गर्भावस्था के अंतिम महीनों में यह गलतियां न करें, गर्भावस्था वो समय होता है जहां एक महिला को केवल अपना ध्यान नहीं रखना होता है बल्कि अपने पेट में पल रहे बच्चे का भी पूरा ध्यान रखना होता है। ताकि महिला और शिशु दोनों को ही किसी भी तरह की दिक्कत न हो। प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में जहां शिशु के अंग बन रहे होते हैं वहीँ प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में उन अंगो का विकास तेजी से बढ़ रहा होता है।

ऐसे में यदि महिला इस दौरान किसी भी तरह की लापरवाही करती है तो इसका असर केवल महिला पर नहीं पड़ता है बल्कि शिशु भी इससे प्रभावित हो सकता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी के अंतिम महीनों में महिला को कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए उस बारे में बताने जा रहे हैं।

सम्बन्ध बनाने से बचें

  • प्रेगनेंसी के आखिरी समय में महिला के पेट पूरी तरह से बाहर आ चूका होता है।
  • ऐसे में सम्बन्ध बनाने के कारण पेट पर दबाव पड़ने का खतरा रहता है, साथ ही महिला को बहुत ज्यादा परेशानी भी हो सकती है।
  • ऐसे में सम्बन्ध बनाने में यदि थोड़ी सी भी गलती हो जाए जैसे की पेट पर दबाव पड़ जाए, महिला के गर्भाशय पर चोट लग जाए, महिला बहुत ज्यादा थकान का अनुभव करे, आदि।
  • तो इसके कारण महिला व् शिशु दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
  • इसीलिए प्रेगनेंसी की आखिरी समय में गर्भवती महिला को सम्बन्ध बनाने से बचना चाहिए।

गर्भावस्था के अंतिम महीनों में गर्म पानी से न नहाएं

  • गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के आखिरी महीनों में गर्म पानी से नहाने व् स्टीम बाथ लेने से भी बचना चाहिए।
  • क्योंकि इसके कारण गर्भवती महिला के बॉडी के बाहरी व् आंतरिक तापमान में फ़र्क़ आ सकता है।
  • जो गर्भवती महिला व् शिशु के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
  • ऐसे में यदि ठण्ड का मौसम है तो महिला नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल कर सकती है।
  • लेकिन बहुत ज्यादा गर्म पानी के इस्तेमाल से महिला को बचना चाहिए।

व्यायाम

  • गर्भावस्था के समय महिला को थोड़ा बहुत व्यायाम, सैर आदि करने की सलाह दी जाती है।
  • क्योंकि इससे प्रेग्नेंट महिला को एक्टिव व् स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।
  • लेकिन प्रेगनेंसी के आखिरी महीनों में गर्भवती महिला को व्यायाम करने से बचना चाहिए।
  • क्योंकि अधिक व्यायाम करने से महिला को बहुत ज्यादा थकान, कमजोरी महसूस होना, बॉडी पार्ट्स में दर्द होना, पेट पर जोर पड़ना जैसी परेशानियां हो सकती है।
  • जिसके कारण महिला व् शिशु दोनों को दिक्कत हो सकती है।
  • लेकिन महिला को सैर जरूर करनी चाहिए और उतनी ही जितने में महिला को थकावट व् कमजोरी का अनुभव न हो।

भोजन में लापरवाही

  • गर्भावस्था के आखिरी समय में शिशु का विकास तेजी से होने के साथ महिला का वजन बढ़ने के कारण पाचन क्रिया भी धीमी पड़ सकती है।
  • ऐसे में महिला को अपने आहार को समय से लेना चाहिए, ताजा संतुलित व् पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना चाहिए, बड़े बड़े मील लेने की बजाय छोटे छोटे मील लेने चाहिए, खाने को अच्छे से चबाकर खाना चाहिए, आदि।
  • इसके अलावा महिला को बासी, ठन्डे, अधिक तेलीय व् मसालेदार आहार के सेवन से बचना चाहिए।
  • कच्चे अंडे, कच्चा मास, कच्चा दूध, जंक फ़ूड, अधिक मात्रा में कैफीन, अधिक मात्रा में नामक व् मीठे का सेवन करने से बचना चाहिए।

गर्भावस्था के अंतिम महीनों में यात्रा करने से बचें

  • गर्भावस्था की आखिरी तिमाही में प्रेग्नेंट महिला को यात्रा करने से बचना चाहिए।
  • क्योंकि यदि यात्रा के दौरान महिला को झटका आदि लगने का खतरा रहता है।
  • और यदि ऐसा हो जाता है तो इसके कारण महिला व् शिशु दोनों को परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है।

दवाइयों का सेवन

  • गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को डॉक्टर कुछ दवाइयों का सेवन करने की सलाह देते हैं।
  • जो गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने व् पेट में पल रहे बच्चे के विकास के लिए फायदेमंद होती है।
  • लेकिन गर्भवती महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की इन दवाइयों के अलावा बिना डॉक्टरी सलाह के महिला को किसी भी दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि यह दवाइयां बच्चे के विकास पर बुरा असर डाल सकती है।

गर्भावस्था के अंतिम महीनों में हाई हील्स न पहनें

  • प्रेगनेंसी के आखिरी तिमाही में गर्भवती महिला को हाई हील्स पहनने से भी बचना चाहिए।
  • क्योंकि वजन बढ़ने के कारण न केवल महिला को इसमें चलने में दिक्कत हो सकती है।
  • बल्कि इसके कारण महिला का पैर फिसलने या गिरने का भी खतरा रहता है।
  • और महिला का गिरना या फिसलना न केवल महिला बल्कि बच्चे को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

ज्यादा सोचें नहीं

  • जैसे जैसे डिलीवरी का समय पास आता है वैसे वैसे महिलाएं डिलीवरी को लेकर तनाव में आ सकती है।
  • खासकर जो महिलाएं पहली बार माँ बनने जा रही होती है वह इसे लेकर ज्यादा परेशान हो सकती है।
  • जैसे की महिला की डिलीवरी नोर्मल होगी या सिजेरियन, शिशु को कोई दिक्कत तो नहीं होगी, आदि।
  • लेकिन महिला को इस दौरान तनाव लेने से बचना चाहिए।
  • क्योंकि प्रेग्नेंट महिला का तनाव लेना गर्भवती महिला के साथ शिशु को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
  • ऐसे में महिला को सोचना ही है तो आने वाले बच्चे के भविष्य में बारे में सोचें और सकारात्मक सोचें ताकि बच्चे और महिला दोनों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

छोटी छोटी लापरवाहियों से बचें

  • प्रेगनेंसी की आखिरी तिमाही में महिला को छोटी छोटी लापरवाहियों से भी बचना चाहिए।
  • जैसे की महिला को बिना सहारे के उठना बैठना नहीं चाहिए, झटके से उठना बैठना नहीं चाहिए।
  • भारी सामान को उठाने से बचना चाहिए, खिसकाना भी नहीं चाहिए।
  • यदि आपका कोई छोटा बच्चा है तो उसे भी उठाने से बचना चाहिए।
  • नशीले पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।
  • सीढ़ियां नहीं चढ़नी चाहिए।
  • ज्यादा देर पैरों को लटकाकर नहीं बैठना चाहिए, न हो बहुत देर तक एक ही जगह पर खड़े रहना चाहिए।
  • पेट के भार कोई काम नहीं करना चाहिए, पैरों के भार बैठकर कोई काम नहीं करना चाहिए, झुककर कोई काम नहीं करना चाहिए।
  • केमिकल के इस्तेमाल से बचना चाहिए, ज्यादा शोर, भीड़भाड़ से दूर रहना चाहिए, आदि

डॉक्टर से जांच

  • प्रेगनेंसी में अंतिम महीनों में महिला को डॉक्टर से अपनी सभी जांच समय से करवाने के साथ डॉक्टर से बात करते रहना चाहिए।
  • ताकि महिला व् शिशु को किसी भी तरह की दिक्कत से बचे रहने में मदद मिल सके।
  • और डॉक्टर से जांच करवाने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

तो यह हैं कुछ गलतियां जो प्रेग्नेंट महिला को भूलकर भी प्रेगनेंसी के आख्रिरी महीनों में नहीं करनी चाहिए। यदि प्रेग्नेंट महिला इन बातों का ध्यान रखती है तो इससे महिला व् शिशु को स्वस्थ रहने के साथ डिलीवरी में आने वाली दिक्कतों को कम करने में मदद मिलती है।