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नोर्मल डिलीवरी के लिए क्या-क्या करना चाहिए?

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प्रेगनेंसी के दौरान अधिकतर महिलाएं यही चाहती है की वो सामान्य प्रसव से शिशु को जन्म दें सके। क्योंकि सामान्य प्रसव होने से डिलीवरी के बाद महिला के जल्दी रिकवर होने की सम्भावना होती है साथ ही जन्म के समय होने वाले शिशु को भी दिक्कत होने का खतरा बहुत कम होता है। लेकिन कई बार कुछ केस में डिलीवरी के समय कोई दिक्कत आ जाती है जिसकी वजह से सिजेरियन डिलीवरी करनी पड़ती है।

ऐसे में यदि आप चाहती है की आप नोर्मल डिलीवरी से बच्चे को जन्म दें। तो इसके लिए प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने तक महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए ताकि महिला के सामान्य प्रसव के चांस को बढ़ाने में मदद मिल सके। साथ ही डिलीवरी के समय कोई दिक्कत भी नहीं आये। तो आइये अब इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं जिन्हे कंसीव करने से पहले और प्रेगनेंसी के दौरान फॉलो करने से आपको नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ाने में मदद मिलती है।

प्रेगनेंसी और प्रसव की जानकारी इक्कठी करें

प्रेगनेंसी और प्रसव को आसान बनाने के लिए सबसे जरुरी होता है की आपको प्रेगनेंसी और प्रसव की सम्पूर्ण जानकारी हो। क्योंकि जितना आप प्रेगनेंसी और प्रसव को समझ पाते हैं उतना ही इसे आसान बनाने में मदद मिलती है।

हेल्दी डाइट लें

खान पान का प्रेगनेंसी के दौरान अहम रोल होता है ऐसे में आपको अपनी डाइट का भी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि जितनी अच्छी आपकी डाइट होगी उतना ही आपको स्वस्थ रहने और गर्भ में शिशु के बेहतर विकास में मदद मिलेगी। और जितना आप प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहेंगी उतना ही नोर्मल डिलीवरी की सम्भावना बढ़ेगी। इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान उन चीजों का सेवन बिल्कुल नहीं करें जिनका सेवन करने की प्रेगनेंसी के दौरान मनाही हो।

हाइड्रेट रहें

नोर्मल डिलीवरी के चांस को बढ़ाने के लिए महिला को शरीर में तरल पदार्थों की कमी नहीं होने देनी चाहिए। क्योंकि शरीर में तरल पदार्थों की मात्रा पूरी होने से गर्भाशय में एमनियोटिक फ्लूड की मात्रा सही रहती है जिससे बच्चे का विकास अच्छे से होता है साथ ही प्रेगनेंसी और डिलीवरी में कॉम्प्लिकेशन को कम करने में मदद मिलती है।

सभी जांच व् टीकाकरण समय से करवाएं

यदि आप चाहती है की आपकी डिलीवरी नोर्मल हो तो इसके लिए आप अपनी सभी जांच और टीकाकरण समय से करवाएं। ऐसा करने से प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी साथ ही यदि कोई समस्या होगी तो उसका समय से इलाज भी हो जायेगा। इसके अलावा डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों का सेवन भी महिला को समय से करना चाहिए ताकि शरीर में पोषक तत्वों की कमी नहीं हो।

खुश और एक्टिव रहें

यदि आप चाहती है की आपको प्रेगनेंसी में कोई दिक्कत नहीं हो, डिलीवरी में कोई परेशानी नहीं हो, तो इसके लिए आप प्रेगनेंसी के दौरान तनाव से दूर रहें और हमेशा खुश रहें। साथ ही आलस न करके एक्टिव रहें क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान खुश रहने और एक्टिव रहने से आपको फिट रहने में मदद मिलती है और जितना आप फिट रहती है उतना ही नोर्मल डिलीवरी को सम्भावना को बढ़ाने में मदद मिलती है।

वजन को जरुरत से ज्यादा न बढ़ने दें

गर्भावस्था के समय महिला का वजन जरूर बढ़ता है लेकिन ध्यान रखें की वजन जरुरत से ज्यादा नहीं बढ़ें। क्योंकि वजन का जरुरत से ज्यादा बढ़ना नोर्मल डिलीवरी की सम्भावना को कम करता है। और यदि आप अपने वजन को नियंत्रित रखती है तो इससे नोर्मल डिलीवरी होने के चांस बढ़ते हैं।

टहलना है जरुरी

नोर्मल डिलीवरी की चाह रखने वाली गर्भवती महिलाओं को रोजाना वॉक जरूर करनी चाहिए। खासकर प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में तो जरूर करनी चाहिए क्योंकि वॉक करने से महिला फिट रहती है साथ ही गर्भ में शिशु को भी जन्म लेने की सही पोजीशन में आने में मदद मिलती है और पेल्विक एरिया की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। जिससे सामान्य प्रसव के चांस बढ़ाने में मदद मिलती है।

स्विमिंग करें

यदि आपको स्विमिंग आती है तो आपको हफ्ते में एक या दो दिन स्विमिंग भी जरूर करनी चाहिए। क्योंकि स्विमिंग करने से पेल्विक एरिया को मजबूती मिलती है साथ ही नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ाने और डिलीवरी को आसान बनाने में मदद मिलती है।

योगासन करें

गर्भवती महिला को एक्टिव रहने के लिए दिन भर में थोड़ी देर योगा जरूर करना चाहिए। और खासकर वो योगा करना चाहिए जिससे पेल्विक एरिया को स्ट्रेच करने में मदद मिल सके, पेल्विक एरिया की मांसपेशियों को मजबूती मिल सके, आदि। इसके आलावा और भी योगा करने चाहिए योगा करने से महिला को दिमागी रूप से और शारीरिक रूप से रिफ्रेश रहने में मदद मिलती है साथ ही शरीर भी सामान्य प्रसव के लिए तैयार होता है जिससे सामान्य प्रसव की सम्भावना बढ़ती है।

बेहतर नींद भी है जरुरी

गर्भावस्था के दौरान बेहतर नींद भी बहुत जरुरी होती है क्योंकि नींद अच्छी लेने से महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। और जितना प्रेग्नेंट महिला फिट रहती है स्वस्थ रहती है उतना ही नोर्मल डिलीवरी के चांस को बढ़ाने में मदद मिलती है।

ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें

नोर्मल डिलीवरी के दौरान जब दर्द शुरू होता है तो ऐसे में जरुरी होता है की महिला शांत रहें। क्योंकि ऐसा करने से डिलीवरी को आसान बनाने में मदद मिलती है और इसके लिए महिला को प्रेगनेंसी के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करनी चाहिए। क्योंकि लम्बी लम्बी सांस लेने से महिला को पेन को कण्ट्रोल करने में मदद मिलती है जिससे डिलीवरी को आसान बनाने में फायदा पहुँचता है।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिन्हे फॉलो करने से आपको नोर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ाने में मदद मिलती है। यदि आप भी माँ बनने वाली हैं या माँ बनने की प्लांनिग कर रही हैं और चाहती हैं की आप सामान्य प्रसव के माध्यम से बच्चे को जन्म दें। तो आपको भी इन टिप्स का ध्यान रखना चाहिए।

Important tips for Normal Delivery

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