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कम और ज्यादा सोने से गर्भ पर क्या प्रभाव पड़ता है?

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नींद का समय वह समय होता है जब आपका शरीर अपने आपको खुद से रिसेट करता है और अपनी एनर्जी को वापस रिचार्ज करता है। अच्छी नींद लेने से हमारी इम्युनिटी भी स्ट्रांग होती है। गर्भवस्था में आराम करना बहुत ही जरुरी हो जाता है जब की हमारे शरीर को हर प्रकार से ज्यादा काम करना पड़ता है। ये सही है के अच्छी और सेहतमंद नींद से हमे बहुत से फायदे मिलते है पर आपको यह जानकार हैरानी होगी की इसी नींद से गर्भवती महिला को बहुत से नुकसान भी हो सकते है। आज इस लेख में हम जानेंगे के गर्भवस्था में बहुत अधिक और जरुरत से कम सोने के क्या क्या नुकसान होते है।

गर्भावस्था में कम सोने से नुकसान

गर्भावस्था में हम जितने खुश होते है उतना ही हमारा तनाव बढ़ता है। इस समय में हमे बहुत सारे शारीरिक, मानसिक और हार्मोनल बदलावों से निकलना पड़ता है। डॉक्टरों के मुताबिक 70 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को नींद से जुडी समस्याएँ होती है। आइये जानते है कम सोने क्या नुकसान होते है।
  • प्रेगनेंसी में हम जितना सोते है वह सिर्फ हमे नहीं बल्कि बच्चे को भी इफ़ेक्ट करता है। गर्भावस्था में कम सोने डिलीवरी के समय भी बहुत से कम्प्लीकेशन हो सकते है।
  • कम समय सोने से गर्भवती महिला का ब्लड प्रेशर और किडनी पर भी असर पड़ता है जिसके कारण समय से पहले डिलीवरी के होने का खतरा लगा रहता है। इस स्थिति को प्रीक्लैम्प्सिआ के नाम से भी जाना जाता है।
  • जब हम प्रेग्नेंट होते है, तो सबसे पहले हमे थकान महसूस होने लगती है। सोने से इसी थकान को दूर करने में मदद मिलती है।
  • प्रेगनेंसी के अंतिम शरण में भी हमारी थकान बहुत बढ़ जाती है। इस समय में शिशु का विकास होने लगता है और पेट बाहर की और आता है जिससे पूरे शरीर में तनाव महसूस होता है। इस समय भी अच्छी तरह सोना जरुरी हो जाता है
  • सोना हमारे लिए एक फैसिलिटी नहीं है बल्कि हमारी शरीर की जरुरत है।
  • गर्भवती महिला का कम सोना उसके और शिशु के लिए खतरनाक समस्या ला सकता है जैसे की हाइपरटेंशन, प्रीक्लैम्प्सिआ, गेसटीशनल डायबिटीज, पलमोनोरी हाइपरटेंशन आदि।
  • कम सोने से गर्भ तक सही से ऑक्सीजन नहीं पहुंचती जिस कारण शिशु का अच्छे से विकास नहीं हो पाता है।
  • एक रिसर्च के अनुसार जो महिलाये 6 घंटे से कम की नींद लेती है उन्हें सी सेक्शन डिलीवरी के लिए जाना पड़ता है।

गर्भावस्था में ज्यादा सोने से क्या नुकसान होता है?

हमे गर्भावस्था में स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त नींद लेना जरुरी होता है। अच्छे से सोने से प्रेगनेंसी में कमजोरी, थकान, तनाव, मूड स्विंग्स, जैसी परेशानी से निजात में मदद करती है। इसके अलावा शिशु के विकास में भी मदद मिलती है। पर अच्छे से सोने का मतलब यह नहीं की पूरा समय हम सोने में ही बता दे। क्योकि किसी भी चीज की अधिकता नुकसान पहुंचाती है। आइये जानते है प्रेगनेंसी में ज्यादा सोना से होने वाले नुक़्सानो के बारे में।
  • गर्भवस्था में वजन बढ़ना जरुरी होता है, परन्तु यदि वजन ज्यादा बढ़े तो इसके कारण परेशानी हो सकती है।  गर्भवती महिला अगर सारा दिन सोती है तो इससे शरीर पर वसा जमने लगती है, और वजन ज्यादा बढ़ने से बहुत सी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
  • वजन बढ़ने से प्रेगनेंसी में महिला को हाई ब्लड प्रैशर की समस्या भी होती है। यदि महिला को यह समस्या हो जाती है तो यह गर्भवती महिला को ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी नुकसान पहुंचाती है। हाई ब्लड प्रेशर होने के कारण डिलीवरी के समय भी समस्याए हो सकती है। ब्लड प्रेशर ज्यादा होने से समय से पूर्व डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है।
  • ज्यादा सोना से प्रेगनेंसी के दौरान आलस भी बढ़ता है, किसी काम को करने का मन नहीं करता है, यहां तक की जो गर्भवती महिला और शिशु के लिए जरुरी है महिला उस काम से भी परहेज करने लगती है।
  • अधिक सोने से शरीर में दर्द महसूस होता है, जिसके कारण शरीर को बिना कुछ काम किये ही हमेशा थकान महसूस होती है। ऐसे में कमजोरी महसूस होना भी आम बात होती है।
  • शिशु का गर्भ में वजन बढ़ने के कारण पीठ में हल्के फुल्के दर्द का रहना आम बात होती है, लेकिन यदि महिला सारा दिन सोती है तो पीठ में ज्यादा दर्द की समस्या हो सकती है, जिसके कारण महिला को उठने बैठने, यहां तक की सोने में भी परेशानी होने लगती है।
  • अधिक सोने के लिए मस्तिष्क पर भी बुरा असर पड़ता है, जिसके कारण तनाव महसूस होता है, और गर्भवती महिला और शिशु दोनों के लिए ही तनाव बहुत नुकसानदायक होता है।
गर्भावस्था के दौरान ज्यादा और कम सोने से होने वाले दोनों नुक़्सानो के बारे में हमने आपको बताया है। ध्यान रखिये किसी भी चीज की कमी या अधिकता दोनों ही नुकसानदेह होती है। एक गर्भवती महिला को रात में 8 से 9 घंटो की पूर्ण स्वस्थ नींद लेनी चाहिए और हो सके तो दिन में भी 2 घंटे की झपकी लेनी अच्छी सेहत के लिए फायदेमंद रहती है। नींद कम आने पर आपको संतुलित भोजन करना चाहिए इसके आलावा थोड़ा बहुत योग और हल्की फुलकी एक्सरसाइज भी करनी चाहिए जससे आपको स्वस्थ नींद लेने में मदद लिए। और यदि आपको ज्यादा नींद आती हो तो अपनी नींद पर रोक लगाए और सुबह जल्दी उठकर मॉर्निंग वाक करे और योगा करे। इसके आलावा कम सोने के लिए ज्यादा हैवी भोजन का सेवन ना करें। इन सभी उपाय के बावजूद आपको बहुत कम या बहुत ज्यादा नींद आती हो तो अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें।
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