नवजात शिशु को कैसे नहलाएं

जन्म के बाद बच्चे को नहलाना कोई आसान काम नहीं होता है क्योंकि छोटे बच्चे बहुत ही कोमल और नाजुक होते हैं। ऐसे में यदि आप पहली बार पेरेंट्स बनने का अनुभव ले रहे हैं तो बच्चा नहाते समय रो क्यों रहा है, बच्चे को कितनी बार नहलाना चाहिए, कहीं नहलाते समय बच्चा फिसल तो नहीं जाएगा, किस तरह से बच्चे को नहलाना चाहिए ऐसे कुछ सवाल आपके मन में आ सकते हैं। लेकिन यह समय घबराने का नहीं होता है बल्कि शिशु की अच्छे से केयर करने का होता है।

और यदि आपको बच्चे की केयर करने में दिक्कत होती है तो कोई बात नहीं आप बच्चे का काम करने में पूरी सावधानी बरतें, धीरे धीरे आपको इसकी आदत हो जाएगी और बच्चा नहाते समय रोता क्यों है, बच्चे को कैसे नहलाना चाहिए आपको यह सब कुछ आ जाता है। तो आज इस आर्टिकल में हम नवजात शिशु को कैसे नहलाना चाहिए इससे जुड़े कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं। जैसे की:

मौसम का ध्यान रखें

नवजात शिशु को नहलाने के लिए मौसम का खास ध्यान रखें। जैसे की यदि ठण्ड या बारिश का मौसम है तो गर्म पानी का इस्तेमाल करें जिससे शिशु को सेहत सम्बन्धी कोई नुकसान न हो। यदि गर्मी का मौसम है तो नोर्मल पानी का इस्तेमाल करें।

शिशु की सेहत को देखें

छोटे बच्चे को रोजाना नहलाना जरुरी नहीं होता है बल्कि जब आपको लगे की आपके बच्चे की तबियत खराब है तो उसे मत नहलाएं। बस आप गुनगुने पानी में सूती कपडे को भिगोकर निचोड़ लें उसके बाद शिशु का शरीर साफ़ कर दें और कपडे बदल दें। इससे शिशु का शरीर साफ़ भी हो जायेगा और शिशु को सेहत सम्बन्धी परेशानी भी नहीं होगी। खासकर सर्दियों में बच्चे को रोजाना नहलाने से बचना चाहिए।

पानी का तापमान सही रखें

शिशु को नहलाने के लिए आप जिस पानी का इस्तेमाल कर रही है उसके तापमान का खास ध्यान रखें। जैसे की न तो पानी ज्यादा ठंडा होना चाहिए और न ही ज्यादा गर्म होना चाहिए। साथ ही बच्चे के ऊपर पानी डालने से पहले महिला को अपने हाथों पर पानी डालना चाहिए जिससे पानी का सही तापमान क्या है इसका अंदाजा लगाने में मदद मिल सके।

नहलाने के लिए चाहिए जरुरी सामान को पहले इकट्ठा कर लें

बच्चे को जब आप नहलाने जा रही है तो ध्यान रखें की जिन जिन चीजों की बच्चे को नहलाते समय जरुरत पड़ती है जैसे की शैम्पू, साबुन, आदि उन सभी को उस जगह पर रख दें जहां बच्चे को नहलाना है। ताकि आप एक जगह आराम से बैठकर बच्चे को नहला सकें और आपको बार बार उठना नहीं पड़े।

नहलाने के बाद जो सामान चाहिए उन्हें एक जगह इकट्ठा कर लें

शिशु को नहलाने के बाद जिन जिन चीजों की जरुरत होती है उन्हें भी एक ही जगह इक्कठा कर लें जैसे की पाउडर, क्रीम, आयल, आदि। ताकि आप शिशु को एक ही जगह पर आराम से बैठकर तैयार कर सकें।

सही जगह का चुनाव करें

शिशु को नहलाने के लिए महिला को सही जगह का चुनाव भी करना चाहिए यानी की बच्चे को ऐसी जगह पर नहलाना चाहिए जहां पर ज्यादा हवा न हो, जहां महिला या बच्चे के फिसलने का खतरा न हो, जहां बैठकर महिला आराम से बच्चे को नहला सके आदि।

बाथ टब का इस्तेमाल करें

छोटे बच्चे को नहलाने के लिए आज कल मार्किट में बहुत से बाथ टब मिल जाते हैं जिनमे आराम से शिशु को लिटाकर नहलाया जा सकता है। बाथ टब में शिशु को नहलाने के लिए सबसे पहले आप अपने एक हाथ से बच्चे को इस तरह से पकड़ें की शिशु का सिर और गर्दन उठी रहें। उसके बाद दूसरे हाथ से शिशु पर पानी डालें और साबुन लगाएं, शैम्पू लगाएं। उसके बाद शिशु को साफ़ पानी से नहलाकर उसे तोलिये में लपेट लें। और उसके बाद बच्चे को कपडे पहनाकर तैयार करे।

सामान्य तरीके से बच्चे को ऐसे नहलाएं

यदि आपके पास बाथ टब नहीं है तो आप सबसे पहले अपने दोनों पैरों को आगे की तरफ फैलाएं। उसके बाद आप शिशु को अपने पैरों पर लिटाएं। फिर शिशु के सिर और गर्दन को सहारा देते हुए एक हाथ से ऊपर उठायें। फिर शिशु के ऊपर थोड़ा पानी डालें, साबुन, शैम्पू लगाकर साफ पानी से शिशु को नहलाएं। ध्यान रखें की शिशु की आँखों, कान, नाक, मुँह आदि में साबुन या पानी नहीं जाएँ। और उसके बाद बेबी को कपडे पहनाकर तैयार करे।

तो यह हैं कुछ टिप्स जो बच्चे को नहलाते समय आपको ध्यान रखने चाहिए। साथ ही एक बात का और ध्यान रखें की नहलाने के बाद शिशु को दूध पिलाकर सुला दें क्योंकि नहाने के बाद बच्चा आरामदायक नींद लेता है जिससे उसे फ्रैश व् एक्टिव रहने में मदद मिलती है।

How to bathe newborn