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ये 10 फ़ूड एक से तीन महीने तक प्रेग्नेंट महिला जरूर खाएं

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गर्भावस्था के पहले तीन महीने बहुत ही अहम होते हैं। क्योंकि इस दौरान बॉडी में तेजी से हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण महिला बहुत परेशान हो सकती है। लेकिन इन दिक्कतों के बाद भी प्रेग्नेंट महिला को अपना अच्छे से ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। प्रेग्नेंट महिला के स्वस्थ के रहने के लिए और भ्रूण के शुरुआत से ही बेहतर विकास के लिए खान पान का ध्यान रखना जरुरी होता है। और इस दौरान न केवल समय से खाना जरुरी होता है बल्कि इस दौरान अपनी डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर आहार को शामिल करना जरुरी होता है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे 10 फ़ूड के बारे में बताने जा रहे हैं जो एक से तीन महीने तक प्रेग्नेंट महिला को जरूर खाने चाहिए।

एक से तीन महीने की प्रेगनेंसी में खाएं पालक

  • पालक आयरन, फोलेट, फाइबर, विटामिन सी, विटामिन इ, विटामिन ए जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में विद्यमान होते हैं।
  • फोलेट गर्भ में पल रहे शिशु के तंत्रिका तंत्र, मस्तिष्क के बेहतर विकास के साथ शिशु को जन्म दोष से सुरक्षित रखने में मदद करता है।
  • आयरन बॉडी में खून की कमी को पूरा करने में मदद करता है।
  • फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर काम करने में मदद करता है।
  • विटामिन सी प्रेग्नेंट महिला को संक्रमण से बचाव करने में मदद करता है।
  • इसके अलावा प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में पालक का सेवन करने से और भी फायदे मिलते हैं ऐसे में महिला को पालक का सेवन जरूर करना चाहिए।

दाल

  • प्रोटीन, फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर दालों का सेवन भी प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में जरूर करना चाहिए।
  • क्योंकि प्रोटीन शिशु की मांसपेशियों के बेहतर विकास में मदद करता है।
  • फाइबर महिला की पाचन क्रिया से सम्बंधित समस्या को दूर करने में मदद करता है।
  • इसके अलावा दाल में मौजूद अन्य पोषक तत्व प्रेग्नेंट महिला और शिशु के लिए फायदेमंद होते हैं।

केला

  • केले में विटामिन बी 6 मौजूद होता है जो प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में होने वाली मॉर्निंग सिकनेस की समस्या से प्रेग्नेंट महिला को निजात दिलाने में मदद करता है।
  • इसके अलावा केले का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को ऊर्जा से भरपूर रहने में भी मदद मिलती है।

एवोकाडो

  • फोलेट, फाइबर, प्रोटीन, एंटीऑक्सिडेंट जैसे पोषक तत्व एवोकाडो में भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं।
  • जो भ्रूण के मस्तिष्क और ऊतक विकास में सहायता करने के लिए मदद करते हैं।
  • इसके अलावा यह गर्भवती महिला को हदय सम्बन्धी समस्या, मॉर्निंग सिकनेस जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद करते हैं।

एक से तीन महीने की प्रेगनेंसी में खाएं शकरकंद

  • शकरकंद में विटामिन सी, फोलेट, फाइबर, विटामिन बी 6, पोटेशियम जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं।
  • जो प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में गर्भवती महिला व भ्रूण के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।

लहसुन

  • गर्भावस्था के दौरान बहुत सी महिलाएं हाई ब्लड प्रैशर व् गेस्टेशनल डाइबिटीज़ जैसी समस्या से परेशान हो सकती हैं।
  • ऐसे में इन परेशानियों से बचाव के लिए गर्भावस्था की शुरुआत से ही लहसुन का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
  • लहसुन का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को इन दिक्कतों से बचे रहने में मदद मिलती है।

संतरा

  • प्रेगनेंसी की शुरुआत में बॉडी में हार्मोनल बदलाव बहुत तेजी से होते हैं जिसके कारण प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है।
  • संतरे में विटामिन सी जो की एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट हैं मौजूद होता है।
  • जो प्रेग्नेंट महिला को इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करता है जिससे प्रेग्नेंट महिला को संक्रमण से बचे रहने में मदद मिलती है।

अंडे

  • अंडे में कैल्शियम, प्रोटीन आदि होने के साथ choline नामक पोषक तत्व होता है।
  • जो प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने के साथ भ्रूण के बेहतर शारीरिक व् मानसिक विकास में मदद करता है।

दूध

  • कैल्शियम, प्रोटीन जैसे पोषक तत्व दूध में भरपूर मात्रा में होते है।
  • जिनकी जरुरत प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में प्रेग्नेंट महिला को फिट रहने के साथ भ्रूण के बेहतर विकास के लिए भी होती है।
  • ऐसे में गर्भवती महिला को दूध का सेवन प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में जरूर करना चाहिए।

एक से तीन महीने की प्रेगनेंसी में खाएं बादाम

  • पोषक तत्वों से भरपूर बादाम का सेवन भी प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में जरूर करना चाहिए।
  • क्योंकि बादाम में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं जो गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने के साथ भ्रूण के बेहतर विकास में भी फायदेमंद होते हैं।

तो यह हैं वो आहार जो प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में जरूर खाने चाहिए। ताकि गर्भवती महिला महिला को स्वस्थ रहने के साथ भ्रूण के बेहतर विकास में मदद मिल सकें।

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