प्रेगनेंसी में भूलकर भी इन चीजों को नहीं खाना चाहिए

गर्भावस्था के दौरान खान पान का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है। क्योंकि बेहतर खान पान जहां गर्भवती महिला व् बच्चे को स्वस्थ रखने में मदद करता है। वहीँ कुछ गलत आहार खाने से माँ व् बच्चे की सेहत को नुकसान भी होता है। और कुछ खाद्य पदार्थ तो ऐसे होते हैं जिनका सेवन करने से गर्भपात तक हो जाता है।

ऐसे में जरुरी है की गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखें, और हर एक खाने की चीज के बारे में अच्छे से जानकारी होने के बाद ही उसका सेवन करें, ताकि माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। तो आज इस आर्टिकल में हम कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका सेवन गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए।

चाइनीज़ फ़ूड: चाइनीज़ फ़ूड में मोनो सोडियम गूलामेट होता है जो गर्भ में बच्चे के विकास को रोकने व् जन्म के समय शिशु को होने वाली बिमारियों का कारण बनता है।

कच्चा पपीता: कच्चे पपीते में लेटेक्स की मात्रा मौजूद होती है जो गर्भ में शिशु के विकास को रोकती है साथ ही इसके सेवन से महिला का गर्भपात व् समय से पहले बच्चे का जन्म होने का खतरा होता है।

अनानास: अनानास का सेवन भी गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें भी कुछ ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जिससे प्रेगनेंसी के पहले तीन महीनों में गर्भपात होने का खतरा रहता है।

कच्चा अंडा: कच्चे अंडे का सेवन भी गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें साल्मोनेला नामक बैक्टेरिया मौजूद होता है। जो महिला की शारीरिक परेशानियां जैसे की डायरिया आदि को बढ़ाने के साथ, महिला व् बच्चे को संक्रमित भी कर सकता है। जिससे बच्चे के विकास पर बुरा असर पड़ता है।

कच्चा दूध: कच्चे दूध का सेवन भी गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसमें भी लिस्टेरिया नामक बैक्टेरिया मौजूद होता है जो माँ व् बच्चे की सेहत को नुकसान पहुंचाता है।

मर्करी युक्त मछली: प्रेग्नेंट महिला को मर्करी युक्त मछली का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसके कारण बच्चे के विकास पर बहुत बुरा असर पड़ता है साथ ही गर्भपात होने का खतरा भी होता है।

अधपका मास: प्रेग्नेंट महिला को अच्छे से न पका हुआ मास, कच्चा मास, बासी व् ठंडा मास आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे महिला की सेहत सम्बन्धी परेशानी बढ़ने के साथ बच्चे के विकास को भी नुकसान होता है।

बिना धुले फल व् सब्जियां: बिना धुले फल व् सब्जियां, बहुत से कटे पड़े फल व् सब्जियों का प्रयोग भी खाने के लिए नहीं करना चाहिए। क्योंकि इनपर हानिकारक बैक्टेरिया का जमाव हो जाता है जिससे माँ व् बच्चे दोनों की सेहत को नुकसान पहुँचता है।

मसालेदार भोजन: गर्भवती महिला को ज्यादा तले भुने, तेलीय व् मसालेदार भोजन का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसके कारण प्रेग्नेंट महिला को कब्ज़, अपच, जैसी परेशानी अधिक होती है।

डिब्बाबंद चीजें: डिब्बाबंद जूस, डिब्बाबंद अन्य चीजों का सेवन भी गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसी चीजों को लम्बे समय तक सही रखने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है जो की माँ व् बच्चे दोनों के लिए हानिकारक होता है।

नशीली चीजें: नशीली चीजें जैसे की धूम्रपान, अल्कोहल आदि का सेवन भी गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए। क्योंकि नशीली चीजों का सेवन करने से शिशु का विकास बुरी तरह प्रभावित होता है जिसकी वजह से गर्भपात, समय से पहले बच्चे का जन्म जैसी परेशानियां होती है।

कैफीन: चाय, कॉफ़ी व् अन्य खाद्य पदार्थ जिनमे कैफीन की मात्रा की अधिकता होती है उनका सेवन भी गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसके कारण बच्चे के वजन में कमी, महिला को गैस आदि की समस्या होने का खतरा रहता है। साथ ही अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करने से गर्भपात व् समय से पहले डिलीवरी होने की सम्भावना बढ़ती है।

कच्ची अंकुरित चीजें: कच्ची अंकुरित चीजों में साल्मोनेला, लिस्टेरिया, ई कोलाई जैसे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जिससे प्रेग्नेंट महिला को फूड प्वॉयजनिंग की समस्या हो सकती है। साथ ही यह बैक्टेरिया बच्चे के विकास को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

गर्म तासीर वाली चीजें: प्रेग्नेंट महिला को उन चीजों का सेवन भी अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए जिनकी तासीर गर्म होती है क्योंकि इसके कारण गर्भपात व् समय से पहले बच्चा होने जैसी परेशानियां हो सकती है। जैसे की अंगूर, खजूर, अदरक, तिल, ड्राई फ्रूट्स, आदि।

तो यह हैं कुछ खाद्य पदार्थ जिनका सेवन गर्भवती महिला को बिल्कुल भी प्रेगनेंसी के दौरान नहीं करना चाहिए। यदि प्रेग्नेंट महिला खान पान से जुडी इन बातों का ध्यान रखती है तो इससे माँ व् बच्चे दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।