रात को बिस्तर पर आपका बच्चा टॉयलेट नहीं करेगा करने होंगे यह काम

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कई बच्चे होते हैं जिन्हे रात को सोते समय बीच में ही टॉयलेट निकल जाता है। बच्चों की यह आदत अच्छी तो नहीं है लेकिन छोटे बच्चों के साथ अकसर ऐसा हो जाता है। और इसमें घबराने की भी कोई बात नहीं होती है। लेकिन यदि बच्चा पांच साल की उम्र के बाद आठ साल की उम्र या इससे ज्यादा उम्र होने पर भी बीच में पेशाब कर देता है।

तो आपको इस समस्या का इलाज करना चाहिए क्योंकि इसकी वजह से आपके बच्चे को ही दिक्कत हो सकती है। आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जिन्हे ट्राई करने से आपको बच्चों के बीच में पेशाब करने की समस्या से निजात पाने में मदद मिलेगी। लेकिन उससे पहले इस समस्या के होने के कारण जानते हैं।

बच्चे के बीच में पेशाब करने के कारण

  • शरीर में हार्मोनल गड़बड़ी होने के कारण।
  • डर की वजह से।
  • यदि आपका बच्चा किसी बात को लेकर बहुत परेशान है।
  • आपके परिवार में यदि किसी को पहले भी यह समस्या रही हो तो आपके बच्चे को भी यह समस्या हो सकती है।
  • बच्चे के पेट में कीड़े होने के कारण।
  • सोने से पहले बहुत ज्यादा पानी का सेवन करने पर।
  • बच्चे का मूत्राशय अच्छे से विकसित न होने की वजह से या मसल्स कमजोर होने की वजह से।
  • शुगर या अन्य किसी शारीरिक बीमारी से पीड़ित होने के कारण।
  • दवाइयों का सेवन करने की वजह से।
  • बच्चा यदि बहुत गहरी नींद में सो रहा है तो भी बच्चे को पता नहीं चलता है और बच्चा बीच में यूरिन पास कर देता है।
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बच्चे के बीच में टॉयलेट करने की समस्या से निजात पाने के टिप्स

यदि आपका बच्चा रात को सोने के बाद बीच में पेशाब कर देता है तो कुछ आसान टिप्स को ट्राई करने से आप इस परेशानी से निजात पा सकते हैं। जैसे की:

बच्चे के सोने वाले कमरे से ज्यादा दूर नहीं हो बाथरूम

कुछ बच्चे रात को बाथरूम दूर होने के कारण अकेले बाथरूम में जाने से डरते हैं। ऐसे में आप जिस कमरे में सोते हैं उसके पास ही बाथरूम होना चाहिए ताकि बच्चे को डर नहीं लगे। साथ ही यदि बाथरूम दूर है तो अपने बच्चे को बोलें की जब भी उसे पेशाब आये तो वो आपको बताये आप उनके साथ जाएंगी। ऐसा करने से बच्चे का डर कम होता है और इस समस्या से आपको धीरे धीरे निजात मिलता है।

शाम के बाद न दें ज्यादा पेय पदार्थ

शाम के बाद अपने बच्चे को तरल चीजें जैसे की पानी, जूस आदि का सेवन कम ही करने दें। ऐसा करने से बच्चों को कम यूरिन पास करने की इच्छा होती है। जिससे बच्चे की इस आदत को सुधारने में मदद मिलती है।

बच्चे से बात करें

यदि आपका बच्चा बीच में पेशाब करता है तो एक बार बच्चे से बात करें की कहीं आपका बच्चा डर, तनाव आदि में तो नहीं है। क्योंकि इस कारण भी आपके बच्चे को यह समस्या हो सकती है। और यदि डर या तनाव के कारण आपका बच्चा ऐसा कर रहा है तो उसे दूर करने की कोशिश करें।

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बच्चों के बीच में टॉयलेट करने की आदत को सुधारने के घरेलू नुस्खें

दालचीनी: छोटे बच्चों को सब्ज़ी, पराठें आदि में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाकर खिलाएं। ऐसा करने से बच्चे की इस आदत को छुड़वाने में मदद मिलती है।

गुड़: बच्चे को गुड़ खिलाएं, गुड़ की तासीर गर्म होती है और ठण्ड के समय ही अधिकतर बच्चों को यह समस्या होती है। गुड़ खिलाने से बच्चों की इस समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

जैतून का तेल: रात को सोने से पहले जैतून के तेल को गुनगुना करके बच्चे के पेट के निचले हिस्से पर मालिश करें, इससे बच्चे की इस आदत को सुधारने में मदद मिलेगी।

केला: दिन में एक या दो पके हुए केले बच्चे को खिलाएं इससे भी आपको बच्चे के बीच में पेशाब करने की समस्या से निजात मिलेगा।

सेब का सिरका: दिन में एक बार बच्चे को एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर दें। ऐसा करने से पेट में एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है जिससे बच्चे की यह आदत भी सुधरती है।

बीच में टॉयलेट करने की समस्या होने पर डॉक्टर से कब मिलें?

यदि आपके बच्चे की उम्र सात साल या उससे ज्यादा है, बच्चे को पेशाब करते समय दर्द होता है, बच्चा खर्राटे बहुत ज्यादा लेता है, पेशाब के रंग में भी बदलाव हो तो आपको एक बार डॉक्टर से जरूर राय लेनी चाहिए।

तो यह हैं कुछ टिप्स जिन्हे ट्राई करने से बच्चे के बीच में पेशाब करने की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है। यदि आपके बच्चे को भी यह समस्या है तो आप भी इन टिप्स को ट्राई कर सकते है।

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