गर्भावस्था में क्या नहीं करें?

प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने तक गर्भवती महिला के लिए जरुरी होता है की महिला अपना ध्यान अच्छे से रखें। क्योंकि प्रेगनेंसी महिला के लिए जितना ख़ुशी भरा समय होता है उतना ही नाजुक समय भी होता है। साथ ही महिला जितना अच्छे से अपना ध्यान रखती है उतना ही गर्भ में पल रहे शिशु के विकास को बेहतर होने में भी मदद मिलती है।

ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान महिला और शिशु को कोई दिक्कत नहीं हो इसके लिए महिला को प्रेगनेंसी के दौरान क्या क्या करना चाहिए और क्या क्या नहीं करना चाहिए इसकी पूरी जानकारी इक्कठी कर लेनी चाहिए। ताकि प्रेगनेंसी के दौरान माँ व् बच्चे को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो। तो आइये अब इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे कामों के बारे में बताने जा जा रहे हैं जो गर्भवती महिला को बिल्कुल भी नहीं करने चाहिए।

उन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करें जिनसे आपको दिक्कत हो

प्रेगनेंसी के दौरान गर्म तासीर वाली चीजें, कच्चा पपीता, करेले के बीज, अधिक मात्रा में बैंगन, आदि का सेवन महिला को नहीं करना चाहिए। क्योंकि इन सभी चीजों का सेवन करने से गर्भ को नुकसान पहुंचा सकता है जिससे गर्भपात, समय से पहले डिलीवरी का खतरा रहता है। इसके अलावा महिला को उन चीजों का सेवन भी नहीं करना चाहिए जिससे महिला को एलर्जी या अन्य किसी सेहत सम्बन्धी परेशानी होने का खतरा होता है।

भारी चीजें नहीं उठायें

गर्भावस्था के दौरान महिला को भारी चीजें नहीं उठानी चाहिए क्योंकि ऐसा करने से महिला के पेट पर दबाव पड़ता है जिसके कारण महिला को ब्लीडिंग, गर्भपात, समय से पहले डिलीवरी, पीठ में दर्द आदि होने का खतरा होता है। भारी चीजों को उठाने के साथ महिला को भरे चीजों को सरकाना भी नहीं चाहिए।

सीढ़ियां चढ़ने से बचें

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अधिक सीढ़ियां भी नहीं चढ़नी चाहिए और ज्यादा तेजी से भी सीढ़ियां नहीं चढ़नी चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से पेट को झटका लगने, गिरने आदि का डर होता है जिससे माँ व् बच्चे दोनों को दिक्कत हो सकती है।

नशीले पदार्थों से दूर रहें

गर्भवती महिला को धूम्रपान, अल्कोहल व् अन्य नशीले पदार्थों का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि इन सभी चीजों का सेवन करने से गर्भवती महिला व् गर्भ में पल रहे शिशु को दिक्कत होने का खतरा होता है। साथ ही प्रेग्नेंट महिला को उस जगह पर जाने से भी बचना चाहिए जहां पर इन चीजों का सेवन कोई कर रहा होता है।

लम्बे समय तक एक ही पोजीशन में नहीं खड़ी रहें

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को लम्बे समय तक एक ही जगह पर खड़े नहीं रहना चाहिए और न ही एक जगह लम्बे समय तक खड़े रहकर काम करना चाहिए। क्योंकि लम्बे समय तक एक ही पोजीशन में खड़े रहने से प्रेगनेंसी के दौरान महिला को पेट दर्द, पैरों में सूजन, पीठ में दर्द, जैसी समस्या हो सकती है। साथ ही महिला को गर्भपात, समय से पहले डिलीवरी जैसी दिक्कत होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

घर के इन कामों को करने से बचें

गर्भवती महिला को झुककर झाड़ू लगाने से बचना चाहिए, पैरों के भार बैठकर या खड़े होकर पोछा लगाने से बचना चाहिए, बाथरूम साफ करने से बचना चाहिए, किचन की शेल्फ से सटकर काम करने से बचना चाहिए, गैस के पास ज्यादा देर खड़े रहकर काम नहीं करना चाहिए, पालतू जानवर के काम को करने से बचना चाहिए, घर के जिन कामों को करने के लिए केमिकल युक्त चीजों का इस्तेमाल करना पड़े उन्हें करने से बचना चाहिए, आदि। क्योंकि इन सभी कामों को करने से महिला को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रेवल करने से बचें

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को यात्रा करने की भी मनाही होती है क्योंकि ट्रेवल करते समय लम्बे समय तक एक ही पोजीशन में रहने और ट्रेवल करते समय झटका आदि लगने के कारण महिला को दिक्कत होने का खतरा होता है। ऐसे में जितना हो सके गर्भवती महिला को ट्रेवल करने से भी बचना चाहिए।

दवाइयों का सेवन

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवाई का सेवन भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि बिना डॉक्टरी सलाह के दवाइयों का सेवन करने के कारण गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में रूकावट होने का खतरा होता है।

टेंशन नहीं लें

गर्भावस्था का समय थोड़ा परेशानी भरा जरूर होता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की महिला टेंशन में रहे। क्योंकि महिला का ज्यादा टेंशन लेना महिला और बच्चे दोनों की दिक्कत को बढ़ा सकता है।

पेट या पीठ के बल नहीं सोएं

गर्भावस्था के दौरान महिला को पीठ या पेट के बल नहीं सोना चाहिए। क्योंकि पीठ व् पेट के बल सोने के कारण महिला और शिशु को दिक्कत होने का खतरा होता है।

व्यायाम जरुरत से ज्यादा नहीं करें

प्रेग्नेंट महिला को फिट रहने के लिए थोड़ा बहुत व्यायाम जरूर करना चाहिए और वो भी डॉक्टर से राय लेने के बाद, साथ ही महिला को यदि किसी भी तरह की दिक्कत हो जैसे की बॉडी पेन की समस्या हो, चक्कर और उल्टी की समस्या हो तो महिला को बिल्कुल भी व्यायाम नहीं करना चाहिए।

ज्यादा शोर से दूर रहें

गर्भवती महिला को ऐसी जगह पर बिल्कुल नहीं जाना चाहिए जहां शोर अधिक हो क्योंकि प्रेगनेंसी के छठे महीने में शिशु की सुनने की क्षमता बढ़ने लगती है। ऐसे में यदि महिला ज्यादा शोर शराबे वाली जगह पर जाती है तो इसके कारण शिशु की सुनने की क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

ऊँचे चप्पल जूते और टाइट कपडे नहीं पहनें

गर्भवती महिला को ऊँचे जूते चप्पल व् टाइट कपडे नहीं पहनने चाहिए। क्योंकि ज्यादा टाइट कपडे व् ऊँचे जूते चप्पल पहनने के कारण महिला और शिशु दोनों को दिक्कत होने का खतरा होता है।

गर्म पानी से नहीं नहाएं

गर्भावस्था के दौरान महिला को ज्यादा गर्म पानी से भी नहीं नहाना चाहिए क्योंकि गर्म पानी से नहाने के कारण महिला के शरीर के तापमान में फ़र्क़ आ सकता है जिसकी वजह से महिला और शिशु दोनों को दिक्कत होने का खतरा होता है।

मालिश

गर्भवती महिला को गलती से भी प्रेगनेंसी के दौरान पेट की मालिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि इसके कारण पेट पर दबाव बढ़ता है जिसकी वजह से गर्भ में पल रहे शिशु को दिक्कत होने का खतरा होता है।

सम्बन्ध बनाने से बचें

यदि प्रेगनेंसी में महिला को किसी भी तरह की दिक्कत है, ज्यादा उम्र में गर्भधारण हुआ है, गर्भ में एक से ज्यादा शिशु है तो ऐसे कुछ केस में प्रेग्नेंट महिला को सम्बन्ध बनाने से भी बचना चाहिए।

नेगेटिव नहीं सोचें

प्रेगनेंसी के दौरान महिला बिल्कुल भी नेगेटिव नहीं सोचें क्योंकि महिला जितना ज्यादा नेगेटिव सोचती है उतना ही महिला को मानसिक रूप से परेशानी होती है जिससे शिशु महिला को सेहत सम्बन्धी परेशानी अधिक होने के साथ शिशु को भी दिक्कत होने का खतरा होता है।

डाइट नहीं करें

गर्भावस्था के दौरान महिला का वजन बढ़ना आम बात होती है ऐसे में महिला को वजन कम करने के लिए डाइट बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। क्योंकि यदि महिला अपनी डाइट अच्छे से नहीं लेगी तो इसकी वजह से शरीर में पोषक तत्वों की कमी होगी जिसके कारण माँ व् बच्चे दोनों दिक्कत होने का खतरा रहता है।

उपवास करने से बचें

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को भूखे प्यासे रहने वाले उपवास नहीं करने चाहिए साथ ही महिला को यदि सेहत सम्बन्धी दिक्कतें है तो कोई भी उपवास नहीं करना चाहिए।

डॉक्टर की जांच में लापरवाही

गर्भवती महिला को डॉक्टर से सभी रूटीन चेकअप, टेस्ट, अल्ट्रासॉउन्ड आदि समय से करवाने चाहिए साथ ही डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों का सेवन भी समय से करना चाहिए। क्योंकि यदि गर्भवती महिला जांच में लापरवाही करती है तो इसके कारण यदि महिला को कोई दिक्कत होती है तो वह बढ़ सकती है जो बाद में गंभीर समस्या का रूप ले सकती है।

नींद में लापरवाही

प्रेग्नेंट महिला को जिस तरह अपने खाने पीने का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए उसी तरह महिला को अपने सोने का भी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि यदि महिला भरपूर नींद नहीं लेती है तो इसके कारण भी गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को दिक्कत होने का खतरा रहता है।

तो यह हैं कुछ काम जिन्हे करने से गर्भवती महिला को बचना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान कुछ भी करने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए की महिला को कर रही है वो सही है या नहीं। क्योंकि जितना महिला प्रेगनेंसी के दौरान सही जानकारी लेती है उतना ही प्रेगनेंसी को आसान बनाने और कॉम्प्लीकेशन्स को कम करने में मदद मिलती है।

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