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आठवें और नौवें महीने में गर्भ में शिशु की हलचल नहीं होना

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प्रेगनेंसी महिला के लिए एक बहुत ही खूबसूरत समय होता है क्योंकि महिला पूरे नौ महीने तक एक नन्ही सी जान को गर्भ में रखती है, और फिर उसे जन्म देती है। गर्भावस्था महिला के लिए जहां बहुत से अनुभव से भरपूर होता है वहीँ महिला को बहुत सी जटिलताओं का सामना भी प्रेगनेंसी के दौरान करना पड़ सकता है। इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिला को बहुत सी सावधानियों को बरतने की सलाह दी जाती है ताकि महिला और शिशु को प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली दिक्कतों से बचे रहने में मदद मिल सके। गर्भ में शिशु के विकास को जानने के लिए हर गर्भवती महिला बहुत उत्साहित रहती है इसीलिए गर्भ में शिशु की हलचल का महिला बेसब्री से इंतज़ार भी करती है।

क्योंकि गर्भ में शिशु की हलचल का होना न केवल महिला के मातृत्व के अहसास को बढ़ाता है बल्कि शिशु का गर्भ में हलचल करना शिशु के बेहतर विकास की और इशारा भी करता है। और गर्भ में शिशु अठारह से बीस हफ्ते के आस पास हलचल करनी शुरू कर देता है। शुरुआत में यह हलचल महिला को थोड़ी कम लेकिन जैसे जैसे शिशु का विकास बढ़ता है वैसे वैसे हलचल ज्यादा समय के लिए महसूस होने लगती है। पहली बार माँ बन रही महिलाओं के लिए शिशु की हलचल को समझना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। गर्भ में शिशु की हलचल का होना बहुत जरुरी होता है क्योंकि इसी से आपको यह जानने में मदद मिलती है की गर्भ में शिशु स्वस्थ है, और उसका विकास अच्छे से हो रहा है।

आठवें या नौवें महीने में शिशु की गर्भ में हलचल न होना

आठवें या नौवें महीने में शिशु का आकार बढ़ने के कारण गर्भाशय में घूमने के लिए कम जगह मिलती है। ऐसे में इन महीनों में गर्भवती महिला को शिशु की हलचल ज्यादा महसूस होने के साथ अधिक समय के लिए महसूस हो सकती है। और इस दौरान शिशु के अंगो का विकास भी हो चूका होता है ऐसे में शिशु बाहर की तेज आवाज़ सुनकर या तेज रौशनी के गर्भ में पड़ने पर अपनी प्रतिक्रिया भी देते हैं। नहीं नहीं वो बोलकर नहीं बताते हैं बल्कि ऐसा होने पर शिशु की मोवेमेंट ज्यादा बढ़ने लगती है। लेकिन कई बार ऐसा हो सकता है की गर्भ में शिशु की हलचल गर्भवती महिला को महसूस न हो, ऐसे में घबराने की कोई बात नहीं होती है।

क्योंकि कई बार शिशु थोड़ी देर के लिए हलचल बंद कर सकता है। और यदि आपको ऐसा महसूस की शिशु गर्भ में हलचल नहीं कर रहा है तो आप ठंडा पानी पीएं, थोड़ी तेज आवाज़ में गाने सुनें, आराम से लेटें, करवट बदलें। यदि ऐसा करने पर भी कुछ न हो और ऐसा करते हुए आपको एक या डेढ़ घंटे का समय बीत गया है तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि लम्बे समय के लिए गर्भ में शिशु की हलचल का न होना शिशु के लिए किसी खतरे का संकेत हो सकता है। ऐसे में जितना जल्दी हो सके आपको डॉक्टर के पास पहुँच जाना चाहिए।

तो यह हैं गर्भ में शिशु की हलचल से जुडी बातें, शिशु की हलचल के अलावा यदि प्रेग्नेंट महिला को बॉडी में कोई भी असामान्य लक्षण महसूस होता है तो भी उसे अनदेखा किये बिना तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए। ताकि गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली किसी भी परेशानी से बचाव करने में मदद मिल सके।