्विंग्स हो सकते हैं जैसे की महिला चिड़चिड़ाहट, गुस्सा आदि महसूस कर सकती है।
  • ब्रेस्ट भारी, टाइट, सूजे हुए महसूस हो सकते हैं या फिर हल्का फुल्का दर्द भी महसूस हो सकता है।
  • महिला की बार बार यूरिन पास करने की इच्छा हो सकती है।
  • थकान व् कमजोरी का अनुभव महिला को बहुत अधिक हो सकता है।
  • कब्ज़, सीने में जलन आदि परेशानियां हो सकती है।
  • मॉर्निंग सिकनेस, जी मिचलाना, उल्टियां जैसी परेशानियां हो सकती है।
  • पसंद नापसंद में बदलाव आ सकता है।
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द, पीठ दर्द जैसी परेशानी हो सकती है।
  • भूख में कमी या भूख ज्यादा लगना जैसी परेशानी होना।

पीरियड्स मिस होने के बाद प्रेगनेंसी टेस्ट

यदि महिला को यह सब लक्षण अपनी बॉडी में महसूस होते हैं और उसके बाद महिला के पीरियड्स भी मिस हो जाते हैं। तो उसके बाद महिला को घर में प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए, ताकि महिला को कन्फर्म हो सके की महिला प्रेग्नेंट हैं या नहीं, और महिला अपना आगे का ट्रीटमेंट करवा सके। जिससे प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही महिला को फिट रहने में मदद मिल सकें।

प्रेगनेंसी के पहले महीने में बच्चे का विकास

गर्भावस्था के पहले महीने में ओवुलेशन पीरियड के दौरान महिला और पुरुष आपस में बेहतर सम्बन्ध बनाते हैं, और  महिला के अंडे और पुरुष के शुक्राणु आपस में मिल जाते हैं। और निषेचन की क्रिया पूरी हो जाती है, तो उसके दो से तीन दिन बाद महिला के गर्भाशय में भ्रूण को प्रत्यारोपण हो जाता है। उसके बाद शिशु के अंगो की आकृतियां बननी शुरू हो जाती है। और उसके बाद जैसे जैसे समय आगे बढ़ता है वैसे वैसे शिशु का विकास भी बढ़ता जाता है।

तो यह है प्रेगनेंसी के पहले महीने में क्या क्या होता है उससे जुडी कुछ बातें, यदि आप भी प्रेगनेंसी की कोशिश कर रही है। तो आपको प्रेगनेंसी प्लान करते ही अपना अच्छे से ध्यान रखना शुरू कर देना चाहिए। ताकि प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिल सके।