प्रेग्नेंट महिला आठवें और नौवें महीने में यह जरूर करें?

गर्भावस्था का आठवाँ और नौवां महीना महिला के लिए बहुत ही अहम होता है। क्योंकि इस दौरान गर्भ में शिशु का विकास तेजी से हो रहा होता है साथ ही गर्भवती महिला का वजन पूरी तरह बढ़ चूका होता है, महिला को शारीरिक परेशानियां महसूस हो सकती है, आदि ऐसे में महिला के लिए बहुत जरुरी होता है की महिला किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करें।

क्योंकि जितना महिला अपना ध्यान रखती है उतना ही माँ व् बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है साथ ही डिलीवरी को आसान बनाने में भी मदद मिलती है। तो आइये अब इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं या कुछ काम बताने जा रहे हैं जो प्रेग्नेंट महिला को आठवें व् नौवें महीने में जरूर करने चाहिए।

रूटीन चेकअप

आठवें नौवें महीने में महिला को अपने रूटीन चेकअप को समय से करवाना चाहिए साथ ही यदि महिला को कोई टिका लगना है, टेस्ट होना है, अल्ट्रासॉउन्ड होना है उसमे देरी नहीं करनी चाहिए। क्योंकि इस दौरान महिला को होने वाली कोई दिक्कत दिक्कत डिलीवरी पर नकारात्मक असर डाल सकती है।

खान पान में पोषक तत्वों को जरूर शामिल करें

गर्भावस्था के दौरान महिला को भरपूर पोषक तत्वों से युक्त डाइट लेने की सलाह दी जाती है ताकि माँ व् बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। ऐसे में गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के आठवें नौवें महीने में डाइट का और भी अच्छे से ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि इस दौरान शिशु का विकास तेजी से हो रहा होता है साथ ही महिला के शरीर को भी डिलीवरी के लिए एनर्जी की जरुरत होती है। इसीलिए जितना अच्छी डाइट महिला लेती है उतना ही डिलीवरी को आसान बनाने और शिशु के विकास को बढ़ाने में मदद मिलती है।

थोड़ी देर टहलें

प्रेगनेंसी के आठवें नौवें महीने में महिला को थोड़ी देर सुबह शाम जरूर टहलना चाहिए इससे महिला को एक्टिव रहने, शरीर में ब्लड फ्लो को सही रहने में मदद मिलती है। इसके अलावा याद रखें की यदि महिला को बैड रेस्ट की सलाह है तो महिला बिल्कुल भी वॉक आदि नहीं करें क्योंकि इसके कारण महिला को दिक्कत हो सकती है।

हॉस्पिटल बैग पैक करें

प्रेगनेंसी के आठवें महीने में ही महिला को अपना हॉस्पिटल बैग पैक कर लेना चाहिए। क्योंकि नौवें महीने में महिला को कभी भी डिलीवरी पेन शुरू हो सकता है ऐसे में यदि महिला का हॉस्पिटल बैग पैक होता है। तो महिला को हॉस्पिटल जाते समय किसी भी तरह की टेंशन लेने की जरुरत नहीं होती है। और महिला आराम से हॉस्पिटल चली जाती है।

शिशु की मूवमेंट का ध्यान रखें

आठवें नौवें महीने में गर्भ में शिशु को घूमने की कम जगह मिलती है। ऐसे में महिला को गर्भ में शिशु की मूवमेंट का खास ख्याल रखना चाहिए। और यदि कभी आपको ऐसा लगता है की गर्भ में शिशु मूव नहीं कर रहा है तो इसे अनदेखा नहीं करें जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें।

डिलीवरी पेन को समझें

प्रेगनेंसी के आठवें नौवें महीने में महिला को पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस हो सकता है ऐसे में महिला को डिलीवरी पेन के लक्षणों को अच्छे से समझना चाहिए। ताकि जब भी महिला को डिलीवरी पेन हो तो महिला जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जा सके जिससे महिला को डिलीवरी को आसान बनाने में मदद मिल सके।

उन चीजों का सेवन करें जिनसे डिलीवरी को आसान बनाने में मदद मिल सके

ऐसे बहुत से खाद्य पदार्थ होते हैं जिनसे प्रसव पीड़ा को बढ़ाने में मदद मिलती है। ऐसे में महिला को आठवें नौवें महीने में महिला को उन खाद्य पदार्थों का भरपूर सेवन करना चाहिए। जिससे डिलीवरी पेन को उत्तेजित करने और डिलीवरी को आसान बनाने में मदद मिल सके जैसे की घी, पालक, खजूर, आदि।

तो यह हैं कुछ काम जो प्रेगनेंसी के आठवें नौवें महीने में महिला को जरूर करने चाहिए। ताकि शिशु का विकास बेहतर तरीके से होने और डिलीवरी को आसान बनाने में मदद मिल सके। इसके अलावा यदि महिला को किसी भी तरह की दिक्कत होती है तो महिला को उसे अनदेखा किये बिना डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

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