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इन लक्षणों को देखकर पता चलेगा नोर्मल डिलीवरी है या नहीं

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इन लक्षणों को देखकर पता चलेगा नोर्मल डिलीवरी है या नहीं, नोर्मल डिलीवरी होने के क्या लक्षण होते हैं, नोर्मल डिलीवरी के लक्षण, Symptoms of normal delivery

प्रेगनेंसी के दौरान महिला का स्वस्थ रहना नोर्मल डिलीवरी का लक्षण होता है, यदि महिला प्रेगनेंसी के पूरे समय अपने खान पान, अपनी बॉडी का अच्छे से ध्यान रखती है तो इससे महिला के नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ जाते हैं। जब महिला गर्भवती होती है तो उसके मन में नई उम्मीद के साथ बहुत से सवाल भी होते हैं, जो की शिशु के विकास से जुड़े होने के साथ डिलीवरी से भी जुड़े होते हैं। खासकर जो महिलाएं पहली बार माँ बनती है उन्हें इस बात की ज्यादा उत्सुकता होती है की उन्हें कैसे पता चलेगा की शिशु अब जन्म लेने वाला है, और उनकी डिलीवरी नोर्मल होगी या सिजेरियन। तो आइये आज हम आपको ऐसे ही कुछ लक्षण बताने जा रहें हैं जिनसे आपको पता चलेगा की आपकी नोर्मल डिलीवरी होगी या नहीं।

नोर्मल डिलीवरी क्या होती है?

प्राकृतिक रूप से जब शिशु अपने आप महिला के गर्भाशय से बाहर आता है तो इसे नोर्मल डिलीवरी कहा जाता है। नोर्मल डिलीवरी महिला और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर होती है। लेकिन इसमें महिला को एक बार बहुत दर्द सहन भी करना पड़ता है, कई बार नोर्मल डिलीवरी के बाद भी महिला को दो तीन टाँके लगाएं जाते हैं। तो आइये अब जानते हैं की नोर्मल डिलीवरी के लक्षण क्या होते हैं।

पेट के निचले हिस्से में दबाव

नोर्मल डिलीवरी ला सबसे पहला संकेत होता है जैसे जैसे डिलीवरी का समय पास आता है वैसे वैसे पेट के निचले हिस्से में दबाव अधिक महसूस होने लगता है। क्योंकि शिशु जन्म के लिए बाहर आने के लिए अपनी सही पोजीशन में आ जाता है ऐसे में पेट के निचले हिस्से में अधिक दबाव का महसूस होना किसी भी समय होने वाली डिलीवरी का संकेत देता है।

बार बार यूरिन आना

जब शिशु नीचे की तरफ आने लगता है तो इसके कारण पेल्विक की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। जिसके कारण ब्लैडर में भी सिकुड़न आ जाती है जिसके कारण महिला को बार बार यूरिन पास करने की इच्छा होती है।

ब्रैस्ट में सूजन

जैसे जैसे डिलीवरी का समय पास आता है वैसे वैसे यदि महिला को अपने ब्रैस्ट में ज्यादा भारीपन या सूजन महसूस होती है तो यह भी नोर्मल डिलीवरी होने का लक्षण होता है।

पेट से जुडी समस्या

महिला को यदि पेट में ऐंठन, दस्त जैसी समस्या भी नौवें महीने में आकर अधिक होने लगती है तो इसके कारण भी पेट पर दबाव पड़ता है जिसके कारण शिशु नीचे की और आने लगता है और नोर्मल डिलीवरी होने के चांस बढ़ जाते हैं ऐसे में यदि आपको भी ऐसी समस्या हो तो यह नोर्मल डिलीवरी का ही एक लक्षण होता है।

पीठ व् पेट में दर्द

यदि महिला को थोड़ी थोड़ी देर बाद पेट में दर्द या पीठ के नीचले हिस्से में दर्द का अनुभव होता रहता है, तो यह भी शिशु के गर्भ में अपनी सही पोजीशन लेने के कारण दबाव महसूस होने की वजह से होता है। और यदि आपको ऐसा होता है तो समझ जाइये की आपकी डिलीवरी का समय आ गया है।

प्राइवेट पार्ट से पानी निकलना

यदि महिला के प्राइवेट पार्ट से पानी अधिक निकलने लगता है, तो हो सकता है की बेबी बैग फट गया है ऐसा होना भी नोर्मल डिलीवरी का संकेत होता है क्योंकि शिशु गर्भ में एमनियोटिक द्रव में ही होता है। और यदि आपको ऐसा लगे की प्राइवेट पार्ट से ज्यादा पानी आ रहा है तो आपको बिना देर किये तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि यदि पानी खत्म हो जाता है तो शिशु को गर्भ में परेशानी हो सकती है।

प्राइवेट पार्ट से तरल पदार्थ ज्यादा निकलना

यदि प्रेगनेंसी के नौवें महीने में आपको प्राइवेट पार्ट से गुलाबी, रक्त की तरह या सफ़ेद रंग का तरल पदार्थ ज्यादा निकलता है तो यह भी नोर्मल डिलीवरी होने का संकेत होता है।

तो यह हैं कुछ खास लक्षण जिन्हे देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं की आपकी नोर्मल डिलीवरी है या नहीं। इसके अलावा यदि नौवें महीने में आपको किसी भी तरह की असुविधा होती है, तो आपको लापरवाही नहीं करनी चाहिए और बिना देरी किये तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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