सही समय पर होगी डिलीवरी न पहले न बाद में इन बातों का रखें ध्यान

माँ बनना इतना आसान नहीं होता है क्योंकि प्रेगनेंसी के नौ महीने महिला शारीरिक परेशानियों से जूझने के साथ महिला बहुत डर में भी होती है। क्योंकि कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स होने के कारण समय से पहले बच्चे की डिलीवरी होने का डर होता है तो कुछ महिला को डिलीवरी डेट निकल जाने के बाद भी बॉडी में प्रसव के लक्षण महसूस नहीं होते हैं।

ऐसे में समय से पहले बच्चा हो जाये जा समय निकल जाने के बाद भी प्रसव का कोई लक्षण महसूस न हो दोनों में ही माँ व् बच्चे की सेहत को नुकसान पहुँचने का खतरा होता है। लेकिन प्रेग्नेंट महिला को ऐसी कोई दिक्कत न हो, गर्भवती महिला और बच्चे को प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहने में मदद मिल सके, इसके लिए प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

अपने आहार में पोषक तत्वों की कमी न होने दें

प्रेगनेंसी के दौरान महिला जो भी खाती है उसमे मौजूद पोषक तत्व महिला को फिट रखने के साथ बच्चे के बेहतर विकास में भी मदद करते हैं। जिससे प्रेग्नेंट महिला भी स्वस्थ रहती है और बच्चा भी स्वस्थ रहता है। और प्रेगनेंसी के दौरान माँ व् बच्चा दोनों जितना स्वस्थ रहते हैं उतना ही प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स कम होती है। जिससे प्रेगनेंसी के साथ डिलीवरी को लेकर होने वाली दिक्कतों से भी महिला को बचे रहने में मदद मिलती है। इसीलिए गर्भवती महिला को विटामिन्स, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फोलेट व् अन्य मिनरल्स से भरपूर आहार का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान करना चाहिए।

ब्लड की कमी न होने दे बॉडी में

खून की कमी यदि गर्भवती महिला के शरीर में होती है तो इससे माँ व् बच्चे दोनों की सेहत को नुकसान होता है। और खून की कमी के होने के कारण प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स, बच्चे के विकास में कमी होने के साथ, समय से पहले बच्चे का जन्म होने का खतरा होता है। साथ ही खून की कमी के कारण डिलीवरी के दौरान परेशानियां भी बढ़ती है। ऐसे में गर्भवती महिला को ऐसी कोई परेशानी न हो इससे बचने के लिए आयरन से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए और इसके लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, गाजर, बीन्स, आंवला, ड्राई फ्रूट्स, आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए।

पानी का भरपूर सेवन करें

तरल पदार्थ के बॉडी में भरपूर होने से भी गर्भवती महिला को समय पूर्व प्रसव व् डिलीवरी लेट होने जैसी परेशानियों से बचे रहने में मदद मिलती है। क्योंकि पानी का भरपूर सेवन करने से बॉडी हाइड्रेट रहती है जिससे प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियां कम होती है, गर्भ में बच्चा एमनियोटिक फ्लूड में होता है और पानी व् अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने से गर्भ में एमनियोटिक फ्लूड की मात्रा को सही रहने में मदद मिलती है। जिससे प्रेगनेंसी के दौरान माँ व् बच्चा दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है और माँ व् बच्चा जब दोनों स्वस्थ होते हैं तो इससे डिलीवरी में आने वाली कॉम्प्लीकेशन्स से बचे रहने के साथ समय से डिलीवरी होने के चांस होते हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही न करें

गर्भावस्था के दौरान बरती गई लापरवाही के कारण समय से पहले बच्चे का जन्म होने के खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी को कोई भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए। जैसे की पेट के बल किसी काम को नहीं करना चाहिए, झुककर किसी काम को नहीं करना चाहिए, सीढ़ियां अधिक नहीं चढ़नी चाहिए, भारी चीजों को नहीं उठाना चाहिए, आदि।

एक्टिव रहें

यदि प्रेग्नेंट महिला आलस करती है, सारा दिन सिर्फ सोती है, सारा दिन बैठी रहती है, बॉडी मूवमेंट बिल्कुल नहीं करती है, तो ऐसा करने से भी या तो प्रेग्नेंट महिला की कॉम्प्लीकेशन्स बढ़ती है जिससे समय से पहले बच्चा होने का खतरा रहता है या फिर बॉडी मूवमेंट में कमी होने के कारण प्रसव का कोई लक्षण बॉडी में महसूस नहीं होता है। ऐसे में महिला को ऐसी कोई दिक्कत न हो इसके लिए गर्भवती महिला को थोड़ा एक्टिव रहना चाहिए जैसे की आराम करना जरुरी है लेकिन जितना जरुरी है उतना ही आराम करें, सारा दिन एक ही जगह बैठे रहने की बजाय थोड़ा व्यायाम करें सैर करें, आदि। क्योंकि प्रेग्नेंट महिला जितना एक्टिव रहती है उतना ही गर्भवती महिला इन परेशानियों से बची रहती है।

तनाव से बचें

गर्भवती महिला के तनाव लेने के कारण भी समय से पहले बच्चा या डिलीवरी देरी से होने जैसी परेशानियां होती है साथ ही इससे बच्चे के विकास में भी कमी आती है। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए प्रेग्नेंट महिला को तनाव नहीं लेना चाहिए और खुश रहना चाहिए साथ ही अपनी प्रेगनेंसी के हर पल को खुलकर एन्जॉय करना चाहिए।

डॉक्टर से जांच

समय से पहले बच्चा, देरी से डिलीवरी या अन्य किसी भी तरह की कॉम्प्लीकेशन्स बच्चे को न हो इससे बचने के लिए प्रेग्नेंट महिला को समय से डॉक्टर से अपनी जाँच करवाते रहना चाहिए।

तो यह हों कुछ टिप्स जिनका ध्यान प्रेग्नेंट महिला को पूरी प्रेगनेंसी के दौरान रखना चाहिए। ताकि न तो समय से पहले बच्चे का जन्म हो और न ही महिला को डिलीवरी डेट निकल जाने के बाद किसी तरह की परेशानी हो।