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बेबी डिलीवरी के बाद पिता का क्या रोल होता है?

Father's role after baby delivery

माँ का नाम लेते ही जहां बच्चों को प्यार का अहसास होता है वहीँ पिता का नाम सुनकर डर भी लगता है। क्योंकि पुराने समय से ही माँ बच्चे को जहां लाड करती हैं वहीँ बच्चे को डराने के लिए या किसी काम को करवाने के लिए पिता का नाम लेती है। लेकिन आज कल माता पिता बच्चों के दोस्त बनकर रहना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में जब एक बच्चा जन्म लेता है तो उसके जन्म के बाद हर काम में केवल माँ की ही जरुरत नहीं होती है बल्कि बेबी जन्म के बाद पिता की भी एक अहम भूमिका होती है। ताकि महिला को बच्चे की परवरिश करने में आसानी हो साथ ही बच्चे को शारीरिक, मानसिक, सामाजिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिल सके। तो आइये अब इस आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं की बेबी जन्म के बाद पिता का क्या रोल होता है।

महिला की करें मदद

डिलीवरी के बाद महिला का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है साथ ही बच्चे के जन्म के बाद बच्चे की केयर अच्छे से हो इसे लेकर महिला अच्छे से ध्यान रखती है। लेकिन कई बार महिला इन सभी के कारण तनाव का शिकार भी हो जाती है और यदि महिला तनाव का शिकार हो जाती है। तो इसके कारण माँ और बच्चे दोनों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में होने वाले पिता का यह रोल होता है की वह महिला की मदद करें जैसे की बच्चे को थोड़ी देर उठायें, बच्चे के कपडे बदलने व् अन्य छोटे छोटे कामों में मदद करें आदि।

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जरुरत का सामान ले आएं

डिलीवरी के बाद महिला को और बच्चे को बहुत सी चीजों की जरुरत पड़ती है। ऐसे में पिता का यह रोल होता है की वो अपनी पत्नी और बच्चे के लिए जरुरी सभी सामान को पहले से ही हर पर मौजूद रखें ताकि दोनों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हो।

महिला के साथ समय बिताएं

डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में बहुत बदलाव आते हैं, महिला के दिमाग और मन में बहुत सी बातें चल रही होती है, ऐसे में बेबी डिलीवरी के बाद पिता का यह रोल होता है की वो अपने पार्टनर के साथ समय बिताए। उससे बातें करें ताकि महिला को अच्छा महसूस हो सके। ऐसा करने से महिला बहुत जल्दी रिकवर भी होती है।

बच्चे के साथ रहें

बच्चे का जन्म होने के बाद बच्चे पर माँ के साथ पिता का भी हक़ होता है ऐसे में बच्चे की जिम्मेवारी का हक़ भी माता और पिता दोनों का होता है। ऐसे में पिता को अपने बच्चे के साथ थोड़ा समय बिताना चाहिए, बच्चे के विकास हर पहली हरकत का ध्यान रखना चाहिए। ऐसा करने से बच्चा माँ और बाप दोनों के करीब रहता है।

मेडिकल इंशोरेंस

बच्चे के जन्म के बाद ही बच्चे का मेडिकल इंशोरेंस भी करवा देना चाहिए। ताकि भविष्य में यदि बच्चे को कोई दिक्कत हो तो आपको किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

तो यह हैं कुछ रोल जो बच्चे के जन्म के बाद पिता के होते हैं, उसके बाद जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता है वैसे वैसे माँ और बाप दोनों की और भी जिमीवारियाँ बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चे को मजबूत बनाने के लिए माँ और बाप दोनों को उसके साथ रहना चाहिए।

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