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प्रेगनेंसी में पेट दर्द होने पर क्या करें?

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प्रेगनेंसी में पेट दर्द

गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना करती है, जैसे की उल्टियां आना, बॉडी पेन, पेट से जुडी समस्या, तनाव, सफ़ेद पानी का गिरना, मॉर्निंग सिकनेस, थकान व् कमजोरी, मूड स्विंग्स, भूख में कमी या भूख ज्यादा लगना आदि और यह लक्षण प्रेगनेंसी के दौरान सामान्य होते है। इन्ही शारीरिक परेशानियों में पेट दर्द का होना भी एक आम समस्या है, और ज्यादातर महिलाएं इस परेशानी से जूझ सकती है। प्रेग्नेंट महिला के पेट में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे की पेट की मांसपेशियों में खिंचाव, वजन का बढ़ना, गर्भाशय का आकार बढ़ना, कब्ज़ व् एसिडिटी, सम्बन्ध बनाने के कारण, भूख लगने के कारण, आदि। ऐसे में हल्के फुल्के पेट दर्द के कारण गर्भवती महिला को बिल्कुल भी घबराने की जरुरत नहीं होती है।

गर्भावस्था में पेट दर्द होने पर क्या करें

यदि प्रेग्नेंट महिला प्रेगनेंसी के दौरान पेट दर्द होने के कारण परेशानी का अनुभव कर रही है तो घर में ही कुछ आसान टिप्स का इस्तेमाल करके इससे आसानी से आराम पाया जा सकता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले पेट दर्द से बचने के लिए गर्भवती महिला को क्या कर सकती है।

सिकाई

पेट के जिस हिस्से में दर्द महसूस हो वहां पर गर्म पानी की बोतल से सिकाई करनी चाहिए, इससे आपको आराम पाने में मदद मिलती है। साथ ही यदि दर्द का कारण मांसपेशियों में खिंचाव होता है तो मांसपेशियों को भी सिकाई की मदद से आराम पहुंचाने में मदद मिलती है।

हल्का व्यायाम

गर्भावस्था के दौरान आराम करना बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन साथ में हल्का व्यायाम प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने के साथ गर्भवती महिला को एक्टिव रहने में मदद करता है। ऐसे यदि प्रेग्नेंट महिला को हल्का पेट में दर्द रहता है तो इससे निजात पाने के लिए आपको थोड़ा व्यायाम जरूर करना चाहिए इससे बॉडी में ब्लड फ्लो बेहतर होने के साथ मांसपेशियों को रिलैक्स महसूस करवाने में मदद मिलती है जिससे पेट दर्द के साथ बॉडी के अन्य अंगो में होने वाले दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है। खासकर खाना खाने के बाद वाक जरूर करें ताकि भोजन को अच्छे से पचने में मदद मिल सके जिससे पेट दर्द जैसी समस्या से गर्भवती महिला को बचे रहने में मदद मिल सके।

फाइबर

कब्ज़ व् एसिडिटी की समस्या होने के कारण भी गर्भवती महिला को इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में कब्ज़ व् एसिडिटी से राहत के लिए गर्भवती महिला को ऐसा आहार लेना चाहिए जिसमें फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद हो। क्योंकि फाइबर युक्त आहार का सेवन करने से गर्भवती महिला को कब्ज़ व् एसिडिटी जैसी परेशानी से राहत पाने में मदद मिलती है और साथ ही पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रहने में मदद मिलती है।

तरल पदार्थ

प्रेग्नेंट महिला को तरल पदार्थ को भरपूर मात्रा में लेना चाहिए, क्योंकि पानी का बॉडी में भरपूर मात्रा में होना बॉडी में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। साथ ही इसके कारण डीहाइड्रेशन जैसी परेशानी से भी बचे रहने में मदद मिलती है, और साथ ही पेट दर्द की समस्या को कम करने में भी मदद मिलती है। और तरल पदार्थ की कमी को पूरा करने के लिए दिन में आठ से दस गिलास पानी पीने के साथ नारियल पानी, घर में बने ताजे जूस, निम्बू पानी आदि का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए।

बेल्ट

पेट का आकार बढ़ने के कारण भी गर्भवती महिला को पेट में दर्द की अनुभूति हो सकती है ऐसे में महिला को मेटरनिटी बेल्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि इससे पेट भार बढ़ने के बाद भी महिला को परेशानी नहीं होती है, क्योंकि बेल्ट पेट के भर को संभालने में मदद करती है जिससे पेट दर्द की समस्या से आराम पाने में मदद मिलती है।

थोड़ा थोड़ा खाएं

भोजन को सही तरीके से न लेने के कारण भी गर्भवती महिला को पाचन क्रिया से जुडी समस्या हो सकती है जिसके कारण पेट में दर्द का अहसास हो सकता है। ऐसे में गर्भवती महिला को दिन में बड़े बड़े मील लेने की बजाय थोड़े थोड़े समय के बाद कुछ न कुछ हेल्दी खाना चाहिए इससे भोजन को आसानी से पचने में मदद मिलती है जिससे पेट दर्द की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है।

आराम लें

सारा दिन एक ही पोजीशन में बैठे रहने, बॉडी को आराम न देने के कारण भी गर्भवती महिला को पेट, कमर आदि में दर्द की समस्या हो सकती है। ऐसे में गर्भवती महिला को पेट दर्द की समस्या से राहत पाने के लिए बॉडी को आराम भी जरूर देना चाहिए।

तनाव

गर्भवती महिला का तनाव लेना भी पेट दर्द या बॉडी में होने वाले अन्य दर्द का कारण हो सकता है, ऐसे में गर्भवती महिला को स्वस्थ रहने के लिए, गर्भ में शिशु के बेहतर विकास के लिए, पेट या बॉडी के किसी अन्य पार्ट में दर्द से आराम के लिए तनाव लेने से बचना चाहिए।

सोते समय रखें ध्यान

पेट के जिस हिस्से में आपको दर्द हो उसकी उल्टी तरफ करवट लेकर थोड़ा आराम करें, और पेट के बल बिल्कुल न सोएं। ऐसा करने से भी गर्भवती महिला को पेट में दर्द की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी में पेट दर्द होने पर डॉक्टर से कब मिलें

  • पेट में ऐंठन अधिक महसूस होने पर।
  • यदि प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में पेट दर्द महसूस हो और बिल्कुल वैसे ही जैसे की माहवारी के दौरान होता है तो यह गर्भपात का संकेत हो सकता है, ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
  • पेट में दर्द होने के साथ ब्लीडिंग की समस्या हो।
  • गर्भावस्था की आखिरी तिमाही में पेट में दर्द अधिक हो तो यह प्रसव का संकेत हो सकता है, और दर्द के साथ प्राइवेट पार्ट से सफ़ेद पानी की तरह तरल पदार्थ अधिक आये तो इसका मतलब होता है की पानी की थैली फट गई है ऐसे में बिना देरी किये तुरंत डॉक्टर के पास पहुँच जाना चाहिए।
  • पेट में अधिक दर्द का होना एक्टोपिक प्रेगनेंसी का लक्षण हो सकता है इसे भी अनदेखा न करते हुए समय से ट्रीटमेंट लेना चाहिए।

तो यह हैं कुछ उपाय जिनका इस्तेमाल करके आप आसानी से प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले पेट दर्द की समस्या से निजात पा सकती है। साथ ही यदि ऊपर दिया गया कोई भी लक्षण महसूस हो तो बिना देरी किये तुरंत डॉक्टर के पास पहुँच जाना चाहिए ताकि किसी भी तरह की परेशानी से गर्भवती महिला को बचने में मदद मिल सके, और गर्भ में पल रहे शिशु को भी इसके कारण कोई परेशानी न हो।