गर्मियों में शिशु का विकास ऐसे रुक जाता है?

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गर्भावस्था के दौरान हर महिला यही चाहती है की उसके गर्भ में पल रहे शिशु का विकास बेहतर तरीके हो और शिशु के विकास में किसी भी तरह की कमी न आएं। और इसके लिए गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान अपने खान पान से लेकर रहन सहन सभी छोटी छोटी बातों का अच्छे से ध्यान भी रखती है। मौसम में बदलाव के साथ महिला अपनी केयर करने के तरीके में बदलाव भी करती है।

लेकिन यदि महिला कोई गलती करती है खासकर मौसम का बदलाव होने पर तो इसका बुरा असर भी महिला व् उसके शिशु पर देखने को मिलता है। जिसकी वजह से महिला को स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या और गर्भ में शिशु के विकास रुकने जैसी समस्या हो सकती है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको गर्मियों में शिशु का विकास कैसे रुक जाता है इस बारे में बताने जा रहे हैं।

पानी की कमी के कारण

प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने महिला को पानी व् अन्य तरल पदार्थों का भरपूर सेवन करना चाहिए। खासकर गर्मियों में इस बात का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए क्योंकि गर्मियों के मौसम में यदि महिला के शरीर में पानी की कमी होती है तो इसके कारण महिला की स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी बढ़ सकती है। जिसका असर शिशु के विकास पर पड़ता है साथ ही महिला के शरीर में पानी की कमी होने के कारण गर्भाशय में एमनियोटिक फ्लूड की कमी हो सकती है जिसकी वजह से शिशु का विकास रुक सकता है।

शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण

गर्मियों के मौसम में गर्मी अधिक लगने के कारण खाने पीने की इच्छा में कमी आ सकती है। ऐसे में यदि गर्भवती महिला अपने खान पान का अच्छे से ध्यान नहीं रखती है तो इसकी वजह से महिला के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। जिसकी वजह से शिशु के विकास पर उल्टा प्रभाव पड़ सकता है।

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ज्यादा टाइट कपडे पहनने के कारण

गर्मियों के मौसम में यदि महिला पेट से ज्यादा टाइट कपड़े, चुभने वाले कपडे पहनती है तो इसके कारण पेट पर दबाव पड़ता है। जिसके कारण गर्भ में शिशु असहज महसूस कर सकता है और शिशु के विकास पर भी बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में गर्मियों में महिला को खुले सूती कपडे पहनने चाहिए।

धूप में ज्यादा घूमने की वजह से

गर्भावस्था के दौरान गर्मियों के मौसम में यदि प्रेग्नेंट महिला धूप में ज्यादा घूमती है तो इस कारण महिला के शरीर के तापमान में फ़र्क़ आ सकता है। जिसकी वजह से गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर नकारात्मक असर पड़ता है।

आराम भरपूर न करने की वजह से

गर्मियों में दिन काफी लम्बे हो जाते हैं ऐसे में महिला को रात को आराम करने के साथ दिन में भी थोड़ा आराम जरूर करना चाहिए। ताकि महिला एनर्जी से भरपूर रहे और शिशु को भी एक्टिव रहने में मदद मिल सके। लेकिन यदि महिला आराम भरपूर नहीं करती है तो इसकी वजह से महिला की तबियत खराब होने के साथ गर्भ में शिशु के विकास पर भी उल्टा असर पड़ता है।

ठंडी चीजों का सेवन करने के कारण

जैसे जैसे गर्मी बढ़ती है वैसे वैसे ठंडा पानी पीने, आइस क्रीम खाने व् अन्य ठंडी चीजों का सेवन करने की इच्छा बढ़ती है। लेकिन ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन करने से पेट में गर्मी बढ़ सकती है जिसका बुरा असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ सकता है और शिशु का विकास रुक सकता है।

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तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से गर्मियों में शिशु का विकास रुक सकता है। तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आपको भी इन छोटी छोटी बातों का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। ताकि आपको स्वस्थ रहने में मदद मिल सके और आपके गर्भ में पल रहे शिशु का विकास अच्छे से हो सके।

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