प्रेगनेंसी में काढ़ा पीने के नुकसान

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सेहत व् स्वास्थ्य को सही रखने के लिए काढ़ा का सेवन करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि आयुर्वेद के अनुसार काढ़ा में एंटी ऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं जो इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। और जब आपकी इम्युनिटी मजबूत होती है तो आपको बिमारियों से सुरक्षित रहने में मदद मिलती है। लेकिन जब बात प्रेगनेंसी की आती है तो काढ़ा का सेवन करना महिला व् बच्चे के लिए सेफ नहीं माना जाता है।

और यदि महिला काढ़ा का सेवन करती है तो इसके कारण महिला को शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी के दौरान काढ़ा का सेवन करने से गर्भवती महिला को कौन कौन से नुकसान होते हैं उस बारे में बताने जा रहे हैं।

गर्भपात का होता है खतरा

काढ़ा बनाने के लिए जिन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है उनकी तासीर गर्म होती है। जैसे की अदरक, गिलोय, इलायची, लौंग, तुलसी पत्ता, आदि। इन सभी के साथ मिलने से काढ़ा की तासीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाती है और जरुरत से ज्यादा गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करने की प्रेगनेंसी के दौरान मनाही होती है। क्योंकि इससे गर्भ गिरने, ब्लीडिंग होने, समय से पहले बच्चा होने का खतरा बढ़ जाता है।

पेट सम्बंधित समस्या

प्रेगनेंसी के दौरान पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है। ऐसे में काढ़ा का सेवन करने से महिला को पेट सम्बंधित समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है। जैसे की महिला को पेट में गैस, अपच, खट्टी डकार जैसी परेशानी होने की दिक्कत हो जाती है।

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नकसीर

गर्भावस्था के दौरान महिला यदि काढ़ा का सेवन करती है तो इस कारण महिला को नाक में से खून निकलने की दिक्कत हो सकती है। और नकसीर निकलने का कारण भी काढ़ा के कारण शरीर में पैदा हुई गर्मी होती है।

यूरिन से जुडी परेशानी

काढ़ा का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को बहुत ज्यादा यूरिन पास करने की इच्छा हो सकती है। साथ ही पेशाब करते समय जलन महसूस होना जैसी दिक्कत भी हो सकती है।

तो यह हैं कुछ नुकसान जो प्रेग्नेंट महिला को काढ़ा का सेवन करने से होते हैं। इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान महिला को सेफ रहने के लिए और बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए काढ़ा का सेवन करने से बचना चाहिए।

Harmful effect of drinking kadha in pregnancy

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