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डिलीवरी के बाद महिलाओं में दूध बढ़ाने के 10 उपाय

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माँ के गर्भ में जिस तरह बच्चा अपने विकास के लिए अपनी माँ पर निर्भर करता है। वैसे ही जन्म के बाद भी माँ का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम आहार होता है। इसीलिए जन्म के तुरंत बाद से ही डॉक्टर्स भी माँ का दूध बच्चे को पिलाने के लिए कहते हैं। क्योंकि माँ का दूध न केवल बच्चे के पेट को भरता है बल्कि इससे बच्चे को संक्रमण से सुरक्षित रहने और बेहतर विकास होने में बच्चे को मदद मिलती है।

साथ ही यदि कोई महिला शिशु के जन्म के बाद शिशु को छह महीने तक केवल माँ का दूध ही पिलाती है, और उसके बाद भी अन्य खाद्य पदार्थों के साथ भी बच्चे को स्तनपान करवाती है। तो इससे बच्चे को शारीरिक व् मानसिक विकास को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलती है।

लेकिन कई बार कुछ कारणों की वजह से महिला के ब्रेस्ट में दूध नहीं उतर पाता है। ऐसे में महिला को ब्रेस्ट में दर्द होने के साथ शिशु को भी परेशानी हो सकती है। लेकिन यदि महिला कुछ आसान टिप्स को ट्राई करती है तो इससे ब्रेस्ट में दूध उतरने में मदद मिलती है।

प्रसव के बाद दूध न उतरने के कारण

  • डिलीवरी के दौरान यदि महिला को रक्तस्त्राव जरुरत से ज्यादा होता है तो इस कारण महिला के शरीर में खून की कमी होने का खतरा होता है जिस वजह से पीयूष ग्रंथि पर्याप्त दूध के लिए आवश्यक हॉर्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती है और महिला को दूध कम आता है या तो नहीं आता है।
  • महिला के शरीर में खून की कमी होने के कारण।
  • थायरॉयड से महिला के ग्रसित होने के कारण।
  • शुगर की समस्या होने के कारण।
  • यदि महिला की कभी ब्रेस्ट सर्जरी हुई हो।
  • महिला का वजन जरुरत से ज्यादा कम होने के कारण या बहुत ज्यादा वजन होने के कारण।
  • यदि शिशु को जन्म के समय कोई समस्या होती है तो उस कारण बच्चा माँ का दूध नहीं पी पाता है जिसके कारण माँ का दूध अच्छे से नहीं उतरता है।
  • महिला शिशु के जन्म से पहले गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करती थी, या किसी बिमारी से जुडी दवाइयों का सेवन करती थी तो उस कारण भी महिला को दूध अच्छे से नहीं उतरता है।
  • शिशु के जन्म के समय यदि महिला तनाव से ग्रसित होती है तो इसके कारण भी महिला के दूध में कमी आती है।
  • यदि कोई महिला शिशु को स्तनपान नहीं करवाती है तो उसका दूध उतरना वैसे की कम या बंद हो जाता है।

स्तनों में दूध की कमी होने के लक्षण

  • यदि बच्चा थोड़ी थोड़ी देर बाद दूध पीने के लिए रोयें।
  • आपका बच्चा यदि बहुत देर देर तक दूध पीता है तो इसका मतलब यह होता है की ब्रेस्ट में दूध अच्छे से नहीं उतर रहा है।
  • शिशु का दिन में चार से पांच बार शिशु का मल पास करना क्योंकि एक स्वस्थ शिशु दिन में आठ से दस या उससे ज्यादा बार मल पास करता है।
  • हर बार दूध पिलाने के बाद स्तनों का खाली महसूस होना।

स्तनों में दूध की आपूर्ति को बढ़ाने के लिए टिप्स

प्रसव के बाद यदि किसी कारण महिला के स्तनों में दूध नहीं उतरता है तो इसे लेकर परेशान होने की बजाय महिला को कुछ उपाय करने चाहिए। जैसे की:-

शिशु को दूध पिलाते समय रखें इन बातों का ध्यान

स्तनों में दूध की मात्रा को बढ़ाने के लिए शिशु को दूध पिलाते समय महिला को बहुत सी बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे की शिशु को दूध पिलाते समय शिशु के सिर को थोड़ी ऊपर की और रखना चाहिए। उसके बाद यदि शिशु को दूध चूसते समय ज्यादा जोर लगाना पड़ रहा है तो आप अपने हाथ से ब्रेस्ट को दबाएं। इससे दूध का उत्पादन बढ़ता है और जैसे जैसे शिशु को दूध चूसने में आसानी होती है। और शिशु अपने आप दूध को पीने लगता है वैसे वैसे दूध का उत्पादन अपने आप भी ब्रेस्ट में बढ़ने लगता है। लेकिन इसके लिए आपको भी लगातार बच्चे को दूध पिलाते समय ब्रेस्ट को दबाकर रखना चाहिए। साथ ही ब्रेस्ट को बदलते रहना चाहिए इससे भी दूध के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलती है।

पंप का इस्तेमाल करें

आजकल मार्किट में दूध निकालने के लिए एक उपकरण मिलता है जिसे मिल्क पंप कहा जाता है। यदि डिलीवरी के बाद महिला इस पंप की मदद से ब्रेस्ट से दूध निकालती है। तो इससे दूध ग्रंथियों पर जोर पड़ता है। जिससे दूध बनने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलती है।

पालक

डिलीवरी के बाद पालक व् अन्य हरी सब्जियों का सेवन महिला को भरपूर मात्रा में करना चाहिए। इससे शरीर में आयरन की कमी पूरी होती है। और जितना महिला के शरीर में खून की मात्रा पूरी होती है। उतना ही बच्चे के लिए दूध के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलती है।

सौंफ

यदि डिलीवरी के बाद आपको दूध अच्छे से नहीं उतर रहा है तो खाने के बाद, चाय में, मसालों में सौंफ का सेवन जरूर करें। इससे माँ व् बच्चे की पाचन क्रिया को बेहतर होने में मदद मिलती है साथ ही ब्रेस्ट में दूध का उत्पादन भी बढ़ता है।

मेथी

मेथी के दानों को पीसकर एक पेस्ट बना लें उसके बाद सुबह शाम थोड़ा थोड़ा मेथी पाउडर दूध के साथ लें। साथ ही मेथी पाउडर को अपनी सब्जियों में भी इस्तेमाल करें इससे भी स्तन में दूध की आपूर्ति बढ़ती है।

गाजर व् चुकंदर

यदि किसी महिला का प्रसव के बाद दूध अच्छे से नहीं उतरता है तो महिला को गाजर व् चुकंदर का रस पीना चाहिए, सलाद के रूप में इसे खाना चाहिए, आदि। ऐसा करने से बॉडी में खून की मात्रा बढ़ती है जिससे दूध का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। और यदि खून की कमी नहीं भी है तो भी इसका सेवन करें क्योंकि यह दोनों दूध का उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं।

जीरा

जीरा भी स्तनों में दूध की आपूर्ति को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके लिए आप जीरे को भूनकर उसे पाउडर के रूप में तैयार कर लें, उसके बाद इसे सब्जियों, सलाद, रायते, पराठे आदि में डालकर इसका सेवन करे। ऐसा करने से बहुत जल्दी महिला के दूध को उतरने में मदद मिलती है।

सूखे मेवे

सूखे मेवे पोषक तत्वों की खान होते हैं इनका सेवन करने से भी स्तनों में दूध के उत्पादन को बढ़ाने में मदद मिलती है। और हो सके तो ड्राई फ्रूट्स को दूध के साथ लेना चाहिए। इससे आपको बहुत जल्दी फायदा मिलता है।

तुलसी

तुलसी को आयुर्वेदिक औषधि माना जाता है। क्योंकि यह बॉडी को बीमारियों से सुरक्षित रखने में मदद करती है। इसके अलावा इससेऔर भी बहुत से फायदे मिलते हैं जैसे की डिलीवरी के बाद जिन महिलाओं का दूध नहीं उतरता है उन महिलाओं के स्तन में दूध की आपूर्ति को बढ़ाने में मदद करती है। इसके लिए महिला तुलसी के रस को शहद के साथ लें, तुलसी की चाय या काढ़ा बनाकर उसका सेवन करें।

लहसुन

लहसुन बहुत जल्दी महिलाओं को इस परेशानी से निजात दिलाने में मदद करता है। इसके लिए महिला अपनी सब्जियों, सूप आदि में लहसुन का सेवन कर सकती है। लेकिन ध्यान रखें की कच्चे लहसुन के सेवन से परहेज करें क्योंकि इससे दूध तो अच्छे से उतरता है।लेकिन दूध के स्वाद में बदलाव आने के कारण हो सकता है की आपका बच्चा दूध ही न पीयें। इसके लिए केवल पके हुए लहसुन का ही सेवन करें वह भी बहुत जल्दी फायदे देता है।

तो यह हैं कुछ खास उपाय जिनका इस्तेमाल करने से स्तनों में दूध की आपूर्ति को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके अलावा यदि बहुत कुछ करने पर भी स्तनों में दूध नहीं उतरता है तो महिला को एक बार डॉक्टर से राय जरूर लेनी चाहिए।

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