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पैर आपका अकड़ जाता है या झनझनाहट महसूस होती है प्रेगनेंसी में?

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प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना कर सकती है। जिसमे से पैर का अकड़ जाना या झनझनाहट महसूस होना भी एक आम परेशानी होती है। झनझनाहट महसूस होने पर ऐसे महसूस होता है जैसे की आपके पैर में बिल्कुल भी हिम्मत नहीं है और आपका पैर सुन्न पड़ गया है या ऐसा महसूस होता है की जैसे आपके पैर में कोई सुइयां चुभो रहा है। तो आज इस आर्टिकल में हम प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में होने वाली समस्या के कारण व् उपचार के बारे में बात करेंगे।

प्रेगनेंसी के दौरान पैरों के अकड़ जाने व् झनझनाहट महसूस होने के कारण

  • गर्भवस्था के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण ऐसा महसूस होता है।
  • वजन बढ़ने के कारण पेट के निचले हिस्से की नसों में दबाव बढ़ने के कारण ऐसा हो सकता है।
  • पैरों में ब्लड फ्लो अच्छे से न होने की वजह से पैरों में झनझनाहट महसूस होती है।
  • पानी की कमी के कारण महिला को सूजन की समस्या अधिक होती है और सूजन की समस्या होने की वजह से यह परेशानी हो सकती है।
  • शरीर में खून की कमी का होने भी इस समस्या का कारण हो सकता है।
  • यदि प्रेग्नेंट महिला ज्यादा वजन उठाती है तो इसके कारण भी पैरों पर दबाव पड़ता है जिसकी वजह से यह समस्या हो सकती है।
  • सही पोजीशन में न उठने बैठने के कारण भी ऐसा हो सकता है।
  • नींद से तुरंत उठने के बाद महिला को ऐसा महसूस हो सकता है।

प्रेगनेंसी में पैरों के सुन्न होने या झनझनाहट की समस्या से बचने के उपचार

गर्भावस्था के दौरान छोटी छोटी बातों का ध्यान यदि रखा जाये तो प्रेग्नेंट महिला को इन परेशानियों से बचे रहने में मदद मिलती है। तो आइये अब जानते हैं की इस परेशानी से बचने के लिए प्रेग्नेंट महिला क्या कर सकती है।

उठने बैठने की पोजीशन का ध्यान रखें

महिला को ऐसी पोजीशन में नहीं बैठना चाहिए जिसमे पैरों पर दबाव पड़े, बहुत देर तक एक ही पोजीशन में नहीं बैठना चाहिए, पैर लटकाकर बहुत देर तक नहीं बैठना चाहिए, पैरों के भार नहीं बैठना चाहिए, बहुत देर तक एक ही पोजीशन में खड़े नहीं रहना चाहिए, आदि। क्योंकि इन सभी के कारण पैरों तक ब्लड फ्लो अच्छे से होने में रूकावट आती है जिसकी वजह से यह परेशानी होती है। यदि महिला इन बातों का ध्यान रखती है तो इस परेशानी से बचने में मदद मिलती है।

वॉक करें

प्रेग्नेंट महिला को सुबह शाम थोड़ी देर वॉक जरूर करनी चाहिए। ऐसा करने से प्रेग्नेंट महिला को रिलैक्स महसूस होने के साथ पैरों तक ब्लड फ्लो अच्छे से होने में भी मदद मिलती है। जिससे पैरों के सुन्न होने, पैरों के अकड़ जाने, पैरों में झनझनाहट महसूस होने जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

आयरन युक्त आहार लें

खून की कमी के कारण भी यह परेशानी होती है। ऐसे में महिला को आयरन युक्त डाइट जैसे की पालक, गाजर, चुकंदर, सेब, अनार आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए। जिससे शरीर में खून की कमी पूरी हो और प्रेग्नेंट महिला को इस परेशानी से बचने में मदद मिल सके।

बाईं और करवट लेकर सोएं

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को सोते समय बाईं और करवट लेकर सोना चाहिए। क्योंकि इस पोजीशन में सोने से महिला को अच्छे से नींद आती है, गर्भ में शिशु को कोई दिक्कत नहीं होती है, बॉडी में ब्लड फ्लो अच्छे से होता है, जिससे इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

पानी का भरपूर सेवन करें

गर्भावस्था के दौरान पैरों से जुडी इस परेशानी से बचने के लिए पानी का भरपूर सेवन करें। क्योंकि पानी का भरपूर सेवन करने से सूजन की परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है जिससे पैरों में अकड़न व् झनझनाहट की परेशानी भी कम होती है।

तो यह यहीं कुछ टिप्स जिनका ध्यान रखने से पैर में अकड़न, झनझनाहट महसूस होने, जैसी परेशानी से निजात पाने में मदद मिलती है। लेकिन ध्यान रखें की यदि यह परेशानी अधिक हो तो इसके लिए एक बार डॉक्टर से राय जरूर लें। क्योंकि कई बार प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में होने वाली किसी बीमारी के कारण भी ऐसा होता है जैसे की शुगर होने के कारण ऐसा हो सकता है।

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