प्रेगनेंसी में खर्राटे आने के कारण और उपाय

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प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को बहुत सी दिक्कतें होती है साथ ही महिला अपने शरीर में, व्यवहार में, खाने पीने के तरीके में, सोने के तरीके में बदलाव का अनुभव करती है। आज इस आर्टिकल में हम प्रेगनेंसी के दौरान महिला सोते समय खर्राटे आने की समस्या के बारे में बात करने का रहे हैं। वैसे तो खर्राटे आना आम बात होती है।

परन्तु खर्राटे लेने के कारण महिला को नहीं लेकिन साथ सोने वाले को बहुत परेशानी होती है साथ ही महिला को शर्मिंदगी भी महसूस हो सकती है। प्रेगनेंसी के दौरान महिला को खर्राटे आने का कोई एक नहीं बल्कि कई कारण हो सकते हैं। और इस समस्या से बचाव के लिए महिला कुछ आसान टिप्स को ट्राई भी कर सकती है।

प्रेगनेंसी के दौरान खर्राटे आने के कारण

  • महिला के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण ऐसा हो सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान बॉडी में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है जिसकी वजह से खून की वाहिकाएं मोटी हो जाती है जिसकी वजह से नाक के आस पास का हिस्सा थोड़ा ब्लॉक हो सकता है और सोते समय महिला को खर्राटे आ सकते हैं।
  • प्रेगनेंसी के दौरान महिला का वजन बढ़ने की वजह से महिला को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है जिसकी वजह से महिला को खर्राटे की समस्या हो सकती है।
  • प्रेग्नेंट महिला को थकान अधिक होने के कारण भी सोते समय खर्राटे अधिक आ सकते हैं।
  • यदि प्रेग्नेंट महिला को नाक में एलर्जी, सर्दी, फ्लू की समस्या हो जाती है तो इस कारण भी महिला को खर्राटे अधिक आने लगते हैं।
  • कुछ महिलाओं को पहले से ही खर्राटे आते हैं और गर्भावस्था के दौरान अधिक आने लगते हैं।
  • जो महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान नशीले पदार्थों का सेवन करती है उन्हें भी इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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क्या प्रेगनेंसी के दौरान खर्राटे खतरनाक होते हैं?

वैसे तो खर्राटे आना आम बात होती है लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिला को बहुत अधिक खर्राटे आते हैं। तो इसकी वजह से गर्भवती महिला और शिशु दोनों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। जैसे की महिला को हाई ब्लड प्रैशर, जेस्टेशनल डाइबिटीज़, सिजेरियन डिलीवरी जैसी समस्या होने के साथ शिशु के विकास में कमी भी आ सकती है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान खर्राटे अधिक आने की समस्या को अनदेखा न करते हुए इसके उपचार करने चाहिए साथ ही एक बार डॉक्टर से भी जरूर मिलना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान खर्राटे की समस्या से बचाव के उपाय

प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिला को खर्राटे अधिक आते हैं तो महिला कुछ आसान टिप्स को ट्राई करके इस परेशानी से निजात पा सकती है। जैसे की:

करवट लेकर सोएं

प्रेग्नेंट महिला को हमेशा करवट लेकर सोना चाहिए, करवट लेकर सोने से महिला को खर्राटे भी कम आते है साथ ही बेहतर नींद लेने में मदद मिलती है। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान महिला को बाईं और करवट लेकर सोना चाहिए। क्योंकि बाईं और करवट लेकर सोने से नींद भी अच्छी आती है और बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छे से होता है।

सिर ऊँचा रखकर सोएं

गर्भावस्था के दौरान महिला को खर्राटे की समस्या से बचने के लिए सिर ऊँचा रखकर सोना चाहिए। इसके लिए महिला सिर के नीचे दो तकिये रखें, ऐसे सोने से नाक के जरिये हवा अच्छे से पास होगी जिससे सांस लेने आसानी होने के साथ खर्राटे की समस्या से बचे रहने में भी मदद मिलेगी।

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वजन रखें नियंत्रित

जिन महिलाओं का वजन प्रेगनेंसी के दौरान जरुरत से ज्यादा बढ़ जाता है उन महिलाओं को खर्राटे की समस्या अधिक हो सकती है। ऐसे में गर्भवती महिला को अपना वजन प्रेगनेंसी के दौरान जरुरत से ज्यादा नहीं बढ़ने देना चाहिए। क्योंकि जितना महिला का वजन नियंत्रित रहता है उतना ही महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

सर्दी से बचाव

यदि सदरी फ्लू जुखाम आदि के कारण महिला का नाक बंद है तो महिला को इस परेशानी का इलाज करना चाहिए। क्योंकि इस परेशानी का इलाज करने से महिला को खर्राटे की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान खर्राटे लेने के कारण व् इस परेशानी से बचाव के कुछ उपाय, तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं और आपको भी प्रेगनेंसी के दौरान खर्राटे लेने की समस्या हो रही है तो आप भी इन आसान टिप्स को ट्राई करके इस समस्या से निजात पा सकते हैं।

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