अगर एक महीने में दो बार पीरियड्स हो तो इसका क्या मतलब होता है

पीरियड्स महिलाओ को हर महीने में होने वाली एक आम समस्या है, लेकिन कुछ महिलाएं पीरियड्स में होने वाली समस्या के कारण परेशान रहती हैं, जैसे की कुछ महिलाओ को इस समय पर पेट कमर में बहुत अधिक दर्द होता है, अनियमित माहवारी के कारण, बहुत अधिक ब्लीडिंग की समस्या होने पर, मासिक चक्र में होने वाली गड़बड़ी के कारण, या कुछ महिलाएं ऐसी भी होती है जिन्हे एक महीने में दो बार पीरियड्स की समस्या हो जाती है, इन समस्या के होने के बहुत से कारण होते है, लेकिन जिन महिलाओ को एक महीने में दो बार पीरियड्स की समस्या होती है, उनके शरीर में कमजोरी होने के साथ संक्रमण का खतरा भी उतना ही रहता है, और यदि वो पीरियड्स खत्म होने के बाद शारीरिक सम्बन्ध बनाते हैं तो इससे उनके प्रेग्नेंट होने की संभावना भी ज्यादा रहती है, तो आइये जानते है की महिलाओ को एक महीने में दो बार पीरियड्स होने के क्या कारण होते है।

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हार्मोनल बदलाव होने के कारण:-

शरीर में हमेशा हार्मोनल बदलाव चलते रहते हैं, लेकिन पीरियड्स के समय यह बदलाव काफी तेजी से होते है और कई बार इनमे असंतुलन होने के कारण आपको पीरियड्स से जुडी इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बार बार गर्भपात होने के कारण:-

बार बार गर्भपात होने के कारण आपका मासिक चक्र बहुत तेजी से प्रभावित होता है, और यदि आपको गर्भपात हुआ है तो इसके बाद पीरियड्स से जुडी परेशानी होना आम बात होती है, लेकिन धीरे धीरे यह रेगुलर हो जाते है।

मेनोपॉज़:-

यह भी एक अवस्था होती है जो की महिलाओ में एक उम्र के बाद आती है, और इस दौरान भी बॉडी में तेजी से हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसके कारण आपको कभी तो पीरियड रूककर आता है, तो कभी एक महीने में दो बार भी हो जाता है।

पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के कारण:-

पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यह भी शरीर में होने वाली एक अवस्था है जिससे आपके गर्भाशय में होने वाले बदलाव के कारण आपको एक महीने में दो बार पीरियड्स होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

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प्राइवेट पार्ट में संक्रमण होने के कारण:-

कई बार महिलाओ को प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन की समस्या हो जाती है, जिसके कारण बैक्टेरिया के बुरे असर के कारण भी आपका मासिक चक्र प्रभावित होता है और आपको एक महीने में दो बार पीरियड्स होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

वजन का अचानक से अधिक बढ़ना या कम होना:-

आपका वजन का अचानक से बढ़ना या कम होना भी आपके मासिक चक्र को प्रभावित कर सकता है, यदि आपका वजन कभी अचानक से बढ़ जाता है या कम हो जाता है तो भी आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

बर्थ कण्ट्रोल पिल्स का अधिक सेवन करना:-

प्रेगनेंसी से बचने के लिए जो महिलाएं बर्थ कण्ट्रोल पिल्स का सेवन अधिक मात्रा में करती हैं उन्हें भी इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि इससे आपके शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है जिसके कारण आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

तनाव के कारण:-

तनाव होने के कारण मानसिक रूप से साथ महिला शारीरिक रूप से भी प्रभावित होती है, और इसके कारण हॉर्मोन्स पर भी असर पड़ता है, जिसके कारण आपको कई बार मासिक धर्म से जुडी इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

नशे की लत के कारण:-

शराब और धूम्रपान का सेवन अधिक मात्रा में करने पर भी आपको इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि ये भी आपके शरीर पर बुरा असर डालती हैं, जिनके कारण महिलाओ को पीरियड्स से जुडी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।

डॉक्टर से संपर्क कब करें:-

पीरियड्स समय पर आना जहां स्वस्थ महिला की निशानी हैं, वहीँ यदि आपके पीरियड्स अनियमित हो, महीने में एक से अधिक बार आएं, तो आपको इस समस्या के समाधान के लिए डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए, तो आइये अब हम आपको बताते हैं की आपको पीरियड्स से जुडी कौन सी परेशानी होने पर डॉक्टर से मिलना चाहिए।

  • यदि आपको मासिक धर्म महीने में एक से अधिक बार मासिक धर्म आता है तो आपको डॉक्टर से जरूर चेक करवाना चाहिए।
  • यदि आपको पीरियड्स सात या आठ दिन के लिए रहता है।
  • आपको बहुत अधिक ब्लीडिंग हो तो आपको दिन में चार से पांच पैड बदलने पड़े, तो भी आपको परेशानी हो सकती है।
  • और इन परेशानियों से निजात पाने के लिए आपको खुद दवाई नहीं लेनी चाहिए बल्कि जितना हो सकें आपको इस बारे में डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

तो ये हैं कुछ कारण जिनकी वजह से आपको एक महीने में दो बार पीरियड्स होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, तो महिलाओ को पीरियड्स से जुडी समस्या को लेकर शर्माना नहीं चाहिए बल्कि इस बारे में डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

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