प्रेग्नेंट महिला को 8वें महीने में यह काम छोड़ देने चाहिए और 9वां महीना लगते ही यह काम शुरू कर देने चाहिए

प्रेगनेंसी का हर एक महीना, हर एक दिन, हर एक पल महिला के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि इस दौरान महिला अकेली नहीं होती है बल्कि उसके गर्भ में एक नन्ही जान पल रही होती है। जो महिला को ऐसे ऐसे अनुभव महसूस करने में मदद करती है जिसे दुनिया में केवल एक माँ ही महसूस कर सकती है।

साथ ही माँ व् बच्चे दोनों को अपने इन बेहतरीन लम्हो का आनंद लेने में कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपनी अच्छे से केयर करने की सलाह भी दी जाती है। तो आज इस आर्टिकल में हम प्रेग्नेंट महिला के लिए ऐसे कुछ कामों के बारे में बताने जा रहे हैं जो महिला को आठवां महीने में बिल्कुल नहीं करने चाहिए और नौवां महीना शुरू होते ही जरूर करने चाहिए।

प्रेग्नेंट महिला आठवें महीने में कौन से काम नहीं करें?

प्रेगनेंसी का आठवां महीना बहुत ही अहम होता है और इस दौरान बरती गई लापरवाही शिशु के समय से पहले जन्म जैसी परेशानी खड़ी कर सकती है। जिसकी वजह से महिला को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है तो ऐसे में कुछ काम है जो महिला को नहीं करने चाहिए ताकि महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। जैसे की:

पेट के बल काम

गर्भवती महिला को ऐसे कोई भी काम नहीं करना चाहिए जिसके कारण महिला के पेट पर दबाव पड़े, महिला के पेट पर जोर पड़े। जैसे की भारी वजन उठाना, सामान सरकाना, झुककर काम करना, पेट के बल लगकर काम करना, आदि। क्योंकि ऐसे किसी भी काम को करने से महिला के पेट पर झटका लग सकता है या दबाव पड़ने के कारण महिला के कारण पेट में दर्द, संकुचन की समस्या हो सकती है। और यदि यह परेशानी बढ़ जाये तो इसके कारण महिला को लेबर पेन भी समय से पहले शुरू हो सकता है।

ट्रैवेलिंग

गर्भवती महिला को गलती से भी आठवें महीने में ट्रैवेलिंग नहीं करनी चाहिए। क्योंकि ट्रैवेलिंग के कारण महिला की पीठ में दर्द की परेशानी बढ़ सकती है साथ ही यात्रा करते समय झटका आदि लगने के कारण भी महिला को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

व्यायाम

आठवें महीने में महिला को जितना हो सके व्यायाम आदि भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि यदि महिला जरुरत से ज्यादा श्रम करती है तो इसके कारण भी महिला की शारीरिक परेशानियां बढ़ सकती है।

गलत तरीके से सोना

पेट बाहर निकलने के कारण महिला को इस दौरान सोने में परेशानी हो सकती है। लेकिन सोते समय महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की गलती से भी महिला सीधी न सोये, पेट के बल न सोये, आदि। यदि महिला को सोने में दिक्कत हो रही है तो बाईं और करवट करके सोना प्रेगनेंसी के दौरान सबसे सही पोजीशन होती है।

गलत तरीके से उठना बैठना

प्रेगनेंसी के आठवें महीने में महिला को अपने उठने बैठने की पोजीशन का भी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। महिला को बिलकुल भी गलत तरीके से उठना या बैठना नहीं चाहिए। क्योंकि ऐसा करने के कारण महिला को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

शोर वाली जगह पर नहीं जाना चाहिए

गर्भवती महिला को ऐसी किसी भी जगह पर नहीं जाना चाहिए जहां बहुत तेज आवाज़ हो। क्योंकि इस दौरान महिला बच्चे की सुनने की क्षमता का विकास हो रहा होता है ऐसे में इसके कारण शिशु की सुनने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है।

प्रेगनेंसी के नौवें महीने में प्रेग्नेंट महिला को कौन से काम करने चाहिए

गर्भावस्था का नौवां महीना शुरू होने के बाद बहुत कम समय रह जाता है और अब बहुत जल्दी आपका बच्चा इस दुनिया में आने वाला होता है। ऐसे में महिला स्वस्थ रहे और डिलीवरी में किसी तरह की समस्या न हो। इसके लिए प्रेग्नेंट महिला को कुछ न कुछ काम जरूर करने चाहिए। जैसे की:

सांस सम्बन्धी व्यायाम करें

नौवें महीने में महिला को सांस सम्बन्धी व्यायाम करने चाहिए ताकि महिला को वजन बढ़ने के कारण सांस फूलने में होने वाली परेशानी से बचने के साथ डिलीवरी को आसान बनाने में भी मदद मिल सके।

सैर करनी चाहिए

प्रेगनेंसी के नौवें महीने में महिला को रोजाना सुबह शाम सैर भी जरूर करनी चाहिए। क्योंकि सैर करने से गर्भवती महिला के शरीर में ब्लड फ्लो अच्छे से होता है, महिला तनाव से मुक्त रहती है, पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है, आदि।

हॉस्पिटल बैग तैयार कर लेना चाहिए

नौवें महीने में प्रेग्नेंट महिला को डिलीवरी के समय हॉस्पिटल में जिस जिस सामान की जरुरत पड़ सकती है उसका बैग तैयार करके रख लेना चाहिए। ताकि डिलीवरी के दौरान हॉस्पिटल में जाते समय महिला को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

अपने आहार का ध्यान रखना चाहिए

नौवें महीने में महिला को अपनी डाइट का खास ध्यान रखना चाहिए। जैसे की फाइबर युक्त आहार लेना चाहिए जिससे महिला को पेट सम्बन्धी परेशानियां न हो, आयरन युक्त आहार लेना चाहिए जिससे महिला के शरीर में खून की कमी न हो साथ ही ऐसा आहार लेना चाहिए जिसे हज़म करने में महिला को कोई परेशानी न हो।

परिवार के साथ समय बिताएं

नौवें महीने में महिला को अकेले नहीं रहना चाहिए। क्योंकि यह वो समय होता है जब आपको किसी न किसी की जरुरत पड़ती रहती है। साथ ही अकेले रहने से महिला को तनाव भी हो सकता है। ऐसे में महिला को नौवें महीने में जितना हो सके अपने परिवार के साथ ही रहना चाहिए।

डॉक्टर से बात करते रहनी चाहिए

प्रेगनेंसी के नौवें महीने में महिला को डॉक्टर से बात करते रहती चाहिए और हर हफ्ते समय से अपना रूटीन चेकअप करवाना चाहिए। ताकि आपको अपने स्वास्थ्य की सही जानकारी मिलती रहे।

तो यह हैं कुछ जो आठवें महीने में महिला को नहीं करने चाहिए और नौवें महीने में जरूर करने चाहिए। यदि प्रेग्नेंट महिला इन बातों का ध्यान रखती है तो इससे महिला को प्रेगनेंसी के आठवें महीने में आने वाली कॉम्प्लीकेशन्स से बचे रहने में मदद मिलती है और नौवें महीने में स्वस्थ रहने और डिलीवरी के लिए शरीर को तैयार करने में मदद मिलती है।