प्रेगनेंसी में वाइट डिस्चार्ज होने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?

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गर्भावस्था के दौरान महिला को बॉडी में अलग अलग से लक्षण महसूस हो सकते हैं। जैसे की उल्टियां अधिक होना, पैरों हाथों में सूजन होना, जोड़ो में दर्द का बढ़ना, प्राइवेट पार्ट से डिस्चार्ज होना, आदि। और यह सभी प्रेगनेंसी के दौरान महिला को महसूस होने वाले आम लक्षण होते हैं। लेकिन यदि कोई दिक्कत ज्यादा हो असहनीय हो तो उसे इग्नोर करना महिला के लिए सही नहीं होता है। आज इस आर्टिकल में प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली वाइट डिस्चार्ज की समस्या के बारे में बात करने जा रहे हैं।

क्या प्रेगनेंसी में सफ़ेद पानी निकलना आम बात होती है?

गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में लगातार हार्मोनल बदलाव होते रहते हैं। और इन्ही हार्मोनल बदलाव होने के कारण महिला को तरह तरह की दिक्कतें भी हो सकती है। साथ ही हार्मोनल बदलाव होने के कारण महिला को सफ़ेद पानी निकलने की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान प्राइवेट पार्ट से थोड़ा बहुत सफ़ेद पानी निकलना आम बात होती है।

सफ़ेद पानी दिखने में पतला व् गंधहीन होता है। लेकिन यदि महिला को सफ़ेद पानी की समस्या अधिक हो, डिस्चार्ज का रंग अलग हो, सफ़ेद डिस्चार्ज के साथ खून या बदबू आये। तो ऐसे केस में महिला को अनदेखा नहीं करना चाहिए। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान सफ़ेद पानी निकलने के क्या क्या कारण होते हैं।

हार्मोनल बदलाव

गर्भावस्था के दौरान बॉडी में लगातार हार्मोनल बदलाव होते रहते हैं। साथ ही प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में एस्ट्रोजन हॉर्मोन का लेवल बढ़ता है जिसकी वजह से महिला को सफ़ेद पानी की समस्या होती है।

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गर्भाशय में होने वाले बदलाव

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भाशय के आकार में लगातार बदलाव होता हैं साथ ही जैसे जैसे डिलीवरी का समय पास आता है वैसे वैसे गर्भाशय व् प्राइवेट पार्ट के आस पास का हिस्सा सॉफ्ट होने लगता है जिस वजह से बॉडी से ज्यादा डिस्चार्ज निकलने लगता हैं। ताकि माँ व् बच्चे को किसी भी तरह की दिक्कत न हो और माँ व् बच्चा बिमारियों और संक्रमण से सुरक्षित रहें।

इन्फेक्शन

यदि गर्भावस्था के दौरान महिला को प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन हो जाता है। तो इस कारण भी महिला को सफ़ेद पानी ज्यादा निकलने की समस्या हो जाती है। साथ ही जब महिला को इन्फेक्शन होता है तो डिस्चार्ज के रंग में बदलाव या डिस्चार्ज के साथ खून भी निकल सकता हैं।

प्रसव का होता है संकेत

यदि महिला को प्राइवेट पार्ट से सफ़ेद पानी बहुत ज्यादा आ रहा होता है तो इसका मतलब यह भी हो सकता है की एमनियोटिक बैग यानि की पानी की थैली फट गई है। और बच्चा होने वाला है ऐसे केस में महिला को जल्दी से जल्दी डॉक्टर से मिलना चाहिए।

कब नहीं करें वाइट डिस्चार्ज को अनदेखा?

जब महिला को डिस्चार्ज के रंग में बदलाव महसूस हो, डिस्चार्ज बहुत ज्यादा हो रहा हो, डिस्चार्ज के साथ खून भी आये, सफ़ेद पानी निकलने के साथ प्राइवेट पार्ट से गन्दी बदबू महसूस हो, प्राइवेट पार्ट में खुजली, जलन, सूजन, लालिमा नज़र आये तो ऐसे केस में महिला को इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा होने का कारण महिला को इन्फेक्शन होना हो सकता है ऐसे लक्षण महसूस होने पर महिला को जल्दी से जल्दी डॉक्टर से मिलना चाहिए।

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क्या सफ़ेद पानी गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए नुकसानदायक होता है?

प्रेगनेंसी के दौरान सफ़ेद पानी का निकलना गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए नुकसानदायक नहीं होता है क्योंकि यह बच्चे को संक्रमण से सुरक्षित रखने में मदद करता है। लेकिन यदि सफ़ेद पानी निकलने का कारण इन्फेक्शन होता है तो इससे बच्चे को नुकसान पहुँच सकता है ऐसे में सफ़ेद पानी की मात्रा और इसे रंग के बदलाव पर नज़र रखना जरुरी होता है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान सफ़ेद पानी निकलने के कारण व् उससे जुड़े अन्य टिप्स, तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आप भी प्रेगनेंसी के दौरान इन बातों का ध्यान रखें। ताकि आपको प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हो।

Vaginal Discharge during Pregnancy

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