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जब बेबी पेट में कम या ज्यादा मूव करे तो यह कारण होते हैं?

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प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु की पहली हलचल को महसूस करना महिला के लिए रोमांचक के साथ बहुत ही भावुक समय हो सकता है। और यह प्रेगनेंसी के सबसे बेहतरीन अनुभवों में से एक होता है। गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास जैसे जैसे बढ़ता है वैसे वैसे गर्भ में शिशु की हलचल भी बढ़ने लगती है। जिसकी वजह से कई बार महिला को पेट में हलके दर्द का अनुभव भी हो सकता है।

ज्यादातर शिशु प्रेगनेंसी के पांचवें महीने के आस पास गर्भ में हलचल करना शुरू कर देते हैं। लेकिन कई बार गर्भ में महिला को शिशु की ज्यादा तो कई बार कम हलचल महसूस हो सकती है और ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको गर्भ में शिशु कम या ज्यादा हलचल क्यों करता है उसके बारे में बताने जा रहे हैं।

माँ के पेट में बच्चे के ज्यादा हलचल करने के कारण

रात के समय: पूरा दिन काम करते हुए महिला को शिशु की हलचल कई बार महसूस नहीं होती है लेकिन जब महिला रात को आराम से लेटती है या सोती है तो गर्भ में पल रहा शिशु ज्यादा मूव करता है। और महिला को शिशु की हलचल अच्छे से महसूस भी होती है। इसके अलावा जब कभी महिला आराम से बैठी भी होती है तो भी गर्भ में शिशु की हलचल ज्यादा महसूस होती है।

ज्यादा तेज आवाज़: गर्भ में पल रहे बच्चे के अंगो का विकास बढ़ने के साथ शिशु की सुनने की क्षमता भी बढ़ जाती है। ऐसे में जब कभी आप तेज आवाज़ में गाने सुनते हैं, अचानक से कोई चिल्लाता है, या आप किसी ऐसी जगह पर जाते हैं जहां शोर होता है, तो इसे सुनकर गर्भ में शिशु घबरा जाता है चौंक जाता है। जिसके कारण शिशु ज्यादा मूव करने लगता है। लेकिन महिला को ज्यादा तेज आवाज़ से दूर रहना चाहिए क्योंकि इसके कारण शिशु की सुनने की क्षमता पर नकारात्मक असर भी पड़ता है।

तापमान बदलने पर: यदि महिला कभी बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीती है तो इसके कारण शरीर के अंदर का तापमान बदल जाता है और ऐसा होने की वजह से भी बच्चा ज्यादा मूव करने लगता है। इसीलिए शिशु की मूवमेंट महसूस न होने पर डॉक्टर ऐसा करने की सलाह भी देते हैं ताकि आपको बच्चे की हलचल महसूस हो सके।

गर्भ में शिशु से बातें करने पर: गर्भ में पल रहे बच्चे को यदि कभी महिला बोलकर कहानियां सुनाती है, म्यूजिक सुनाती है, बातें करती हैं, पेट पर हाथ फेरती है, आदि। तो भी बच्चा अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए ज्यादा मूव कर सकता है।

गर्भ में शिशु के कम मूव करने के कारण

शिशु का विकास: यदि गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास अच्छे से नहीं हो रहा है, बच्चे का वजन जरुरत से कम है तो गर्भ में शिशु की हलचल कम महसूस होती है या बच्चा गर्भ में कम मूव करता है।

ऑक्सीजन की कमी: गर्भ में शिशु तक यदि ऑक्सीजन या ब्लड अच्छे से नहीं पहुँचता है तो इस कारण भी गर्भ में शिशु कम हलचल कर सकता है।

डिलीवरी का समय पास आने पर: बच्चे के जन्म लेने का समय पास आने पर बच्चा अपने जन्म लेने की सही पोजीशन में आने लगता है। यानी की बच्चे का सिर नीचे की तरफ और पैर ऊपर की तरफ हो जाते हैं। जिसकी वजह से बच्चे की हलचल में आपको कमी महसूस हो सकती है।

शिशु को दिक्कत: यदि किसी कारण गर्भ में शिशु को कोई समस्या हो जाती है तो इस कारण भी बच्चा कम मूव करने लगता है।

तो यह है गर्भ में शिशु के ज्यादा या कम मूव करने के कारण, ऐसे में यदि आपको ऐसा महसूस हो तो बहुत ज्यादा समय हो गया है और शिशु मूव नहीं कर रहा है। तो आपको इसे अनदेखा न करते हुए तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए क्योंकि यह शिशु को होने वाली किसी दिक्कत का संकेत होता है।

Baby movement in Pregnancy

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