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नौवें महीने में क्या-क्या खाने से बच्चेदानी का मुँह खुलता है?

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प्रैग्गनैंसी का नौवां महीना महिला के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होने के साथ साथ नाजुक भी होता है। क्योंकि इस दौरान बच्चे का विकास लगभग पूरा हो चूका होता है साथ ही बच्चा जन्म लेने की सही पोजीशन में आने की कोशिश भी करने लगता है। यानी की बच्चे के सिर नीचे की तरफ होने लगता है जिससे पेल्विक एरिया पर दबाव पड़ता है और बच्चेदानी का मुँह खुलने लगता है। जिससे महिला की डिलीवरी नोर्मल होने के चांस भी बढ़ जाते हैं।

लेकिन यदि बच्चे का सिर नीचे की तरफ नहीं होता है तो इससे सिजेरियन डिलीवरी होने के चांस बढ़ जाते हैं। ऐसे में यदि प्रेग्नेंट महिला चाहे तो नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ा सकती है। और इसके लिए महिला को अपनी डाइट में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए जिससे बच्चेदानी का मुँह खुलने में मदद मिलती है। तो आइये अब उन खाद्य पदार्थों के बारे में जानते हैं जो महिला के नोर्मल डिलीवरी होने के चांस बढ़ाने में मदद करते हैं।

खजूर

खजूर की तासीर गर्म होती है ऐसे में प्रेगनेंसी के नौवें महीने में यदि महिला एक गिलास दूध में पांच छह खजूर उबालकर खाती है और फिर उस दूध को पीती है। तो इससे महिला के सामान्य प्रसव होने के चांस बढ़ते हैं क्योंकि इससे संकुचन बढ़ता है जिससे बच्चे बच्चेदानी का मुँह धीरे धीरे खुलता है। महिला चाहे तो खजूर को बिना उबालें भी दूध के साथ उनका सेवन कर सकती है।

छुहारे

चार या पांच छुहारे दूध में उबालकर प्रेगनेंसी के नौवें महीने में लगातार खाने से भी महिला की नोर्मल डिलीवरी होने की सम्भावना को बढ़ाने में मदद मिलती है। क्योंकि छुहारों की तासीर गर्म होती है जिससे संकुचन को उत्तेजित करने में मदद मिलती है।

तिल के लड्डू

नौवें महीने में गर्भवती महिला को घी में तिल के लड्डू बनाकर भी खाने चाहिए। क्योंकि तिल की तासीर गर्म होती है जिससे प्रसव को उत्तेजित करने में मदद मिलती है। तिल से बने लड्डू को रोजाना सुबह एक गिलास गर्म दूध के साथ प्रेग्नेंट महिला को खाना चाहिए।

अजवाइन के लड्डू

प्रेगनेंसी के नौवें महीने में महिला चाहे तो अजवाइन के लड्डू भी खा सकती है क्योंकि अजवाइन की तासीर गर्म होती है। अजवाइन के लड्डू खाने से पेल्विक एरिया की मांसपेशियां मजबूत होती है। साथ ही इससे महिला की प्रसव पीड़ा की शुरुआत करने में भी मदद मिलती है। जिससे बच्चेदानी का मुँह खुलने लगता है। और इन लड्डू को आप सुबह खाली पेट एक गिलास दूध के साथ खाएं।

गुनगुना पानी

प्रेगनेंसी के नौवें महीने में जितना हो सके महिला को गुनगुना पानी ही पीना चाहिए। क्योंकि गुनगुना पानी पीने से मांसपेशियों का तनाव कम होता है। जिससे लेबर पेन को जल्दी शुरू करने में मदद मिलती है।

अदरक वाला दूध

एक गिलास दूध में अदरक का एक टुकड़ा अच्छे से उबाल लें और उसके बाद उस दूध का सेवन करें। और ऐसा प्रेगनेंसी के नौवें महीने में रोजाना करें। अदरक की तासीर भी गर्म होती है जो प्रसव को उत्तेजित करने में मदद करती है। इसके अलावा महिला चाय में डालकर, सब्जियों में डालकर भी अदरक का सेवन कर सकती है।

अंडा

अंडे का सेवन करने से भी महिला को प्रसव पीड़ा को उत्तेजित करने में मदद मिलती है। क्योंकि अंडे की तासीर भी गर्म होती है ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी के नौवें महीने में रोजाना दो से तीन उबले हुए अण्डों का सेवन जरूर करना चाहिए।

ड्राई फ्रूट्स

बादाम, अंजीर, अखरोट, किशमिश, मुनक्का आदि का सेवन भी प्रेगनेंसी के नौवें महीने में महिला को जरूर करना चाहिए। और भिगोकर नहीं बल्कि वैसे ही इनका सेवन करना चाहिए। यदि महिला ड्राई फ्रूट्स का सेवन करती है तो इससे भी महिला की प्रसव पीड़ा को उत्तेजित करने में मदद मिलती है। क्योंकि ड्राई फ्रूट्स की तासीर भी गर्म होती है।

तो यह हैं कुछ खाद्य पदार्थ जिनका सेवन प्रेगनेंसी के नौवें महीने में करने से बच्चेदानी का मुँह खुलने में मदद मिलती है। जिससे महिला का प्रसव सामान्य होने के चांस बढ़ते हैं। इसके अलावा महिला को अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन अच्छे से करने के साथ अपना अच्छे से ध्यान भी रखना चाहिए। और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए। क्योंकि आपके द्वारा बरती गई थोड़ी सी लापरवाही प्रसव में आने वाली मुश्किलों को बढ़ा सकती है।

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