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तीस साल की उम्र में प्रेग्नेंट हुई हैं तो इन बातों का ध्यान रखें

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महिला के प्रेग्नेंट होने की सही उम्र बाइस से अठाइस वर्ष तक होती है लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है की इस उम्र से कम या ज्यादा उम्र की महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पाती है। परन्तु ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि बाइस से अठाइस वर्ष की उम्र में प्रेगनेंसी के दौरान माँ व् बच्चे दोनों को परेशानी होने का खतरा कम होता है। जबकि बाइस से अठाइस वर्ष से कम या ज्यादा उम्र होने पर महिला को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

और आज कल लडकियां अपने भविष्य के बारे में सोचती हुई माँ बनने के निर्णय में देरी कर देती है। ऐसे में यदि महिला तीस या तीस से ज्यादा उम्र में यदि गर्भधारण करती है तो प्रेगनेंसी में किसी तरह की कॉम्प्लीकेशन्स न आए और माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ रहें इसके लिए महिला को प्रेग्नेंट होने पर बहुत सी बातों का ध्यान रखने की जरुरत होती है। तो आइये अब जानते हैं की तीस की उम्र में गर्भवती होने पर महिला को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

जांच करवाएं

तीस की उम्र के बाद प्रेग्नेंट महिला को अपनी सभी जाँच को समय से करवाना चाहिए, प्रेगनेंसी में रूटीन चेकअप का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, किसी भी जांच में देरी नहीं करनी चाहिए, ऐसा करने से गर्भावस्था के दौरान आपको हर परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है। साथ ही यदि उम्र ज्यादा होने के कारण प्रेगनेंसी में कोई परेशानी होती भी है तो उसका समय से समाधान हो जाता है।

पॉजिटिव रहें

गर्भवती होने पर यदि आपको कोई प्रेगनेंसी के बारे में बताता हैं तो ऐसे में आपको बताने वाले सभी लोगो की राय अलग अलग हो सकती है। साथ ही आपसे सभी अपने एक्सपीरियंस भी शेयर कर सकते हैं, वो एक्सपीरियंस अच्छे होने के साथ बुरे भी हो सकते हैं। लेकिन इन सभी बातों को लेकर आपने तनाव नहीं लेना है बल्कि पॉजिटिव रहना है। क्योंकि आपका तनाव लेना आपकी परेशानी को बढ़ाता है ऐसे में पॉजिटिव रहकर अपना अच्छे से ध्यान रखकर आपको अपनी प्रेगनेंसी को एन्जॉय करना चाहिए।

सम्बन्ध बनाने से बचे

तीस की उम्र के बाद यदि अपने गर्भधारण किया है तो आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की आप अपने पार्टनर के साथ सम्बन्ध न बनाएं। क्योंकि इसके कारण गर्भाशय पर थोड़ी सी चोट लगने के कारण आपको और आपके बच्चे को दिक्कत हो सकती है।

शरीर में पोषक तत्वों की कमी न होने दें

तीस की उम्र के बाद माँ बनने में कॉम्प्लिकेशन होने का खतरा ज्यादा होता है ऐसे में बॉडी में विटामिन्स की कमी, आयरन की कमी, कैल्शियम की कमी, गर्भवती महिला की दिक्कतों को बढ़ा सकती है। ऐसे में डॉक्टर्स द्वारा दी गई दवाइयों का सेवन करने के साथ महिला को अपनी डाइट में भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों को शामिल करना चाहिए। ताकि गर्भवती महिला को पोषक तत्वों की कमी के कारण होने वाली शारीरिक परेशानियों से बचे रहने में मदद मिल सके।

हाइड्रेट रहें

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में पानी की कमी प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स को बढ़ा देती है। ऐसे में महिला को इस बात का भी अच्छे से ध्यान रखना है की शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए गर्भवती महिला को पानी का भरपूर सेवन करना चाहिए। पानी की कमी को पूरा करने के लिए जूस, नारियल पानी, निम्बू पानी, आदि का सेवन भी गर्भवती महिला कर सकती है।

वजन

वजन बढ़ने या कम होने पर भी तीस की उम्र में माँ बनने पर महिला को अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि वजन का कम बढ़ना या ज्यादा बढ़ना दोनों ही प्रेग्नेंट महिला की दिक्कतों को ज्यादा बढ़ाता है।

कैफीन का सेवन

यदि आप कैफीन युक्त आहार जैसे चाय, कॉफ़ी, ब्लैक टी, खाली पेट ग्रीन टी का सेवन अधिक मात्रा में करती हैं। तो प्रेगनेंसी की शुरुआत से इन चीजों का सेवन कम कर दें, क्योंकि कैफीन से गर्भपात, समय से पहले बच्चे का जन्म, प्रेगनेंसी के समय कॉम्प्लीकेशन्स होने का खतरा रहता है। खासकर यदि आप तीस या उससे ज्यादा उम्र में गर्भवती हुई है तो आपको ऐसे रिस्क लेने से बचना चाहिए।

व्यायाम

तीस की उम्र के बाद गर्भधारण होने पर आपको व्यायाम नहीं करना चाहिए। खाना खाने के बाद चाहे तो घर में ही वॉक करें, लेकिन ऐसा कोई भी काम करने से बचे जिससे आपको थकावट या कमजोरी की परेशानी हो। इसके अलावा आप चाहे तो मैडिटेशन या योगासन कर सकती है।

भरपूर आराम करें

तीस की उम्र के बाद यदि आपने गर्भधारण किया है तो आपको इस दौरान भरपूर आराम करना चाहिए। क्योंकि आराम करने से आपको स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है की आप सारा दिन एक ही जगह पर बैठी या लेटी रहें।

तीस की उम्र के बाद गर्भधारण होने पर इन कामों को बिल्कुल न करें

भारी वजन न उठाएं, भीड़भाड़ में न जाएँ, पोछा न लगाएं, जिन कामों को करने में पेट पर जोर पड़े उन कामों को न करें, झुककर काम न करें, सीढ़ियां न चढ़ें, गर्म पानी से न न नहाएं, डाइट न करें, आदि। यदि आप इन बातों का ध्यान रखती हैं तो तीस की उम्र के बाद प्रेगनेंसी में आने वाली दिक्कतों से बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान महिला को तीस की उम्र में गर्भधारण करने पर रखना चाहिए। ताकि महिला की प्रेगनेंसी में कोई परेशानी न हो, बच्चे का विकास अच्छे से हो और महिला अपनी प्रेगनेंसी को अच्छे से एन्जॉय कर सके।

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