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आठवें और नौवें महीने में घर के यह काम करें और यह काम नहीं करें

आठवें और नौवें महीने में घर के यह काम करें और यह काम नहीं करें, प्रेगनेंसी का आठवां और नौवां महीना महिला के लिए बहुत अहम होता है। क्योंकि इस दौरान महिला का वजन बढ़ने, शिशु का विकास बढ़ने के साथ महिला की शारीरिक परेशानियां भी बढ़ सकती है। जैसे की प्रेग्नेंट महिला को सांस लेने में तकलीफ, पेट में और पेट के निचले हिस्से में दर्द, पीठ में दर्द, कब्ज़ की समस्या, ब्रेस्ट में दूध का रिसाव आदि की परेशानी हो सकती है।

और इस दौरान बरती गई थोड़ी सी लापरवाही न केवल गर्भवती महिला की परेशानियों को बढ़ा सकती है। बल्कि इसके कारण समय पूर्व प्रसव जैसी परेशानी का सामना भी महिला को करना पड़ सकता है। ऐसे में घर के किसी भी काम को करते समय पूरी सावधानी का ध्यान रखना जरुरी होता है, और इस बात का ध्यान रखना भी जरुरी होता है की प्रेगनेंसी की आखिरी तिमाही में क्या करें और क्या नहीं करें।

प्रेगनेंसी के आठवें और नौवें महीने के दौरान घर के कौन से काम करने चाहिए

गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान कुछ ऐसे काम हैं जो घर में कर सकती है। लेकिन पूरी सावधानी के साथ तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी के आठवें नौवें महीने में गर्भवती महिला को घर के कौन से काम करने चाहिए।

डस्टिंग

  • घर में डस्टिंग का काम प्रेग्नेंट महिला प्रेगनेंसी के आठवें नौवें महीने में कर सकती है।
  • लेकिन इस बात का ध्यान रखें की मेज पर चढ़कर या ज्यादा ऊँचे सामान तक पहुँचने से बचे।
  • इसके अलावा गीले कपडे से शेल्फ की साफ़ सफाई, चादर बिछाना आदि भी प्रेग्नेंट महिला कर सकती है।

आठवें और नौवें महीने में करें रसोई का काम

  • खाना बनाना, खड़े होकर बर्तन साफ़ करना आदि भी प्रेग्नेंट महिला प्रेगनेंसी के आठवें नौवें महीने में कर सकती है।
  • लेकिन ध्यान रखें की इस काम को करते समय पेट का सहारा लेकर न खड़ी हो।
  • साथ ही ज्यादा लम्बे समय तक एक ही जगह खड़े होकर काम न करें।
  • रसोई में आराम के लिए एक कुर्सी रखें ताकि बीच में जो काम आप बैठकर आप कर सकती हैं वो कर सकें।

झाड़ू लगाना

  • झाड़ू भी प्रेग्नेंट महिला प्रेगनेंसी के आठवें नौवें महीने में महिला लगा सकती है।
  • लेकिन इस बात का ध्यान रखें की झाड़ू को ज्यादा झुकककर न लगाएं।

प्रेगनेंसी के आठवें और नौवें महीने के दौरान घर के कौन से काम नहीं करने चाहिए

गर्भावस्था के आठवें नौवें महीने में घर के कुछ ऐसे काम हैं जो महिला को नहीं करने चाहिए। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के आठवें और नौवें महीने में घर के कौन से काम नहीं करने चाहिए।

  • पैरों के भार बैठकर पोछा लगाना कपडे धोना
  • नोर्मल डिलीवरी के चक्कर कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी के आखिरी समय में पोछा लगाना शुरू कर देती हैं।
  • जो की गलत होता है खासकर पैरों के भार बैठकर पोछा लगाना, कपडे धोना।
  • क्योंकि पैरों के भार बैठकर पोछा लगाने या कपडे धोने से पेट पर दबाव महसूस हो सकता है।
  • जिसके कारण गर्भ में शिशु असहज महसूस कर सकता है।
  • इसके अलावा इस कारण महिला के पेट में दर्द, पीठ में दर्द की समस्या बढ़ भी सकती है।
  • साथ ही प्रेग्नेंट महिला को पोछा लगाने वाले केमिकल के संपर्क में आने से भी बचना चाहिए।

आठवें और नौवें महीने में न करें लगातार खड़े रहकर रसोई का काम

  • प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला रसोई में काम कर सकती है।
  • लेकिन प्रेग्नेंट महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की ज्यादा देर एक ही जगह खड़े नहीं रहना चाहिए।
  • क्योंकि इसके कारण शरीर का पूरा दबाव पैरों पर पड़ता है।
  • जिसके कारण प्रेग्नेंट महिला को जोड़ो में दर्द, पैरों में सूजन जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

आठवें और नौवें महीने में न करें पालतू जानवर का काम

  • यदि आपके घर में कोई पालतू जानवर है तो आपको उसके साथ खेलना, उसे हाथों में उठाना, खाना खिलाना, उसकी साफ़ सफाई करना आदि काम नहीं करने चाहिए।
  • यदि आपके घर में कोई और है तो यह सब काम उसे करने के लिए बोलना चाहिए।

भरी सामान उठाना

  • यदि घर का कोई भारी सामान होता है जिसे आपको उठाना या सरकाना पड़ता है।
  • तो वो काम भी प्रेग्नेंट महिला को करने से बचना चाहिए।
  • क्योंकि इसके कारण भी महिला को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

तो यह हैं कुछ काम जो प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी के आठवें, नौवें महीने में करने चाहिए व् नहीं करने चाहिए। और इन बताओं का ध्यान महिला के लिए रखना बहुत जरुरी होता है। ताकि आठवें या नौवें महीने में महिला या शिशु को किसी भी तरह की दिक्कत न हो।