Ultimate magazine theme for WordPress.

प्रेगनेंसी के दौरान सफ़ेद पानी का आना क्या शिशु के लिए खतरनाक होता है

0

गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान रोजाना किसी न किसी समस्या से परेशान होना पड़ सकता है। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान लगातार बॉडी में हार्मोनल बदलाव होते रहते हैं। जिसके कारण वजन बढ़ना, उल्टी, जीभ के स्वाद में परिवर्तन, तनाव, आदि की परेशानी हो सकती है। ऐसे में घबराने की कोई बात नहीं होती है लेकिन किसी भी समस्या के अधिक होने पर एक बार डॉक्टर से राय लेना भी जरुरी होता है। और जरुरी नहीं है की हर महिला को प्रेगनेंसी के दौरान हर महिला के शरीर में एक जैसे बदलाव या परेशानियां महसूस हो। बल्कि यह हर महिला के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव पर निर्भर करता है।

इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिलाएं सफ़ेद पानी आने की समस्या से परेशान रहती है। यह ज्यादातर प्रेगनेंसी के तीसरी तिमाही में ज्यादा महसूस होता है। और सफ़ेद पानी का आना सामान्य बात होती है, इसे ल्यूकोरिया के नाम से जाना जाता है। लेकिन यदि सफ़ेद पानी बहुत ज्यादा आए या इसमें से गंध या खून आना महसूस हो तो इसके लिए एक बार डॉक्टर से राय लेना जरुरी होता है। तो आइये अब जानते हैं प्रेगनेंसी के दौरान सफ़ेद पानी के आने से जुड़े कुछ सवालों के बारे में, जिससे आपको इसके बारे में अच्छे से जानने में मदद मिलेगी।

प्रेगनेंसी में क्यों आता है सफ़ेद पानी

गर्भवती महिला के बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण सफ़ेद पानी आना आम बात होती है, प्रेगनेंसी में वाइट डिस्चार्ज सर्वाइकल मीक्यूस होता है। ज्यादातर गर्भवती महिला में इस तरह की समस्या प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में ज्‍यादा होती है। और यह गर्भाशय ग्रीवा में किसी भी तरह के संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने में मदद करता है।

क्या सफ़ेद पानी से शिशु को कोई नुकसान पहुँचता है

जी नहीं, इससे गर्भ में पल रहे शिशु को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है, बल्कि प्रेगनेंसी के दौरान सफ़ेद पानी का आना गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु को भी संक्रमण से सुरक्षित रखने में मदद करता है। लेकिन यदि डिस्चार्ज अधिक होने लग जाए या खून के धब्बे और बदबू महसूस हो तो एक बार डॉक्टर से राय लेनी चाहिए। क्योंकि यदि संक्रमण के कारण ऐसा हो रहा है तो प्रेगनेंसी के दौरान यह परेशानी का कारण बन सकता है।

प्रेगनेंसी में सफ़ेद पानी आने पर डॉक्टर से कब मिलना चाहिए

  • यदि प्राइवेट पार्ट से लगातार सफ़ेद पानी निकल रहा हो तो हो सकता है की एमनियोटिक थैली फट गई हो और डिलीवरी का समय पास आ गया हो ऐसे में बिना देरी करते हुए तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
  • प्राइवेट पार्ट में खुजली, जलन, सूजन, व सफ़ेद पानी की परेशानी हो तो भी एक बार डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
  • यूरिन पास करने समय दर्द, जलन, या ब्लड का आना महसूस हो भी परेशानी हो सकती है।
  • अगर वजाइना में इन्फेक्शन महसूस हो और सफ़ेद पानी के साथ खून महसूस हो तो भी डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान सफ़ेद पानी से जुडी कुछ बातें, इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान कभी भी असहज महसूस हो तो घर में ही उसका उपचार करने की बजाय डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि इस समय की गई थोड़ी सी भी लापरवाही परेशानी का कारण बन सकता है।