आयुर्वेद में देसी घी खाने के फायदे

ज्यादातर लोग गाँव में खाने में देसी घी का ही इस्तेमाल करते हैं और पुराने समय में सभी लोग देसी घी को ही सबसे बेहतर मानते थे। लेकिन आज कल के लोग देसी घी का सेवन करने से बचते हैं क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है की देसी घी खाने से उनका वजन बढ़ जायेगा। जबकि आयुर्वेद के अनुसार सही मात्रा में देसी घी का सेवन आपके शरीर के लिए कोई परेशानी पैदा नहीं करता है। बल्कि आपको स्वस्थ व् फिट रखने में मदद करता है।

क्योंकि इसमें पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाले नकली व् मिलावटी देसी घी के कारण आपको ऐसी दिक्कतें हो सकती है। जबकि घर में बनाया गया देसी घी या बाजार से मिलने वाले शुद्ध देसी घी आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है। तो आइये अब आयुर्वेद में देसी खाने के कौन से फायदे हैं जो आपको देसी घी का सेवन करने से मिलते हैं उनके बारे में जानते हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है: आयुर्वेद के अनुसार यदि कोई व्यक्ति रोजाना सुबह खाली पेट शुद्ध देसी घी का सेवन करता है। तो ऐसा करने से उनकी इम्युनिटी बढ़ती है क्योंकि देसी घी में एंटी ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। यदि आप भी ऐसा करते हैं तो ऐसा करने से आपको बिमारियों से बचे रहने में मदद मिलती है।

मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को पोषण देता है: आयुर्वेद के अनुसार घी का सेवन करने से आपकी यादाश्त और बुद्धि को बढ़ावा मिलता है। साथ ही यह आपके मानसिक और भावनात्मक असंतुलन को दूर रखने के लिए फायदेमंद होता है।

पोषक तत्वों के बेहतर तरीके से अवशोषित करता है: घी का सेवन करने से शरीर में पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता को बढ़ती है जिससे आपको फिट रहने में मदद मिलती है।

एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण: घी का सेवन करने से एलर्जी, गठिया जैसे रोगो को नियंत्रित करने में मदद मिलती है, क्योंकि इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी एजेंट मौजूद होते हैं।

गले की समस्या दूर होती है: यदि आपको खांसी, गले में खराश, गले में दर्द की समस्या है तो आपको दो चम्मच देसी घी में एक काली मिर्च, थोड़ी मिश्री, थोड़ा सा अदरक के रस को मिलाकर सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से आपको गले से जुडी समस्या को दूर करने में मदद मिलती है।

खांसी का इलाज: चाहे कितनी ही पुरानी खांसी हो आयुर्वेद के अनुसार यदि आप एक चम्मच देसी घी को गर्म करके उसमे गुड़ को मिलाकर उसका सेवन करते हैं। तो ऐसा करने से आपको खांसी से बचे रहने में मदद मिलती है।

बवासीर का इलाज: रोजाना रात को सोने से पहले एक कप दूध को गुनगुना करके उसमे एक चम्मच देसी घी मिलाकर सेवन करने से बवासीर की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है। और खुनी बवासीर की समस्या से बचने के लिए आपको थोड़े से काले तिल का पाउडर और मिश्री भी मिलानी चाहिए।

आँखों की रौशनी: एक चम्मच देसी घी में थोड़ी सी मिश्री मिलाकर रोजाना सेवन करने से आँखों की रौशनी बढ़ती है।

दुबलेपन की समस्या: नियमित रूप से शुद्ध देसी घी में चीनी मिलाकर खाने से दुबलेपन को दूर करके आपके वजन को सही रखने में फायदा होता है।

हिचकी: यदि आपको हिचकी आ रही है तो आपको उसी समय एक चम्मच देसी घी खाना चाहिए ऐसा करने से आपकी हिचकी रुक जाती है।

माइग्रेन का इलाज: यदि आपको माइग्रेन की समस्या है तो रोजाना अपने नाक में दो चम्मच देसी घी की बूंदे डालें। ऐसा करने से आपको माइग्रेन की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है। आप चाहे तो देसी घी में केसर के रेशे भी मिला सकती है और आपको यह उपाय सुबह खाली पेट करना है।

कोलेस्ट्रॉल: देसी घी का सेवन करने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को घटाने में मदद मिलती है।

कब्ज़ का इलाज: कब्ज़ की समस्या से निजात पाने के लिए रात को सोने से पहले एक चम्मच देसी एक गिलास गर्म दूध में डालकर पीएं। ऐसा करने से सुबह उठकर आपका पेट अच्छे से साफ़ हो जाता है।

हदय स्वस्थ रहता है: देसी घी का सिमित मात्रा में सेवन करने से हदय भी स्वस्थ रहता है क्योंकि इसमें विटामिन के प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है।

हड्डियां मजबूत होती है: देसी घी का रोजाना सेवन आपकी हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता हैं। खासकर बच्चों के बेहतर विकास के लिए बच्चों की डाइट में देसी घी को जरूर शामिल करना चाहिए।

पाचन क्रिया होती है बेहतर: बिना गर्म किये देसी घी का सेवन करने से पाचन क्रिया को दुरुस्त रहने में मदद मिलती है। साथ ही इससे बॉडी में फैट भी नहीं जमता जिससे वजन के ज्यादा बढ़ने की समस्या से बचे रहने में मदद मिलती है।

नशा खत्म होता है: यदि किसी व्यक्ति को बहुत ज्यादा नशा हो गया हो तो उसे दो चम्मच गुनगुने देसी घी में दो चम्मच चीनी मिलाकर देनी चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति का नशा बहुत जल्दी उतारने में मदद मिलती है।

फ़ूड पोइज़निंग: यदि किसी को फ़ूड पोइज़निंग की समस्या हो गई है तो दिन में तीन से चार बार एक चम्मच देसी घी का सेवन करें। ऐसा करने से फ़ूड पोइज़निंग की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है।

स्किन के लिए है फायदेमंद: घी खाने से तो स्किन को पोषण मिलता ही है लेकिन स्किन की घी से मालिश करने से भी स्किन की कोमलता को बरकरार रखने में मदद मिलती है, साथ ही घी से मालिश करने से भी शरीर को मजबूती मिलती है।

जलने पर करें घी का इस्तेमाल: आयुर्वेद के अनुसार यदि आपके शरीर का कोई हिस्सा जल गया है तो तुरंत वहां पर घी लगाने से जलन से रहता मिलने के साथ स्किन फूलने की समस्या से भी बचे रहने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो देसी घी का सेवन करने से आपको मिलते हैं। लेकिन ध्यान रखें की देसी घी खाने के बेहतरीन फायदों के लिए आपको शुद्ध देसी घी का ही सेवन करना चाहिए।