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बेबी डिलीवरी के बाद क्या-क्या समस्या आती है? और कब नोर्मल होती है

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महिला को सभी यह कहते हैं की बच्चे के जन्म के बाद यह सभी परेशानियां खत्म हो जाएँगी। जबकि ऐसा नहीं होता है क्योंकि बच्चे के जन्म के बाद भी थोड़े समय तक महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों का अनुभव करना पड़ सकता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको डिलीवरी के बाद महिला को कौन-कौन सी परेशानियां होती है? और महिला कब इन परेशानियों से आराम पाती है उसके बारे में बताने जा रहे हैं।

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ब्लीडिंग की समस्या

बच्चे के जन्म के बाद जो सबसे बड़ी परेशानी महिला को होती है वो होती है ब्लीडिंग होना। डिलीवरी के बाद होने वाली ब्लीडिंग मासिक धर्म की अपेक्षा अधिक होती है। ब्लीडिंग के साथ कई बार महिला को खून के थक्के भी निकलते हैं साथ ही पेट में दर्द भी रहता है। बच्चे के जन्म के बाद पांच से छह हफ़्तों तक महिला को ब्लीडिंग हो सकती है।

शुरुआती साथ आठ दिनों में ब्लीडिंग बहुत ज्यादा होती है और उसके बाद ब्लीडिंग धीरे धीरे कम होने लगती है। डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग होते समय यदि पेट में बहुत ज्यादा दर्द, बहुत ज्यादा थक्के निकलने जैसी परेशानी हो तो इसके अनदेखा नहीं करें और डॉक्टर से मिलें।

उठने बैठने में समस्या

डिलीवरी के बाद यदि महिला को टाँके आये हैं तो ऐसे में महिला को उठने बैठने में भी परेशानी होती है। लेकिन धीरे धीरे जैसे जैसे टाँके ठीक होने लगते हैं तो महिला को इस परेशानी से निजात मिल जाता है। डिलीवरी के बाद उठने बैठने में कोई परेशानी न हो इसके लिए आज कल डॉक्टर्स मेटरनिटी बेल्ट पहनने की सलाह देते हैं।

ब्रेस्ट पेन

डिलीवरी के बाद महिला को ब्रेस्ट में दर्द, सूजन, खिंचाव महसूस होना जैसी परेशानियां हो सकती है। क्योंकि उस दौरान ब्रेस्ट में दूध की नलिकाओं में दूध अच्छे से उतरने लगता है। साथ ही जब बच्चा दूध पीने के लिए जोर लगाता है तो ब्रेस्ट में खिंचाव बढ़ता है। लेकिन उसके बाद धीरे धीरे महिला को आदत हो जाती है और ऐसी परेशानी नहीं होती है।

उल्टी की समस्या

कुछ महिलाओं को डिलीवरी के बाद भी उल्टी की समस्या होती है। थोड़ी बहुत उल्टी आना आम बात होती है लेकिन यदि कुछ भी खाने या पीने के बाद तुरंत उल्टी आ जाये तो इसे अनदेखा न करते हुए डॉक्टर से मिलना चाहिए।

कमजोरी

डिलीवरी के बाद केवल एक बच्चे का ही जन्म नहीं होता है बल्कि यह महिला का भी दूसरा जन्म होता है। ऐसे में डिलीवरी के बाद महिला का शरीर बहुत ज्यादा कमजोर हो जाता है। लेकिन यदि महिला अपना अच्छे से ध्यान रखती है, खान पान अच्छे से लेती है तो महिला को डिलीवरी के बाद बहुत जल्दी फिट होने में मदद मिलती है।

पेट का बाहर आना

डिलीवरी के बाद महिला का पेट बाहर आना बहुत आम बात होती है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान गर्भाशय का आकार बढ़ जाता है। ऐसे में डिलीवरी के तुरंत बाद महिला का पेट अंदर की तरफ नहीं जाता है। लेकिन धीरे धीरे महिला का गर्भाशय अपने सही आकार में आने लगता है वैसे वैसे महिला का पेट अंदर की तरफ जाता है।

वजन

प्रेगनेंसी के दौरान महिला का वजन दस किलों से ज्यादा बढ़ जाता है ऐसे में डिलीवरी के तुरंत बाद महिला का वजन कम नहीं होता है। बल्कि डिलीवरी के बाद जब महिला पूरी तरह फिट हो जाती है। उसके बाद महिला व्यायाम करती है, खान पान का ध्यान रखती है तो उससे महिला का वजन कम हो जाता है।

स्ट्रेचमार्क्स

जो महिला प्रेगनेंसी के दौरान स्किन की अच्छे से केयर नहीं करती हैं उन्हें स्ट्रेचमार्क्स जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। और स्ट्रेचमार्क्स की समस्या पेट, जाँघों, ब्रेस्ट पर होती है। डिलीवरी के बाद भी महिला धीरे धीरे इस समस्या से निजात पा सकती है लेकिन इसके लिए बहुत से घरेलू तरीको को ट्राई करना पड़ता है।

बाथरूम जाने पर होने वाली दिक्कत

डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग के कारण, टांकों की वजह से, उठने बैठने में होने वाले दिक्कत के कारण महिला को बाथरूम में आने जाने में बहुत परेशानी होती है। लेकिन जैसे जैसे महिला के टाँके ठीक होने लगते हैं, कमजोरी दूर होने लगती है वैसे वैसे महिला को इस परेशानी से राहत भी मिलती जाती है।

कब्ज़ व् बवासीर

गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण डिलीवरी के बाद भी महिला को कब्ज़ व् बवासीर की समस्या हो सकती है। ऐसे में इस परेशानी से निजात के लिए महिला को फाइबर युक्त डाइट का सेवन करना चाहिए ताकि पेट समबन्धी परेशानियों से महिला को जल्द से जल्द राहत मिल सके।

सफ़ेद पानी

डिलीवरी के बाद महिला को सफ़ेद पानी यानी की वाइट डिस्चार्ज की समस्या भी हो सकती है। लेकिन इसमें घबराने की कोई बात नहीं होती है क्योंकि धीरे धीरे महिला को इस परेशानी से निजात मिल जाता है। परन्तु यदि सफ़ेद पानी के साथ प्राइवेट पार्ट में बदबू, खुजली, जलन जैसे लक्षण भी महसूस हो तो महिला को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। यह इन्फेक्शन का लक्षण हो सकता है जिससे महिला को दिक्कत होने का खतरा होता है।

तनाव

बच्चे के जन्म के बाद शरीर में हो रहे बदलाव, बच्चे की केयर को लेकर महिला को तनाव भी हो सकता है। लेकिन धीरे धीरे जैसे जैसे सब कुछ मैनेज होने लगता है वैसे ही महिला को इस परेशानी भी निजात मिल जाता है। और महिला अपने बच्चे के साथ अपने मातृत्व के अहसास को एन्जॉय करना शुरू कर देती है।

तो यह हैं कुछ परेशानियां जो बच्चे के जन्म के बाद महिला को होती है लेकिन जब महिला डिलीवरी के बाद अपने रूटीन का अच्छे से ध्यान रखती है, खाना अच्छे खाती है, भरपूर आराम करती है, तो महिला को इन सभी परेशानियों से निजात पाने में मदद मिलती है। और इस समय महिला को धैर्य रखने की बहुत जरुरत होती है क्योंकि एक दम से महिला को आराम नहीं मिलता है बल्कि धीरे धीरे महिला रिकवर करती है।

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