जन्म के बाद तीन महीने तक बच्चे की केयर करते समय इन 10 बातों का ध्यान रखें

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जो कपल पहली बार माँ बाप बनते हैं उनके लिए बच्चे की शुरूआती दिनों में केयर करना बहुत मुश्किल हो जाता है। क्योंकि उन्हें समझने में समय लगता है की बच्चे की केयर कैसे करनी चाहिए, बच्चा रो क्यों रहा है, बच्चे को कितनी बार दिन में दूध देना चाहिए, आदि। ऊपर से सब लोग बच्चे की केयर के लिए अलग अलग सलाह देते हैं जिससे हो सकता है आप कंफ्यूज हो जाये की आखिर क्या करें और क्या नहीं।

साथ ही बच्चे के जन्म के शुरुआत के दिनों में यदि थोड़ी सी भी लापरवाही बरती जाये तो इसके कारण बच्चे को परेशानी होने का खतरा भी रहता हैं। लेकिन आप घबराइए नहीं क्योंकि आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसी दस छोटी छोटी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका यदि आप ध्यान रखती हैं तो इससे बच्चे को किसी भी तरह की परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

साफ़ सफाई का ध्यान

नवजात शिशु की इम्युनिटी कमजोर होने के कारण शिशु को इन्फेक्शन का खतरा रहता है। ऐसे में नवजात की बेहतर केयर के लिए आपको शिशु के कपड़ों, शिशु के सुलाने की जगह, शिशु यदि बोतल से दूध पीता है उसकी, अपने हाथों की अच्छे से साफ़ सफाई का ध्यान रखें। ऐसा करने से शिशु को इन्फेक्शन से बचे रहने में मदद मिलेगी।

स्तनपान कब कैसे करवाएं

तीन महीने के बच्चे की बेहतर केयर के लिए उसे स्तनपान करवाना भी जरुरी होता है। क्योंकि माँ का दूध बच्चे के बेहतर विकास और बच्चे को बिमारियों से बचाव करने में मदद करता है। ऐसे में बच्चे को सही तरीके से महिला को दूध पिलाना चाहिए और हर दो घंटे के गैप पर बच्चे को स्तनपान करवाना चाहिए।

बच्चे की नींद का रखें ध्यान

छोटे बच्चे जन्म के बाद अधिकतर समय के लिए सोते हैं ऐसे में बच्चे के साथ खेलने के चक्कर में उसे उठाकर नहीं रखें बल्कि सोने दें। क्योंकि जितना बच्चा आराम करता है उतना ही बच्चे को खुश रहने में मदद मिलती है। लेकिन ध्यान रखें की यदि बच्चे को दूध पीये दो से तीन घंटे हो गए हैं और फिर भी बच्चा सो रहा है तो बच्चे को उठाकर उसे दूध जरूर पिलायें।

हर किसी के हाथ में न दे शिशु

तीन महीने के बच्चे के हर किसी के हाथ में नहीं दें क्योंकि इसके कारण बच्चे को दिक्कत हो सकती है क्योंकि हो सकता है जिसे आप बच्चे को उठाने के दें वो व्यक्ति संक्रमित हो या फिर उसे बच्चे को सही से उठाना नहीं आता हो।

टीकाकरण है जरुरी

जन्म के बाद शुरुआत में बच्चे को बिमारियों से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण किया जाता है। ऐसे में आपको भी जन्म के बाद बच्चे के बेहतर विकास के लिए समय से टीकाकरण करवाना चाहिए।

शिशु को उठाने का तरीका

छोटे बच्चे को उठाते समय भी आपको अच्छे से ध्यान रखना चाहिए जैसे की उसके सिर, गर्दन को स्पोर्ट देकर उठाना चाहिए। क्योंकि छोटे बच्चे की गर्दन की मांसपेशियां अभी कमजोर होती है और धीरे धीरे बच्चे की गर्दन सेट होती है

शिशु को नहलाते समय रखें ध्यान

छोटे बच्चे को नहलाते समय ध्यान रखें जैसे की यदि सर्दियां है तो बच्चे को गीले कपडे से साफा कर दें, रोजाना नहीं नहलाएं, पानी के तापमान का ध्यान रखें, आदि। साथ ही नहलाते समय शिशु को कैसे पकड़ना है, कैसे नहलाना है इस बात का भी ध्यान रखें।

डाइपर से जुडी सावधानी

आज कल छोटे बच्चों को डाइपर पहनाने का बहुत चलन है लेकिन इस कारण बच्चा परेशानी अनुभव कर सकता है। जैसे की कुछ बच्चे डाइपर में सुसु नहीं करते हैं, कुछ बच्चों को रैशेस हो जाते हैं, कुछ बच्चे बीच में पॉटी पर देते हैं और आपको पता ही नहीं चलता है जिससे बच्चे को दिक्कत होती है, आदि। ऐसे में बच्चे की बेहतरी के लिए घर में बच्चे को डाइपर नहीं पहनाएं जब घर से बाहर जाना हो तभी बच्चे को डाइपर पहनाएं और थोड़ी थोड़ी देर में डाइपर को चेक करते रहें।

मालिश

छोटे बच्चे की बेहतर केयर के लिए उसकी मालिश जरूर करें, क्योंकि मालिश करने से बच्चे की हड्डियां मजबूत होती है। बच्चे के शरीर में ब्लड फ्लो अच्छे से होता है जिससे बच्चे के बेहतर विकास में मदद मिलती है।

शिशु को बाहर ले जाते समय रखें ध्यान

यदि आप छोटे बच्चे को बाहर लेकर जा रही है तो ध्यान रखें की बच्चे को पूरी तरह से नहीं ढके या अपने आप से बिल्कुल चिपकाकर नहीं रखें। क्योंकि हो सकता है इसकी वजह से शिशु को सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

तो यह हैं कुछ टिप्स जो बच्चे की केयर में आपकी मदद करते हैं साथ ही बच्चे की केयर के लिए आपको एक बात का और ध्यान रखना चाहिए। की संक्रमित व्यक्ति से अपने बच्चे को दूर रखना चाहिए और यदि आप संक्रमित हैं तो अपना समय से इलाज करें और साफ़ सफाई का ध्यान रखें।

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