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गर्भावस्था में आँवले का सेवन क्यों करना चाहिए?

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प्रेगनेंसी का मतलब है क्रेविंग, और क्रेविंग की कोई सीमाएं नहीं होती। गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनो के दौरान हमारी क्रेविंग ज्यादातर खट्टे प्रदार्थो की और होती है। खट्टी चीजों की क्रेविंग के लिए सबसे सेहतमंद चीज है आँवला।

आँवला एक सुपर फल है और दिखने में निम्बू से मिलता जुलता है। आँवला विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट तत्वों से भरपूर होता है। इसमें आयरन, कैल्शियम और फॉस्फोरस भी पाया जाता है। यहाँ तक के आँवले को सदियों से आयुर्वेद की दवाइयों में भी इस्तमाल किया जाता है।

सोचिये प्रेगनेंसी में खट्टे की क्रेविंग खत्म करने के साथ साथ कितने फायदे भी देगा ये आँवला। आँवले को कच्चा भी खाया जा सकता है और इसके पाउडर का भी सेवन किया जाता है। आइये जानते है गर्भावस्था में आंवले खाने के और क्या क्या फायदे होते है।

सुबह की सिकनेस

गर्भवस्था के शुरूआती दिनों में अक्सर बहुत सी महिलाओं को सुबह के समय उलटी, जी मचलाना आदि जैसी परेशानियां होती है। आंवले के मुरब्बे के सेवन से सुबह की सिकनेस से आराम मिलता है। आँवला हमारी एनर्जी को बढ़ाता है और उसे रेजुवेनेट करता है। इसके अतिरिक्त यह गर्भवती महिला की थकान भी दूर करता है।

ब्लड

आँवला का सेवन करने से ब्लड प्यूरीफाई होता है। यह हमारे ब्लड में से मरकरी और लेड के हार्मफुल इफ़ेक्ट खत्म करता है। और हमारे शरीर में ऑक्सीजन और और ब्लड की लगातार सप्लाई बनाने में मदद करता है।

इम्युनिटी

आँवले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व और विटामिन सी हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। और साथ हमारे शरीरी के इन्फेक्शन और खत्म करता है जैसे सर्दी, खांसी और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन। इस तरह के इन्फेक्शन गर्भावस्था में बहुत ही आसानी से हो जाते है। एक खास बात यह है के यह सिर्फ हमारी इम्युनिटी नहीं बढ़ाता बल्कि हमारे अंदर ऐसे सेल्स का निर्माण करता है जिससे स्तन का दूध इम्युनिटी से भरपूर होता है। डिलीवरी के बाद शिशु स्तनपान करता है और उसकी इम्युनिटी पावर भी बढ़ जाती है।

ब्लड प्रेशर

प्रेगनेंसी के दौरान कई महिलाओं का ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। जिस कारण उन्हें कुछ भी खाने पीने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विटामिन सी हमारे ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करता है। आँवला खाने में अच्छा नहीं लग रहा हो तो इसके जूस का भी सेवन किया जा सकता है।

हैमोग्लोबिन

आँवले में मौजूद विटामिन सी ब्लड को मदद करता है आयरन एब्सॉर्ब करने में, जिससे हमारा हैमोग्लोबिन लेवल बना रहता है। गर्भावस्था में हैमोग्लोबिन लेवल का सहीं होता बहुत जरुरी है वरना डिलीवरी के समय माँ और बच्चे के लिए खतरा बढ़ जाता है।

पाचन शक्ति

आँवला हमारे शरीर में गैस्ट्रिक जुसेस को स्टिमुलेट करता है, जिससे खाना पचने में आसानी हो जाती है। आंवले के नियमित सेवन से पाचन संबंधित परेशानियां खत्म हो जाती है, जैसे की गैस बनना आदि ।

कैल्शियम

गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम की अधिक मात्रा की जरुरत पड़ती है। क्योंकि कैल्शियम की मदद से शिशु की हड्डियों का विकास होता है। अगर हम कैल्शियम की भरपूर मात्रा नहीं लेते तो भूर्ण अपना कैल्शियम माँ की हड्डियों से लेना शुरू कर देता है। जिसके कारण महिला की बोनस बहुत कमजोर हो जाती है। आँवला कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत है, इसका नियमित सेवन करने से गर्भवती महिला को एक अच्छी मात्रा में कैल्शियम प्राप्त होता है।

सूजन

आँवला एक प्राकृतिक एंटी इंफ्लेमेटरी ओषधि है। इसके सेवन से हाथो पैरों पर सूजन नहीं आती। गर्भावस्था में कई महिलाओं के हाथो और पैरो सूजन आ जाती है। इसके नियमित सेवन से इस समस्या से भी निजात मिलती है।

शिशु की याददाश्त शक्ति

रोजाना आंवले के पाउडर का सेवन करने से गर्भ में पल रहे शिशु की याददाश्त शक्ति तेज होती है। आँवले को मैमोरी बूस्टर के नाम से भी जाना जाता है

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