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प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादा तेल मसालें खाने से क्यों बचना चाहिए

प्रेगनेंसी में तेल मसालों का अधिक सेवन करने से क्यों बचना चाहिए, गर्भावस्था के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव का असर केवल महिला की सेहत पर ही नहीं बल्कि स्वाद पर भी पड़ता है। जैसे की प्रेग्नेंट महिला का कई बार कुछ न कुछ अलग खाने का मन करता है और इसे क्रेविंग कहा जाता है। कुछ महिलाओं का प्रेगनेंसी के दौरान खट्टा खाने का मन करता है। तो कुछ का मीठा, कई महिलाएं अधिक मसाले व् तेल युक्त आहार का सेवन करना पसंद करती है।

लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान खान पान में की गई थोड़ी सी लापरवाही केवल महिला के स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि शिशु की सेहत पर भी नकारात्मक असर डाल सकती है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला को खान पान में सावधानी बरतना बहुत जरुरी होता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में प्रेग्नेंट महिला को अधिक तेल मसाले युक्त आहार का सेवन करने से क्यों बचना चाहिए इस बारे में बताने जा रहे हैं।

प्रेगनेंसी में तेल मसालों का अधिक सेवन करने से हो सकता है पाचन तंत्र कमजोर

  • गर्भावस्था के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण पाचन क्रिया पर असर पड़ता है।
  • ऐसे में अधिक तेल मसाले युक्त आहार का सेवन करने से खाने को अच्छे से हज़म करने में प्रेग्नेंट महिला को दिक्कत हो सकती है।
  • जिसके कारण पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है।
  • जिससे गर्भवती महिला को पेट सम्बन्धी परेशानियां अधिक होने का खतरा रहता है।

एसिडिटी

  • पाचन तंत्र के कमजोर होने के कारण गर्भवती महिला को खाना हज़म में करने में दिक्कत हो सकती है।
  • जिसके कारण पेट में गैस, कब्ज़ की समस्या, खट्टी डकार, सीने में जलन जैसी परेशानी हो सकती है।
  • ऐसे में इन परेशानियों से बचाव के लिए कम तेल मसाले और पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन प्रेग्नेंट महिला को करना चाहिए।

प्रेगनेंसी में तेल मसालों का अधिक सेवन करने से हो सकता है गले में इन्फेक्शन

  • ज्यादा तेल मसाले वाले आहार का सेवन करने से गर्भवती महिला को गले में इन्फेक्शन की समस्या भी सकती है।
  • और प्रेगनेंसी के दौरान ऐसी परेशानी का होना प्रेग्नेंट महिला की दिक्कतों को बढ़ा सकता है।

बवासीर की समस्या

  • वजन बढ़ने के कारण, कब्ज़ के कारण प्रेग्नेंट महिला के पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है।
  • जिसके कारण प्रेग्नेंट महिला को बवासीर जैसी परेशानी होने का खतरा रहता है।
  • ऐसे में यदि गर्भवती महिला ज्यादा तेल मसाले वाले आहार का सेवन करती है।
  • तो इसके कारण प्रेग्नेंट महिला की यह दिक्कत बढ़ सकती है।

वजन बढ़ सकता है

  • अधिक तेल युक्त आहार का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला के शरीर पर चर्बी का जमाव अधिक हो सकता है।
  • जिसके कारण प्रेग्नेंट महिला का वजन जरुरत से ज्यादा बढ़ने का खतरा रहता है।
  • और जरुरत से ज्यादा प्रेग्नेंट महिला का वजन बढ़ना प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को बढ़ा सकता है।

पानी की कमी

  • अधिक ऑयली व् मसालेदार आहार का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी होने का खतरा हो सकता है।
  • जिसके कारण गर्भवती महिला को सूजन की समस्या हो सकती है।
  • साथ ही महिला को पानी की कमी के कारण होने वाली अन्य दिक्कतों का प्रेगनेंसी के दौरान सामना करना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां जो प्रेग्नेंट महिला को अधिक तेल मसाले का सेवन करने से हो सकती है। ऐसे में इन परेशानियों से बचाव के लिए साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहने और भ्रूण के बेहतर विकास के लिए प्रेगनेंसी के दौरान अधिक तेल मसाले का सेवन करने से बचना चाहिए।