प्रेगनेंसी के 10 खतरनाक लक्षण जिन्हे न करें अनदेखा

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गर्भावस्था के दौरान महिला को अपना अच्छे से ख्याल रखने की सलाह दी जाती है और किसी भी तरह की लापरवाही को न बरतने की सलाह दी जाती है। क्योंकि महिला द्वारा बरती गई लापरवाही का बुरा असर केवल गर्भवती महिला पर ही नहीं बल्कि गर्भ में शिशु पर भी पड़ता है। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान महिला शरीर में बहुत से बदलाव व् लक्षणों का अनुभव भी करती है।

ऐसे में शरीर में महसूस हो रहे लक्षणों का ध्यान रखना भी महिला के लिए बहुत जरुरी होता है। क्योंकि गर्भावस्था के दौरान महिला को बहुत से ऐसे लक्षण जिन्हे अनदेखा करना गर्भवस्था के दौरान माँ व् बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान किन किन लक्षणों को महिला को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

ब्लीडिंग

प्रेगनेंसी की शुरुआत में यदि महिला को पैंटी में खून के धब्बे महसूस होते हैं तो ऐसा गर्भाशय में भ्रूण के प्रत्यारोपण के होने पर होता है। लेकिन यदि महिला को ब्लीडिंग थोड़ी ज्यादा होती है जैसे की पीरियड्स में होती है तो इसे महिला को अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा होना महिला के गर्भपात का लक्षण होता है।

पेट में तेजी से दर्द

गर्भावस्था में दौरान पेट में हल्का फुल्का दर्द रहना बहुत ही आम बात होती है। क्योंकि यह दर्द पेट के आस पास की मांसपेशियों में खिंचाव होने के कारण, कब्ज़, पेट में गैस, आदि के कारण हो सकता है। लेकिन पेट में दर्द असहनीय हो तो यह दर्द प्रेगनेंसी की शुरुआत में गर्भपात, समय से पहले बच्चे का जन्म या डिलीवरी का समय पास आने पर प्रसव का संकेत होता है।

सूजन अधिक होना

गर्भावस्था के दौरान महिला के पैरों में सूजन होना आम बात होती है इसका कारण पैरों तक ब्लड का अच्छे से फ्लो नहीं होना, पैरों पर दबाव अधिक पड़ना आदि हो सकता है। लेकिन यदि महिला के पैरों के साथ मुँह और हाथों पर सूजन बढ़ जाये, सिर दर्द, चक्कर, बेहोश होने जैसी परेशानी हो तो महिला को इस लक्षण को अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसका कारण ब्लड प्रैशर का ऊपर नीचे होना हो सकता है जिससे प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स बढ़ सकती है।

खुजली की समस्या

गर्भावस्था के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण स्किन में भी बदलाव आ सकते हैं। साथ ही स्किन में खिंचाव बढ़ने के कारण रूखापन अधिक हो सकता है जिसकी वजह से महिला को खुजली की समस्या अधिक हो सकती है और खुजली अधिक करने की वजह से रैशेस पड़ सकते हैं। ऐसे में यदि क्रीम आदि लगाने से यह परेशानी दूर हो जाती है तो अच्छी बात है लेकिन यदि क्रीम आदि लगाने के बाद यह परेशानी दूर नहीं होती है तो इसके अनदेखा नहीं करें। क्योंकि इस परेशानी का कारण महिला को होने वाली लिवर की समस्या हो सकती है।

बुखार

प्रेग्नेंट महिला के शरीर के तापमान में बदलाव होना आम बात होती है। ऐसे में महिला को इसे लेकर घबराना नहीं चाहिए लेकिन यदि महिला के शरीर के तापमान बढ़ने के साथ सर्दी, खांसी, जुखाम, आदि की समस्या भी हो तो महिला को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए और न ही अपने मन से किसी भी दवाई का सेवन करना चाहिए।

बच्चे की हलचल

प्रेगनेंसी के पांचवें महीने के आस पास गर्भ में शिशु की हलचल महिला महसूस कर सकती है। शुरुआत में कम समय के लिए महिला को यह हलचल महसूस हो सकती है क्योंकि बच्चा छोटा होता है। लेकिन जैसे जैसे बच्चे का विकास बढ़ता है। वैसे वैसे गर्भ में शिशु की हलचल भी बढ़ जाती है। ऐसे में यदि कभी महिला को ऐसा महसूस हो की बहुत देर यानी की करीबन एक या डेढ़ घंटे से गर्भ में बच्चे ने हलचल नहीं की तो महिला को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। और जितना जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलना चाहिए क्योंकि यह गर्भ में बच्चे के ऊपर खतरा होने का संकेत होता है।

सफ़ेद पानी का निकलना

गर्भावस्था के दौरान यदि किसी समय महिला के प्राइवेट पार्ट से सफ़ेद, गाढ़ा, चिपचिपा पानी अधिक निकलने लगता है। तो महिला को इसे भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा होने का कारण पानी की थैली का फटना होता है जिसमे गर्भ में शिशु होता है। और ऐसा होना महिला के प्रसव होने का संकेत होता है।

शारीरिक परेशानियों का होना

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियां होती है और ऐसा होना गर्भावस्था के दौरान बहुत ही आम बात होती है। लेकिन यदि प्रेग्नेंट महिला को सिर में दर्द, थकान और कमजोरी, चक्कर आना, धुंधला महसूस होना जैसी परेशानियां अधिक होती है तो महिला को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह किसी शारीरिक बीमारी होने का संकेत होता है।

उल्टी दस्त की परेशानी

गर्भावस्था के दौरान उल्टियां होना आम बात होती है लेकिन यदि महिला को कुछ भी खाने के बाद उल्टी आये, बहुत ज्यादा उल्टियां हो साथ ही दस्त की परेशानी भी हो तो महिला को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसके कारण महिला को डीहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है जो माँ व् बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक होती है।

मसूड़ों से खून आना

कुछ गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान मसूड़ों से खून आने की समस्या भी हो सकती है। और यह समस्या अधिक हो तो इसका कारण कोई शारीरिक बीमारी हो सकती है। ऐसे में महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की यदि महिला को मसूड़ों से जुडी परेशानी अधिक हो तो महिला को तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

तो यह हैं कुछ लक्षण जिन्हे गर्भवती महिला को बिल्कुल भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। यदि महिला इस बात का ध्यान रखती है तो महिला को और बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

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