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प्रेगनेंसी में अलग अलग तरीके से पेट में दर्द होने के कारण और उपाय

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प्रेगनेंसी के दौरान महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे की उल्टियां होना, सिर दर्द व् चक्कर की समस्या, वजन बढ़ना, जी मिचलाना, जीभ के स्वाद में बदलाव, भूख कम या ज्यादा लगना, पेट में दर्द होना, आदि। आज इस आर्टिकल में हम प्रेगनेंसी के दौरान पेट में होने वाले दर्द के बारे में बात करने जा रहे हैं। गर्भावस्था में दौरान अधिकतर महिलाएं इस समस्या का सामना करती है।

लेकिन पेट दर्द कैसा हो रहा है, कब हो रहा है, पेट दर्द के साथ कौन से लक्षण बॉडी में महसूस हो रहे हैं इन सभी बातों का ध्यान गर्भवती महिला को रखना जरुरी होता है। क्योंकि कई बार यदि इसे अनदेखा किया जाये तो इसका परिणाम नुकसानदायक हो सकता है। तो आइये अब इस आर्टिकल में जानते हैं की प्रेगनेंसी के समय अलग अलग तरीके से पेट में दर्द होने के क्या कारण होते हैं और किस तरह महिला इस समस्या से निजात पा सकती है।

गर्भपात

प्रेगनेंसी के दौरान पेट में दर्द होने का कारण गर्भपात हो सकता है। यदि प्रेगनेंसी की शुरुआत में ही महिला को पेट में या पेट के निचले हिस्से में तेजी से दर्द हो रहा होता है जैसे की माहवारी के समय होता है। और दर्द के साथ ब्लीडिंग या शरीर में कुछ असहज लक्षण जैसे की उल्टियां, दस्त आदि भी महसूस हो रहे हैं। तो इस तरह के पेट दर्द को अनदेखा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह गर्भपात होने का संकेत होता है।

कब्ज़ या एसिडिटी

प्रेगनेंसी के दौरान महिला की पाचन क्रिया धीमी हो जाती है जिस वजह से महिला को कब्ज़ व् पेट में गैस की समस्या हो जाती है। और इस कारण महिला को पेट में दर्द महसूस हो सकता है।

गर्भाशय के आकार के बढ़ने के कारण

महिला के गर्भ में शिशु का विकास बढ़ने का साथ धीरे धीरे गर्भाशय का आकार भी बढ़ता है जिस वजह से गर्भाशय के आस पास की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता है। और खिंचाव महसूस होने के कारण महिला को पेट में हल्का फुल्का दर्द पूरी प्रेगनेंसी के दौरान रह सकता है।

गलत खान पान

यदि प्रेग्नेंट महिला कुछ गलत खा पी लेती है तो इसके कारण भी महिला को पेट में दर्द की समस्या हो सकती है। इसीलिए गर्भवती महिला को बाहर का खाना आदि न खाने की सलाह दी जाती है। या फिर यदि महिला अच्छे से अपने खान पान का ध्यान नहीं रखती है और भूखी रहती है तो इस कारण भी महिला को पेट में दर्द की समस्या हो सकती है।

बच्चे की हलचल के कारण

गर्भ में शिशु जब किक करता है तो इस कारण भी कई बारे महिला को पेट में थोड़ा बहुत दर्द महसूस हो सकता है। लेकिन इसमें घबराने की कोई बात नहीं होती है।

समय से पहले डिलीवरी

गर्भवती महिला को यदि प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही की शुरुआत में ही पेट में असहनीय दर्द महसूस होने के साथ, प्राइवेट पार्ट से सफ़ेद पानी, रक्त निकलता हुस महसूस होता है। तो यह समय से पहले डिलीवरी होने का संकेत होता है। साथ ही यदि महिला को ऐसा प्रेगनेंसी के छतीसवें हफ्ते या उसके बाद महसूस होता है तो यह लेबर पेन शुरू होने का संकेत होता है। ऐसे में दोनों ही केस में महिला को जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए।

प्रेगनेंसी के दौरान पेट में दर्द की समस्या से बचने के आसान उपाय

  • खान पान का अच्छे से ध्यान रखें जैसे की गलत चीजों का सेवन नहीं करें, गैस बनाने वाले आहार नहीं खाएं, बासी व् ठंडी चीजें नहीं खाएं, समय से खाएं फाइबर युक्त डाइट लें, आदि।
  • पेट पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ने दें।
  • यदि प्रेगनेंसी के दौरान असहनीय दर्द महसूस होने के साथ शरीर में असहज लक्षण भी महसूस हो तो जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें। ताकि माँ व् बच्चे दोनों को ही किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले पेट दर्द के कारण व् इस परेशानी से बचने के आसान उपाय। यदि आप भी माँ बनने वाली है तो इन बातों का ध्यान रखें ताकि पेट में कब और क्यों दर्द हो रहा है इसके बारे में आपको जानने में मदद मिल सके। जिससे आपको और आपके बच्चे को प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो।

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