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गर्भ में शिशु का दिल, लिवर, किडनी कमजोर होने से ऐसे बचाएं

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गर्भ में पल रहे शिशु का विकास पूरी तरह से अपनी माँ पर ही निर्भर करता है ऐसे में महिला द्वारा बरती गई थोड़ी सी लापरवाही माँ व् बच्चे दोनों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। खसकर इसका बुरा असर गर्भ में पल रहे शिशु के विकास को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। ऐसे में शिशु के अंग जैसे दिल, लिवर, किडनी आदि कमजोर हो सकते हैं। लेकिन प्रेग्नेंट महिला चाहे तो गर्भ में शिशु को इन सभी परेशानियों से बचा सकती है। तो आइये अब जानते हैं की गर्भ में शिशु का दिल, लिवर, किडनी कमजोर होने से गर्भवती महिला कैसे बचा सकती है।

खून की कमी न हो

प्रेगनेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिला को अपने शरीर में खून की कमी नहीं होने देनी चाहिए। क्योंकि खून की कमी होने के कारण भी बच्चे के दिल, लिवर, किडनी आदि के कमजोर होने की सम्भावना अधिक होती है। ऐसे में बॉडी में खून की कमी को पूरा करने के लिए गर्भवती महिला को आयरन से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए। ताकि बच्चे के सभी अंगों के विकास को बेहतर होने के साथ अंगो की मजबूती को बरकरार रहने में मदद मिल सके।

ब्लड फ्लो में रूकावट को दूर करें

गर्भावस्था में शरीर में ब्लड फ्लो सही न होने के कारण भी शिशु तक ब्लड, ऑक्सीजन, पोषक तत्व आदि सही तरीके से नहीं पहुँच पाते हैं। जिसकी वजह से शिशु के अंग कमजोर हो सकते हैं ऐसे में बॉडी में ब्लड फ्लो को सही रखने के लिए गर्भवती महिला थोड़ा व्यायाम व् योगासन करना चाहिए। ताकि गर्भ में बच्चे तक उसकी जरुरत की चीजे पहुंचाई जा सके और बच्चे के विकास में कोई कमी न आये।

पानी का भरपूर सेवन करें

प्रेग्नेंट महिला को गलती से प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में तरल पदार्थों की कमी नहीं होने देनी चाहिए। क्योंकि तरल पदार्थों की कमी होने के कारण एमनियोटिक फ्लूड में कमी आती है जिससे गर्भ में शिशु के विकास में कमी आती है। ऐसे में गर्भ में शिशु बिल्कुल स्वस्थ रहे उसे कोई परेशानी न हो, उसका विकास अच्छे से हो इसके लिए गर्भवती महिला को पानी के साथ अन्य तरल पदार्थों का भी प्रेगनेंसी में भरपूर सेवन करना चाहिए।

तनाव नहीं लें

गर्भावस्था के दौरान यदि महिला मानसिक रूप से परेशान रहती है तो इसके कारण शरीर की सभी क्रियाओं पर बुरा असर पड़ता है। सतह ही गर्भ में शिशु का विकास भी प्रभावित होता है जिससे जन्म के समय शिशु में शारीरिक या मानसिक रूप से कमी आने का खतरा होता है। ऐसे में बच्चे को शारीरिक या मानसिक रूप से कोई कमी न हो शिशु के सभी अंगों का विकास अच्छे से हो सके इसके लिए गर्भवती महिला को तनाव लेने से बचना चाहिए।

नशे से दूरी

प्रेग्नेंट महिला यदि किसी भी तरह के नशे का सेवन करती है जैसे की शराब पीती है, तो शराब की एक बून्द भी शिशु तक पहुंचकर शिशु के विकास को बुरी तरह प्रभावित करती है। जिससे शिशु के अंगो की बनावट में कमी आने के साथ शिशु के अंग कमजोर हो सकते हैं। ऐसे में शिशु के अंगों से जुडी हर परेशानी से बचने के लिए महिला को नशे का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

जरुरी जांच

गर्भावस्था के दौरान महिला को डॉक्टर से अपनी सभी जरुरी जांचें करवा लेनी चाहिए और अल्ट्रासॉउन्ड समय से करवाना चाहिए। ताकि यदि गर्भ में बच्चे के विकास से जुडी कोई परेशानी भी हो तो डॉक्टर्स द्वारा साथ की साथ ही उस परेशानी का इलाज हो जाये और गर्भ में शिशु को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान रखने से प्रेग्नेंट महिला गर्भ में शिशु का दिल, लिवर, किडनी व् अन्य बॉडी पार्ट्स को कमजोर होने से बचा सकती है। तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आपको भी इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। ताकि आपको व् आपके बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

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