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प्रेगनेंसी के छठे महीने में क्या-क्या होता है?

प्रेगनेंसी के छठे महीने का मतलब है की महिला की प्रेगनेंसी के दूसरे ट्राइमेस्टर को खत्म होने में केवल एक ही महीना बचा है। जिस तरह प्रेगनेंसी के हर महीने में महिला को अपने शरीर में कुछ अलग देखने को मिलता है कुछ नए बदलाव महसूस होते हैं वैसे ही प्रेगनेंसी के छठे महीने में भी महिला को कुछ न कुछ बदलाव जरूर महसूस होता है। तो आइये अब इस आर्टिकल में जानते हैं की प्रेगनेंसी के छठे महीने में महिला को क्या क्या महसूस होता है।

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गर्भावस्था के छठे महीने के लक्षण

प्रेगनेंसी के छठे महीने में शरीर में होने वाले बदलाव के कारण महिला को कौन कौन से लक्षण या बदलाव महसूस हो सकते हैं आइये जानते हैं।

पेट का साइज

छठे महीने में महिला का पेट अब बाहर की तरफ थोड़ा और दिखने लगता है और अब हर कोई आसानी से अंदाजा भी लगा सकता है की आप प्रेग्नेंट हैं।

सूजन

पेट का आकार बढ़ने के साथ महिला के वजन में भी इस दौरान बढ़ोतरी हो जाती है ऐसे में महिला को पैरों में सूजन महसूस हो सकती है और धीरे धीरे यह और भी बढ़ सकती है।

भूख में बढ़ोतरी

प्रेगनेंसी के छठे महीने में महिला की शारीरिक परेशानियां कम होने के साथ शिशु का विकास भी बढ़ जाता है ऐसे में महिला को पहले की अपेक्षा ज्यादा भूख लग सकती है। ऐसे में महिला के लिए जरुरी होता है की वो अपनी बेहतर हेल्थ और गर्भ में शिशु के बेहतर विकास के लिए अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखें लेकिन जरुरत से ज्यादा भी न खाएं। क्योंकि जरुरत से ज्यादा खाना भी गर्भवती महिला के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

पीठ में दर्द

छठे महीने में पेट का आकार बढ़ने के कारण पीठ की मांसपेशियों में भी खिंचवा बढ़ सकता है। जिसकी वजह से महिला को पीठ में दर्द की समस्या भी अधिक हो सकती है।

कब्ज़

बच्चे का वजन बढ़ने का साथ पेट के निचले हिस्से पर दबाव बढ़ता है जिसकी वजह से पाचन क्रिया थोड़ा धीमे काम कर सकती है। ऐसे में प्रेगनेंसी के छठे महीने में महिला को कब्ज़ जैसी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।

गर्भावस्था के छठे महीने में गर्भ में शिशु में होने वाले बदलाव

  • इस दौरान गर्भ में शिशु की हलचल महिला को थोड़े ज्यादा समय के लिए और अच्छे से महसूस होती है।
  • महिला के पेट का आकार बढ़ने के साथ पेट पर खिंचाव के निशान और नाभि बाहर की तरफ उभरी हुई महसूस होती है।
  • छठे महीने में महिला का वजन भी थोड़ा बढ़ जाता है।
  • कुछ महिलाओं को बाला झड़ने, मुहाँसें, मसूड़ों से खून आने जैसी समस्या बनी रह सकती है।
  • इस दौरान पेट या पेट के निचले हिस्से में महिला को हल्का दर्द रह सकता है लेकिन दर्द यदि ज्यादा हो तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

प्रेगनेंसी के छठे महीने में बच्चे का विकास

इस दौरान बच्चे के सभी अंग विकसित हो चुके होते हैं, बच्चे की लम्बाई व् वजन भी बढ़ जाता है और अल्ट्रासॉउन्ड में देखने पर आपको वो बिल्कुल एक छोटे बच्चे की तरह दिखता है। इस दौरान बच्चे की सुनने की क्षमता भी काम करने लगती है और आपका शिशु बाहर की चीजों को सुनकर उस पर प्रतिक्रिया भी देना शुरू करता है और वो यह प्रतिक्रिया अपनी हलचल के माध्यम से देता है।

गर्भावस्था के छठे महीने में अपना ध्यान कैसे रखें?

  • वजन बढ़ने के कारण महिला को इस दौरान थोड़ी परेशानी हो सकती है ऐसे में महिला को अपने उठने, बैठने, सोने की पोजीशन का ध्यान रखना चाहिए।
  • व्यायाम जरूर करना चाहिए व्यायाम नहीं तो थोड़ी देर टहलना जरूर चाहिए।
  • खान पान में बिल्कुल भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
  • तनाव से दूर रहकर अपने आप को खुश रखने की कोशिश करनी चाहिए।
  • इस दौरान शरीर में आयरन की कमी नहीं हो इसके लिए आयरन युक्त डाइट भरपूर लेनी चाहिए।
  • नींद भरपूर लें रात में सोने के साथ दिन भर में भी एक घंटा जरूर आराम करें।

प्रेगनेंसी के छठे महीने में क्या खाएं?

गर्भावस्था के छठे महीने से शिशु का शारीरिक विकास और तेजी से होता है ऐसे में जरुरी होता है की महिला अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखें। ताकि माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। ऐसे में महिला को छठे महीने में क्या खाना चाहिए आइये जानते हैं।

  • महिला को फाइबर युक्त डाइट संतरे, केले आदि को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए ताकि महिला को कब्ज़ आदि से छुटकारा पाने में मदद मिल सके।
  • आयरन युक्त डाइट जैसे की अनार, सेब, हरी सब्जियां, आदि भरपूर लेनी चाहिए ताकि शरीर में खून की कमी नहीं हो।
  • कैल्शियम व् प्रोटीन युक्त डाइट जैसे की डेयरी प्रोडक्ट्स, ड्राई फ्रूट्स आदि भरपूर मात्रा में लेने चाहिए ताकि शरीर में कैल्शियम व् प्रोटीन की मात्रा को सही रहने में मदद मिल सके।
  • इसके अलावा महिला को अन्य पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेने के साथ सही समय से अपनी डाइट लेनी चाहिए।
  • यदि प्रेग्नेंट महिला अंडे व् नॉन वेज खाती है तो महिला को उसे भी अपनी डाइट का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए।
  • खाने के साथ महिला को तरल पदार्थों का भी भरपूर सेवन करना चाहिए ताकि महिला के शरीर में पानी की कमी नहीं हो।

प्रेगनेंसी के छठे महीने में महिला क्या नहीं खाएं?

  • प्रेग्नेंट महिला को जरुरत से ज्यादा नहीं खाना चाहिए।
  • कच्चा अंडा, कच्चा नॉन वेज, नहीं खाना चाहिए।
  • बिना धुले फल व् सब्जियां नहीं खानी चाहिए।
  • डिब्बाबंद आहार, पैकेट वाला जूस आदि नहीं खाना पीना नहीं चाहिए।
  • ज्यादा मसालेदार, तेलीय आहार, जंक फ़ूड आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

तो यह है प्रेगनेंसी के छठे महीने में महिला को क्या बदलाव महसूस होते हैं, क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, उससे जुड़े टिप्स। यदि आपका भी प्रेगनेंसी का छठा महीना चल रहा है तो आपको भी खान पान से जुड़े इन टिप्स का ध्यान रखना चाहिए ताकि माँ व् बच्चे दोनों को फायदा मिल सकें। इसके अलावा महिला को अपना रूटीन चेकअप भी समय से करवाना चाहिए।

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