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प्रेगनेंसी में सम्बन्ध बनाते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए

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प्रेगनेंसी में सम्बन्ध

गर्भावस्था का समय किसी भी महिला के लिए बहुत खास पल होता है, क्योंकि उसके उसके गर्भ में एक नन्ही जान होती है जिससे न केवल महिला शारीरिक रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से भी जुड़ जाती है। तभी तो प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली इतनी परेशानियों के बाद भी महिला के चेहरे पर केवल शिशु के जन्म की ख़ुशी होती है। प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने गर्भवती महिला के लिए ख़ुशी से भरपूर होने के साथ सवालों से भी भरे हुए होते हैं। और उनमे से सबसे अहम सवाल जो की पति और पत्नी दोनों का होता है की क्या प्रेगनेंसी के दौरान सम्बन्ध बनाना सुरक्षित होता है? प्रेगनेंसी में सम्बन्ध बनाने से गर्भ में शिशु को कोई नुक्सान तो नहीं पहुँचता है? आदि।

तो इसका जवाब होता है की प्रेगनेंसी के दौरान सम्बन्ध बनाया जा सकता है, लेकिन जैसे जैसे प्रेगनेंसी के दिन आगे बढ़ते हैं तो महिला का वजन बढ़ने के कारण महिला की परेशानियां भी बढ़ सकती है। ऐसे में जहां प्रेगनेंसी के छठे सातवें महीने तक समबन्ध बनाया जा सकता है। वहीँ प्रेगनेंसी के शुरुआत के दिन और आखिर के समय में सम्बन्ध बनाते समय बहुत सावधानी बरतने की जरुरत होती है, और पहले तीन महीने में तो डॉक्टर सम्बन्ध बनाने के लिए मना भी कर सकते हैं। और वैसे भी यदि प्रेग्नेंट महिला और उनका पार्टनर यदि सम्बन्ध बनाते हैं तो उन्हें बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरुरत होती है। ताकि गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को किसी भी तरह की परेशानी का अनुभव न हो।

प्रेगनेंसी के समय सम्बन्ध बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें

यदि प्रेगनेंसी में किसी तरह की कॉम्प्लीकेशन्स नहीं है, महिला को सम्बन्ध बनाने में कोई भी समस्या नहीं है तो गर्भवती महिला और उनके पार्टनर प्रेगनेंसी के दौरान भी सम्बन्ध बनाने का लुत्फ़ उठा सकते हैं। लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को सम्बन्ध बनाते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आइये जानते हैं।

गर्भवती महिला की स्थिति

गर्भावस्था में यदि महिला को किसी भी तरह की कॉम्प्लीकेशन्स है, किसी भी तरह की शारीरिक समस्या है, पहले गर्भपात हो चूका हो, ब्लीडिंग की समस्या हो, तो ऐसे में प्रेगनेंसी के समय सम्बन्ध बनाने से बचना चाहिए। क्योंकि यदि महिला को किसी तरह की परेशानी होने के बाद भी यदि आप सम्बन्ध बनाते है तो यह गर्भवती महिला की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

महिला की मंजूरी

जो महिलाएं पहली बार माँ बन रही होती है, जिन महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान बहुत अधिक समस्या होती है, ऐसे में हो सकता है की महिला की सम्बन्ध बनाने के प्रति अरुचि उत्पन्न हो जाए। और महिला का सम्बन्ध बनाने का मन न हो तो ऐसे में गर्भवती महिला के साथ किसी भी तरह की जबरदस्ती न करते हुए उनकी मुश्किलों में उनका साथ देना चाहिए, और हो सकता है की जैसे जैसे प्रेगनेंसी आगे बढे वैसे महिला की परेशानी कम हो जाए, और गर्भवती महिला भी सम्बन्ध बनाने का आनंद प्रेगनेंसी के दौरान लेना चाहे।

पेट पर दबाव

प्रेगनेंसी में सम्बन्ध बनाते समय महिला के पेट का खास ध्यान रखना चाहिए की सम्बन्ध बनाते समय महिला के पेट पर किसी भी तरह का जोर न पड़े, महिला को पेट पर दबाव महसूस न हो। क्योंकि पेट पर जोर पड़ने के कारण गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु को भी असहज महसूस हो सकता है।

कुछ नया ट्राई

किसी भी तरह के नए एक्सपेरिमेंट को प्रेगनेंसी के दौरान नहीं ट्राई करना चाहिए। क्योंकि इस दौरान की गई छोटी सी गलती गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकती है।

तेजी

गर्भावस्था के दौरान सम्बन्ध बनाते समय बिल्कुल भी तेजी नहीं करनी चाहिए। क्योंकि तेजी के कारण गर्भाशय को चोट लग सकती है साथ ही गर्भाशय में संकुचन हो सकता है, जिससे गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु को भी नुकसान पहुँच सकता है। ऐसे में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए होश में काम लेना, और धैर्य रखना बहुत जरुरी होता है।

पार्टनर का ध्यान

गर्भवती महिला को अपने पार्टनर के साथ सम्बन्ध बनाते समय इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए की यदि उनका पार्टनर किसी यौन संचारित रोग से ग्रस्त है तो प्रेगनेंसी में उनके साथ सम्बन्ध बनाने से बचना चाहिए।

डॉक्टर की राय

किसी भी तरह की परेशानी से सम्बन्ध बनाते समय प्रेगनेंसी के दौरान बचने के लिए आपको एक बार डॉक्टर की राय भी लेनी चाहिए। क्योंकि डॉक्टर से ज्यादा बेहतर तरीके से गर्भवती महिला की स्थिति को कोई भी नहीं बता सकता है।

प्रेगनेंसी में सम्बन्ध बनाने पर शिशु पर कोई असर पड़ता है?

गर्भवती महिला और उनके पार्टनर यदि प्रेगनेंसी के दौरान सम्बन्ध बनाते समय पूरी सावधानी का ध्यान रखते हैं तो इसके कारण शिशु पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। जैसे की महिला के पेट पर जोर नहीं पड़ता चाहिए, गर्भाशय को चोट नहीं लगनी चाहिए, आदि। साथ ही यदि गर्भवती महिला या गर्भ में पल रहे शिशु को प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की समस्या होती है तो डॉक्टर ही सम्बन्ध बनाने की सलाह नहीं देते हैं। ऐसे में यदि स्वस्थ प्रेगनेंसी है तो बिना डर के प्रेगनेंसी के दौरान भी सम्बन्ध बनाने का पूरा मज़ा लिया जा सकता है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान गर्भवती महिला और उनके पार्टनर को सम्बन्ध बनाते समय रखना चाहिए। ताकि गर्भवती महिला और शिशु को किसी भी तरह की समस्या न हो। साथ ही जितना हो सके पहले तीन महीने में सम्बन्ध बनाने से बचना चाहिए क्योंकि इसके कारण गर्भाशय में संकुचन होने की सम्भावना बढ़ सकती है। जबकि प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में सम्बन्ध बनाना गर्भवती महिला के लिए फायदेमंद भी हो सकता है, क्योंकि गर्भाशय में सनुचान का होना महिला की आसान डिलीवरी में मदद कर सकता है।