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ब्रेस्ट (स्तन) में खुजली के कारण और उपचार

स्तनों में खुजली होना भी उन समस्यायों में से एक है जिनके बारे में महिलाएं बाते करने से कतराती है। लेकिन कई बार इस समस्या के कारण महिलाओं को शर्मिंदगी भी महसूस होती है। इसीलिए आज हम आपको ब्रैस्ट में खुजली होने के कारण और उसके उपायों में बारे में बता रहे है।

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आजकल जमाना काफी बदल गया है, लोग पहले की तरह दूसरों से बातें छिपाते नहीं है। लोगों को एक दुसरे से बात करने में कोई शर्म नहीं आती। लेकिन इतने बदलाव के बावजूद भी कुछ महिलाएं ऐसी है जो अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर चर्चा करने से शर्माती है। फिर वो समस्या चाहे उनकी निजी जिंदगी की हो या उनके स्वास्थ्य से जुड़ी हो।

स्तनों में खुजली होना भी उन्ही समस्यायों में से एक है जिनके बारे में महिलाएं बाते करने से कतराती है। लेकिन कई बार इस समस्या के कारण महिलाओं को शर्मिंदगी भी महसूस होती है। वैसे तो ये कोई बड़ी समस्या नहीं है लेकिन अगर समय पर इसके लक्षणों पर ध्यान नहीं दिया जाए तो आगे चलकर यह बड़ी समस्या का कारण बन सकती है।

ब्रेस्ट में खुजली होने की मुख्य वजह शरीर में हार्मोनल बदलाव, परफ्यूम के अधिक इस्तेमाल, ब्रा के गलत फैब्रिक पहनना, टाइट और कसे हुए कपडे पहनना और नए कपड़ों को पहनना होता है। जिसके कारण स्किन में एलर्जी हो जाती है और खुजली होने लगती है। महिलाओं में होने वाली यह एक आम समस्या है जो किसी भी उम्र की महिला को हो सकती है। इसलिए आज हम आपको इस समस्या के होने के कारण और उसके पूर्ण उपायों के बारे में बता रहे है। जिसकी मदद से आप इस समस्या की जड़ को खत्म करके उससे हमेशा के लिए छुटकारा पा सकती है।

ब्रैस्ट (स्तनों) में खुजली होने के कारण और उपाय :-स्तनों में खुजली क्यों होती है

1. स्किन का ड्राई होना है ब्रैस्ट में खुजली की मुख्य वजह :

ड्राई स्किन में बहुत सी समस्याएं होती रहती है। क्योंकि यह स्किन टाइप त्वचा में नमी को बनाए नहीं रख पाती जिसके कारण स्किन रुखी हो जाती है। और रुखी होने के कारण इसमें खुजली, फ्लेकिंग और रफ स्किन की समस्या होने लगती है। लेकिन स्किन का ड्राई होना सामान्य नहीं है। जी हां, स्किन के ड्राई होने का सबसे बड़ा कारण अधिक समय तक नहाना और अधिक गर्म पानी से नहाना होता है। इसके अलावा कुछ विशेष साबुन भी इस समस्या का कारण होते है। इसलिए पहले इन कारणों को दूर करें।

उपाय : ड्राई स्किन की समस्या में मोइस्चराइज़र का इस्तेमाल करना बेहतर होगा। इसके लिए ऐसा मोइस्चराइज़र चुनें जो त्वचा की नमी को बनाए रखे। इसके साथ ही नहाने के बाद स्किन को अच्छी तरह सुखाकर उसपर मोइस्चराइज़र लगाएं। बता दें बेहतर परिणामों के लिए हलकी गीली स्किन पर मोइस्चराइज़र लगाना अच्छा होता है। इसके अलावा आप नारियल तेल और बादाम के तेल का भी इस्तेमाल कर सकती है। इसके साथ ही साबुन और अन्य स्किन केयर प्रोडक्ट्स को चुनते समय भी खास ध्यान रखें।

2. यीस्ट इंफेक्शन भी हो सकता है एक कारण :

हमारे शरीर में कई तरह के बैक्टीरिया और यीस्ट रहते है जो शरीर के लिए अच्छे होते है। लेकिन कई बार कुछ कारणों की वजह से अच्छे जीवाणुओं का विकास रुक जाता है जिसकी वजह से यीस्ट अधिक मात्रा में ग्रो होने लगता है जिसके परिणामस्वरूप यीस्ट इंफेक्शन हो जाता है। इसके होने के बाद स्किन में काफी खुजली होती है। यह स्थिति अधिकतर स्तनपान कराते समय होती है। खमीर संक्रमण होने के बाद स्किन में खुजली के साथ साथ फफोले, रेड निप्पलस, फ्लेकिंग स्किन और स्तनों में तेज दर्द भी होता है।

उपाय : इससे छुटकारा पाने के लिए आप डॉक्टर से सलाह लेकर एंटी फंगल दवाओं का सेवन कर सकती है। इसके साथ ही कुछ सावधानियां बरतकर भी आप इस संक्रमण को फैलने से रोक सकती है। इसके लिए अपने और अपने शिशु के हाथों को साफ़ करती रहें। तौलिया, ब्रा और खिलौने आदि जो यीस्ट के सम्पर्क में आ सकते है उन्हें स्वच्छ रखें। परिवार के अन्य सदस्यों की जाँच करें की कहीं वे संक्रमित तो नहीं है। साथ ही ये भी देखें की किसी को यह संक्रमण हुआ तो नहीं।

3. एक्जिमा की वजह से भी हो सकती है स्तनों में खुजली :स्तनों में खुजली होने के कारण व् उपचार

यह एक तरह की त्वचा संबंधित बिमारी होती है जिसमे स्किन में खुजली, ड्राई स्किन और लाल रंग के दाने उत्पन्न होने लगते है। लेकिन इस समस्या का मुख्य कारण क्या है इसके बारे में अब तक कोई बता नहीं पाया जाता है। शोधकर्ताओं की मानें तो इसका मुख्य कारण अनुवांशिक और पर्यावरणीय कारक दोनों होते है। जिससे बचने के लिए खास सावधानी बरतनी चाहिए।

उपाय : एक्जिमा की स्थिति में मोइस्चराइज़र का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। इस परेशानी में सर्वप्रथम डॉक्टर से सलाह ही लेनी चाहिए। क्योंकि समस्या कितनी गंभीर है यह केवल डॉक्टर ही बता सकता है। बता दें, साबुन, लोशन और कुछ विशेष कपडे भी त्वचा में जलन कर सकते है इसलिए उनके प्रयोग से भी बचें। तनाव कम करें और ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन बंद करें जिससे एलर्जी हो सकती है। एक और बात, खुजली होने पर स्किन को खरोंचने की कोशिश न करें ऐसा करने से समस्या और भी अधिक कष्टदायक हो सकती है।

4. मैस्टाइटिस भी है खुजली की एक वजह :

यह एक तरह का संक्रमण होता है जिसके होने के बाद स्तनों में सूजन और दर्द होता है। यह स्थिति अधिकतर स्तनपान करने वाली महिलाओं के साथ होती है। जब दूध की नलियाँ अवरुद्ध हो जाती है। विशेषज्ञों की माने तो दूध आस पास के उत्तकों में लीक हो सकता है जिससे सूजन आ सकती है। और इस सूजन की वजह से भी संक्रमण हो सकता है। वास्तव में इस समस्या के लिए एक बैक्टीरिया जिम्मेदार होता है जो त्वचा की दरारों के माध्यम से स्किन में प्रवेश कर संक्रमण और सूजन उत्पन्न करता है। इस समस्या के होने पर स्तनों में खुजली, निप्पल से रिसाव, लालिमा, दर्द और सूजन आदि हो सकती है। ठंड लगना और थकान महसूस होना भी इसी समस्या का लक्षण है।

उपाय : इस स्थिति के होने पर सर्वप्रथम डॉक्टर से जाँच करानी चाहिए। क्योंकि घर पर इस समस्या का इलाज करना सम्भव नहीं और यह आपके लिए सुरक्षित भी नहीं होगा। लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखकर आप इस समस्या में अपनी देखभाल कर सकती है। इसके लिए अगर आप स्तनपान करा रही है तो उसे जारी रखें। अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें ताकि शरीर को आराम मिले और नमी बरकरार रहे। हालत में सुधार होने तक ब्रा और अधिक तंग कपडे नहीं पहने।

5. सनबर्न के कारण भी हो सकती है खुजली :

अधिक समय तक धुप में रहनें और बाहर घुमने की वजह से स्किन में सनबर्न हो जाता है जिसके कारण खुजली होती है। इसके अलावा सनबर्न होने पर त्वचा में लालिमा और छोटे दाने भी आने लगते है जिनमे दर्द के साथ-साथ काफी खुजली होती है।

उपाय : इससे बचने के लिए जब भी धुप में निकलें तो स्किन को कवर कर लें जिससे सूरज की हानिकारक किरणें स्किन तक न पहुंच पायें। स्किन को जितना हो सके धुप और गर्मी से बचा कर रखें। बेहतर होगा समस्या के ठीक होने पर घर पर ही रहें। साथ ही स्किन को ठंडक पहुंचाते रहें जिससे दाने और लालिमा कम हो। इतना सब करने के बाद भी यदि आराम न मिले तो आप इस विषय में डॉक्टर से सलाह ले सकती है।

6. सोरायसिस के कारण भी हो सकती है ब्रैस्ट में खुजली :

यह एक तरह की स्किन संबंधी समस्या है जिसमे त्वचा में जलन और लालिमा आती है। इस समस्या का मुख्य लक्षण फ्लेकिंग स्किन होता है। यह अक्सर आपके स्तनों के नीचे, बगल में और नितम्बों के बीच में होता है। जिसमे बिना फ्लेकिंग के लाल रंग के चिकने पैच होते है। जिसका कारण प्रतिरक्षा प्रणाली का गलत तरीके से कार्य करना होता है।

उपाय : इस समस्या के होने पर केवल डॉक्टर से ही सम्पर्क करना चाहिए। स्वयं घर पर उपचार करने से समस्या और गंभीर हो सकती है।


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