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शिशु के हाथ पैर टेढ़े मेढ़े होने के क्या कारण होते हैं और क्या उपाय है

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प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने माँ अपने गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास का अच्छे से ध्यान रखने की कोशिश करती है। और इसके लिए गर्भवती महिला भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त आहार लेने के साथ, डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयां, डॉक्टर द्वारा समय पर जांच आदि सभी का अच्छे से ध्यान रखती है। लेकिन फिर भी कई बार कुछ केस ऐसे हो जाते हैं जिनमें जन्म के समय बच्चे का शारीरिक या मानसिक विकास में कमी आ जाती है।

जैसे की बच्चा दिमागी रूप से कमजोर होता है तो कुछ बच्चों के शारीरिक विकास में कमी हो जाती है जिसके कारण जन्म के समय बच्चों के हाथ पैर टेढ़े हो जाते हैं। तो आइये अब जानते हैं की बच्चों के हाथ पैर टेढ़े होने के कारण होते हैं और किस तरह इस परेशानी से निजात पाया जा सकता है।

जन्म के समय बच्चे के हाथ पैर टेढ़े होने के कारण

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को अपना ध्यान अच्छे से रखना चाहिए। यदि महिला अपनी केयर में कुछ गलतियां करती है तो इसके कारण पेट में बच्चे पर बुरा असर पड़ता है जिसके कारण जन्म के समय बच्चे के हाथ पैर टेढ़े मेढे होने का खतरा बढ़ता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की जन्म के समय बच्चे के हाथ पैर टेढ़े मेढ़े होने के क्या कारण होते हैं।

पोषक तत्वों की कमी

यदि प्रेग्नेंट महिला प्रेगनेंसी के दौरान खाना तो भरपूर खाती है लेकिन उस आहार में पोषक तत्वों की कमी होती है। तो ऐसे में बच्चे की हड्डियों, मांसपेशियों व् अंगो के विकास के लिए जरुरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। जिसके कारण शिशु के अंग मजबूत नहीं हो पाते हैं और कमजोर रहते हैं। और जन्म के समय बच्चे के अंगो का बेहतर विकास न होने की वजह से बच्चे के हतः पैर टेढ़े रहते हैं।

भारी सामान उठाना

अगर आप प्रेग्नेंट हैं तो आपको अधिकतर चाहने वाले यही सलाह देंगे की आप अपना अच्छे से ध्यान रखें, किसी भी भारी भरकम सामान उठाने को बचे, क्योंकि इससे बच्चे पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। लेकिन यदि कोई गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान भारी सामान उठाती है तो इससे पेट पर दबाव महसूस होता है, और उसका असर शिशु पर पड़ता है। और शिशु पर भारी चीजों का प्रभाव पड़ने के कारण शिशु के अंगो के विकास में कमी आ सकती है। जिसकी वजह से जन्म के समय शिशु के हाथ पैर टेढ़े होने के चांस बढ़ जाते हैं।

तनाव

गर्भवती महिला यदि प्रेगनेंसी के दौरान तनाव लेती है और यह तनाव प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण, प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियों के कारण, घर में या बाहर होने वाली लड़ाइयों के कारण, आदि भी हो सकता है। ऐसे में तनाव के कारण भी बच्चे का शारीरिक व् मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। और शिशु का शारीरिक विकास प्रभावित होने के कारण तनाव की वजह से जन्म के समय शिशु के हाथ पैर टेढ़े मेढ़े हो सकते हैं।

पेट पर दबाव

यदि किसी भी कारण प्रेग्नेंट महिला के पेट पर दबाव पड़ता है तो इसके कारण पेट में बच्चा असहज महसूस कर सकता है। साथ ही शिशु पर भी दबाव बढ़ता है जिसकी वजह से शिशु के अंगो के विकास में कमी आ सकती है। और जन्म के समय शिशु के हाथ पैर टेढ़े मेढ़े होने के चांस बढ़ जाते हैं।

जन्म के समय बच्चे के हाथ पैर टेढ़े न हो इससे बचने के टिप्स

  • गर्भावस्था के दौरान महिला को पोषक तत्वों से युक्त आहार खासकर कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, आदि का सेवन करना चाहिए। इससे बच्चे के बेहतर विकास में मदद मिलती है जिससे जन्म के समय शिशु को होने वाली समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी कारण तनाव न लें बल्कि खुश रहें।
  • पेट पर किसी भी तरह का दबाव न पड़ने दें, इसके लिए अपने उठने, बैठने, कपडे पहनने, काम करने, सोने आदि सभी का ध्यान रखें। क्योंकि किसी भी कारण पेट पर दबाव पड़ना परेशानी का कारण बन सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान निरंतर अपनी जांच करवाती रहे ताकि यदि कोई परेशानी हो तो समय रहते उसका इलाज हो जाये और आपको और आपके बच्चे को कोई दिक्कत न हो।

जन्म के समय बच्चे के हाथ पैर टेढ़े होने से बचाने के लिए प्रेग्नेंट महिला को इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा महिला को ज्यादा भीड़भाड़, शोरगुल वाली जगह पर भी नहीं जाना चाहिए क्योंकि इससे शिशु को गूँगा व् बहरा होने के चांस बढ़ जाते हैं।

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