गर्मियों में नन्हे शिशु को गर्मी लगने से ऐसे बचाएं

गर्मियों में शिशु की देखभाल
0

गर्मियों में शिशु की देखभाल

गर्मियों के मौसम में लगातार बढ़ता तापमान और चिलचिलाती गर्मी में नन्हे शिशु की केयर कर पाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। जरा सी लापरवाही शिशु के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में महिलाओं को बहुत ही सावधानी से अपने नवजात शिशु की केयर करनी चाहिए। गर्मियों में सबसे ज्यादा परेशानी लू लगने की होती है। जिसके कारण उलटी, दस्त, पेट दर्द जैसी समस्याएं होने लगती है। जो शिशु के लिए ठीक नहीं। आज हम आपको कुछ खास टिप्स दे रहे है जिनकी मदद से गर्मियों में नन्हे शिशु को गर्मी लगने से बचा सकती है।

शिशु को गर्मी लगने से कैसे बचाएं?

अपने शिशु को गर्मियों में लू लगने की समस्या से बचाने के लिए आपको बहुत सी बातों का ख्याल रखना होगा।

सही कपड़ें चुनें

  • गर्मियों में शिशु के लिए ऐसे कपडे चुनें जो आरामदायक हो। आप शिशु के लिए कॉटन के कपडे ले सकती हैं। ये शिशु के शरीर से पसीना सोख लेंगे, जिससे घमौरियां नहीं होंगी।
  • घर से बाहर जाते समय शिशु को हलके रंग के कपडे पहनाएं, गहरे रंगों का इस्तेमाल नहीं करें। हलके शरीर ठंडक देने का काम करते हैं जबकि डार्क रंग गर्मी सोखते हैं।
  • बाहर जाते समय शिशु को पुरे ढके हुए कपडे पहनाएं। जिसमे शिशु के हाथ-पैर पूरी तरह कवर हो जाएं। इससे धूप की सीधी रौशनी शिशु पर नहीं पड़ेगी।
  • अगर आपका शिशु थोड़ा बड़ा है तो आप उसके लिए टोपी लें सकती हैं। ध्यान रहे टोपी, चौड़े रिम वाली हो जिससे सिर, गर्दन और चेहरे को धूप से बचाया जा सके।
  • इलास्टिक वाली हैट नहीं खरीदें। ये शिशु की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है।

समय का ध्यान रखें

  • सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक गर्मी सबसे ज्यादा होती है। अगर आवश्यक नहीं है तो उस समय घर से बाहर नहीं जाएं। सुबह जल्दी या शाम के समय सैर करने जा सकती हैं। इस समय ज्यादा गर्मी नहीं होती और ठंडी हवाएं भी चलती हैं।
  • अगर आवश्यक है तो शिशु को प्रैम या बेबी कैरियर में लिटाएं। इससे शिशु को सीधी धूप नहीं लगेगी।
  • गर्मी न लगे इसके लिए प्रैम या बेबी कैरियर में सूती चादर बिछा दें। ये शिशु को प्रैम के सिंथेटिक कपड़ें की गर्मी से बचाने में मदद करेगी और शिशु का पसीना भी सोख लेगी। जिससे शिशु को गर्मी नहीं लगेगी।

शिशु को आराम दें

  • अगर संभव हो तो शिशु को दिन के समय कुछ देर बिना लंगोट या डायपर के रहने दें। क्यूंकि लंगोट या डायपर से शिशु की कमर और जांघो पर निशान पड़ जाते हैं और वहां पसीना भी ज्यादा आता है। अगर आप कुछ देर बिना लंगोट के रखेंगी तो शिशु को ठंडक मिलेगी।
  • शिशु को उस समय बिना लंगोट के रखें जब वह लगा हुआ हो और बाथरूम आदि न करें। इससे आपका बेड भी गन्दा नहीं होगा और शिशु भी अच्छा फील करेगा।
  • आप शिशु को हमेशा सूती अंडरवियर पहनाकर सूती चादर पर लिटा दें। चादर के नीचे एक प्लास्टिक की पन्नी भी रख दें ताकि अगर शिशु गीला करें तो पूरा बिस्तर खराब न हो।

शिशु को ठंडक दें

  • एक व्यस्क की तुलना में शिशु को अधिक पानी की आवश्यकता होती है। क्यूंकि बच्चों के सभी अंग बहुत तेजी से काम करते हैं। ऐसे में आपको शिशु को हाइड्रेट रखना जरूर है।
  • अगर आपका शिशु केवल स्तनपान करता है तो उसे समय-समय पर दूध पिलाती रहें। अगर शिशु 6 माह से बड़ा है तो आप ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ दें। साथ-साथ पानी भी पिलाती रहें। ताकि पानी की कमी न हो।
  • अगर आपका शिशु डिब्बे वाला दूध पीता है तो गर्मियों में दूध को अच्छे से उबालकर ठंडा किया दूध दें।
  • ठोस आहार खाने वाले शिशु को फलों का रस भी पिलायें। ये शिशु के शरीर में पानी की कमी नहीं होने देंगे।

शिशु का आहार

  • अगर आपका शिशु 6 माह से बड़ा है तो उसे कभी भी सड़क किनारे मिलने वाली आइसक्रीम, बर्फ का गोला, पानी या फलों का रस नहीं पिलायें। हो सकता है ये ताजा ना हो और शिशु को बीमार कर दे। इसलिए ध्यान रखें।
  • शिशु को जब भी कहीं बाहर लेकर जाएं तो अपने साथ पानी और खाना लेकर जाएं। बाहर से नहीं खरीदें। शिशु का खाना अच्छी क्वालिटी के फ़ूड ग्रेड बर्तन में रखें।
  • गर्मियों के दिनों में शिशु को खाना खिलाने से पहले स्वयं भोजन को चख लें की खाना खराब तो नहीं हुआ है? क्यूंकि गर्मियों में खाना बहुत जल्दी खराब हो जाता है। अगर आप शिशु को स्तनपान करा रही हैं तो भी आप स्वस्थ और ताजा आहार लें। खराब खाना खाने से शिशु को भी परेशानी हो सकती है।

मालिश के बाद ये करें

  • शिशु की हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए मालिश करना बहुत जरुरी होता है। लेकिन गर्मियों के दिनों में ज्यादा मालिश करने से शिशु के शरीर पर तेल की परत बन जाती है जिससे शिशु को परेशानी हो सकती है।
  • इस परेशानी से बचने के लिए ध्यान रखें की मालिश के बाद नहलाते समय शिशु के शरीर से पूरा तेल साफ़ हो जाना चाहिए। गाढ़े तेल की बजाए हल्के तेल का इस्तेमाल करें। ये आसानी से त्वचा में समा जाता है और साफ़ हो जाता है।

पाउडर लगाते समय

  • गर्मियों के दिनों में शिशु को पसीने से बचाने के लिए अच्छी क्वालिटी का बेबी टैल्कम पाउडर लगाएं। ये शिशु को सूखा रखने में मदद करेगा।
  • पाउडर हमेशा अपने हाथों में लेकर हलके हाथों से शिशु के शरीर पर लगाएं। कभी भी सीधे डिब्बे या पफ से शिशु के शरीर पर पाउडर नहीं लगाएं।
  • इस तरह से पाउडर लगाने पर शिशु पाउडर को साँस लेते समय अंदर ले सकता है जिसके कारण शिशु को साँस लेने में परेशानी हो सकती है। इसीलिए अपने हाथों में लेकर धीरे-धीरे लगाएं।
  • जब शिशु की गर्दन और आस-पास के हिस्सों में पाउडर लगाएं तो खास ध्यान रखें की पाउडर इधर-उधर न गिरे।

शिशु को पानी में खेलने दें

  • गर्मियों के मौसम में शिशु को पानी से खेलना बहुत अच्छा लगता है। पानी की ठंडक उनके शरीर को आराम देती है।
  • आप अपने शिशु को थोड़े से पानी में खिलौने डालकर बाथटब या हवा वाले बेबी पूल में बिठा सकती हैं। इससे उन्हें अच्छा लगेगा और गर्मी का एहसास नहीं होगा।
  • बाथटब आदि में बैठने के बाद कभी भी शिशु को अकेला नहीं छोड़ें। जरा सी लापरवाही बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। इसीलिए हमेशा शिशु के साथ रहें।

मच्छरों से बचाएं

  • गर्मियों में मच्छर बहुत अधिक मात्रा में होते हैं। जो बहुत सी बीमारियां फैलाते हैं। आपको शिशु को इन मच्छरों से बचाना चाहिए।
  • आप शिशु को हमेशा मच्छर दानी में रखें। खासकर शाम और रात को सोते समय।
  • मच्छर भगाने के लिए आप कोइल या मॉस्किटो किलिंग मशीन का इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • अगर संभव हो तो शाम होने से पहले घर के जाली वाले खिड़की दरवाजें बंद कर लें और दरवाजों के नीचे खुली जगह पर “डोर ब्रश” लगवा लें। इससे मच्छर घर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
  • अगर घर में कूलर है तो नियमित रूप से उसकी साफ़-सफाई का ध्यान रखें और पानी भी बदलती रहें।
  • अपने घर के आसपास ज्यादा गंदगी इकठ्ठा न होने दें। घर के बाहर पानी जमा न होने दें। इससे मच्छर पैदा नहीं होंगे।
  • अगर किसी अपार्टमेंट आदि में रहती हैं और वहां साफ-सफाई सही तरीके से नहीं हो रही है तो अपने सोसाइटी प्राधिकरण से बात करें और सफाई करवाएं।

तो दोस्तों, ये कुछ जरूरी टिप्स हैं जिन्हे फॉलो करके आप अपने शिशु को गर्मी लगने / लू लगने की समस्या से बचा सकती हैं। इसके साथ-साथ आप शिशु की सेहत का भी ध्यान रखें। अगर शिशु की तबियत खराब है तो घरेलू उपायों की बजाए डॉक्टर से मिलें। क्यूंकि गर्मी के दिनों में शिशु की तबियत खराब रहना ठीक नहीं।